रामलला पर कितने बेशकीमती उपहार चढ़े?

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लोगों ने सोने से बने आभूषण, ईंटें और सिक्के राम मंदिर में दान किए हैं। इन सभी को एक साथ सुरक्षित रखना काफी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में मंदिर ट्रस्ट अब इस पूरे सोने को गलाकर इसे एक जगह रखेगा।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के भव्य, अलौकिक कार्यक्रम को सभी ने देखा। राम लला की मूरत श्रृंगार के बाद जीवंत नजर आई। तो चलिए आज हम आपको इस स्टोरी में, रामलला के आभूषणों कितने बेशकीमती है, और क्या-क्या उपहार अभी मिल रहे हैं, वो जानते हैं। साथ ही आगे वाले दान और बचे हुए सोना का क्या होगा, वो भी बताते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चांदी का छत्र लेकर आए। 

धार्मिक मान्यता है कि देवताओं के श्रृंगार में उनके स्वरूप को और निखारने व महिमामंडन करने के लिए चांदी का छत्र भेंट दिया जाता है। चांदी का छत्र देवी-देवताओं के दिव्य शक्ति को भी बताता है और यही वजह है कि पीएम मोदी ने अयोध्या के राजा राम को चांदी का छत्र उनके सम्मान में समर्पित किया है। प्रधानमंत्री को मंदिर के अंदर संतों ने सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप भेंट की थी। लोग बढ़-चढ़कर राम मंदिर पर अपनी श्रृद्धा दिखाकर उपहार दे रहे हैं। 

सबसे ज्यादा सूरत के हीरा कारोबारी दिलीप कुमार ने 101 किलो सोना दिया है, इस सोने का उपयोग राम मंदिर के दरवाजे, गर्भगृह, त्रिशूल, डमरू और स्तंभों को चमकाने में किया गया है। कुल 101 किलो सोने की कीमत करीब 68 करोड़ रुपये है। वहीं, दूसरे नंबर पर कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू हैं। उन्होंने 11.3 करोड़ रुपए का दान दिया है। तीसरे नंबर पर सूरत के हीरा कारोबारी गोविंद भाई ढोलकिया ने 11 करोड़ दान दिया है। साथ ही सूरत के एक हीरा व्यापारी ने अयोध्या राम मंदिर के लिए सोना, हीरे और चांदी से बना 11 करोड़ रुपए का आकर्षित मुकट बनाकर भगवान राम को अर्पित किया है। 6 किलो की वजनी मुकट में साढ़े चार किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है। इस मुकुट में छोटी-बड़ी साइज के हीरे, मणिक, मोती, नीलम रत्न भी लगाए गए हैं। अब ये मुकुट भगवान राम के सिर पर शोभायमान होगा, जिसकी कीमत 11 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसी के साथ ही प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मौजूज रहे पूरे अंबानी परिवार ने 2 करोड़ 51 लाख दान किए हैं। 

सबसे पहले ये बता दें, कि  रामलला की दिव्य मूरत में इस्तेमाल आभूषणों को अध्यात्म रामायण और श्रीमद् वाल्मीकि रामायण के अध्ययन और उनमें बताई गई, श्रीराम की शोभा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। मुकुट में उत्तर प्रदेश के राजकीय चिह्न मछली और राष्ट्रीय पक्षी मोर को भी बनाया गया। मुकुट बनाते समय ध्यान रखा गया है कि भगवान राम एक साढ़े 5 साल के बालक हैं। इसलिए जैसे साढ़े 5 साल तक के बालक की वेशभूषा और आभूषण होते हैं, वैसा ही मुकुट होना चाहिए। भगवान राम के आभूषण बनाने में करीब 15 किलो सोना, करीब 18 हजार हीरे और पन्ना का इस्तेमाल किया गया है। तिलक, मुकुट, 4 हार, कमरबंद, दो जोड़ी पायल, विजय माला, दो अंगूठी समेत कुल 14 आभूषण तैयार कराए गए हैं। 

भगवान राम का मुकुट 1 किलो 700 ग्राम के सोने का बनाया गया है, जिसमें 75 कैरेट डायमंड, लगभग 175 कैरेट Zambian Emerald पन्ना, लगभग 262 कैरेट रूब, माणिक्य लगाया गया है। मुकुट के बीच में भगवान राम के सूर्यवंश के प्रतीक भगवान सूर्य का चिन्ह बनाया गया। मुकुट में लगाए गए हीरे शुद्ध और सैकड़ों साल पुराने हैं, जो पवित्रता और सत्यता का प्रतीक हैं। मुकुट के पीछे का भाग 22 कैरेट सोने का बनाया गया है और लगभग 500 ग्राम वजन का है।

रामलला का तिलक 16 ग्राम सोने का है। इसके मध्य में तीन कैरेट हीरे और दोनों तरफ लगभग 10 कैरेट के हीरे लगाए गए हैं। भगवान राम को एक पन्ना की अंगूठी भी पहनाई गई है, जिसका वजन 65 ग्राम है। इसमें 4 कैरेट हीरे और 33 कैरेट पन्ना लगाया गया है। भगवान के दाहिने हाथ में 26 ग्राम सोने की माणिक्य की अंगूठी है, जिसमें माणिक्य के साथ-साथ हीरे भी लगे हैं। भगवान राम के गले में करीब 500 ग्राम का सोने का हार है। भगवान राम के इस हार में करीब 150 कैरेट माणिक्य और लगभग 380 कैरेट पन्ना लगाए गए हैं।भगवान राम का दूसरा हार पंचलड़ा है। पंचलड़ा का वजन 660 ग्राम है और जिसमें लगभग 80 हीरे, 550 कैरेट लगभग पन्ना लगाए गए है। भगवान राम लला के गले में सबसे बड़ा हार विजयमाला है। इसका वजन लगभग 2 किलो है, जो 22 कैरेट सोने से बना है। साढ़े 5 साल के बाल रूप भगवान राम की कमर को सजाने के लिए 750 ग्राम सोने का कमरबंद बना है, इसमें 70 कैरेट हीरे और करीब 850 कैरेट माणिक्य, पन्ना लगाए गए हैं। राम लाल के नन्हे बाजुओ के लिए 22 कैरेट गोल्ड के 400 ग्राम के बाजूबंद बनाए गए हैं। भगवान राम के नन्हे हाथों में 850 ग्राम के दो कंगन पहनाए गए हैं, जिसमें करीब 100 हीरे और 320 पन्ना माणिक्य लगे हैं।

भगवान राम के नन्हे पैरों के लिए 400 ग्राम सोने के 55 कैरेट हीरे और 50 कैरेट पन्ना आदि जड़ित खडुआ बनाए गए हैं। भगवान राम 5.5 साल के बालक है, तो उनके लिए खिलौने भी है। रामलला के लिए चांदी का घोड़ा हाथी ऊंट झुनझुना लट्टू बनाए गए हैं। भगवान राम के धनुष बाण 24 कैरेट के 1 किलो सोने के धनुष बाण बनाए गए हैं। इसी के साथ ही ये भी जानते हैं, कि जो काफी सोना बच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर में करीब सौ किलो सोना सभी निर्माण के बाद शेष है, और चांदी इससे भी ज्यादा है। अब राम मंदिर के इस खजाने को सुरक्षित रखने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कई लोगों ने सोने से बने आभूषण, ईंटें और सिक्के राम मंदिर में दान किए हैं। इन सभी को एक साथ सुरक्षित रखना काफी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में मंदिर ट्रस्ट अब इस पूरे सोने को गलाकर इसे एक जगह रखेगा।

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