डिजिटल पेमेंट बढ़ा, पर आपत्ति में 15 फीसदी की कटौती, आरबीआई बढ़ाएगा ट्रांजैक्शन चार्ज?

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अगस्त 2016 को देश में UPI को लॉन्च किया गया था और इसके बाद ही सरकार ने नोटबंदी का बड़ा फैसला किया, जो कि यूपीआई के लिए वरदान साबित हुई. UPI आने के साथ ही देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन्स तेजी से बढ़ने लगे, लेकिन कैश ट्रांजेक्शन्स भी कोई गिरावट देखने को नहीं मिली. कैश ट्रांजेक्शन्स कम होने की बजाय सलाना 15 फीसदी की दर से बढ़ रहे हैं. एटीएम का कैश मैनेजमेंट देखने वाली कंपनी सीएमएस का कैश इंडेक्स बताता है कि साल 2016 में यूपीआई आने के बाद भी सात साल में नकदी का चलन 15 फीसदी सलाना की रफ्तार से बढ़ा है. साल 2016-17 में देश में 13.35 लाख करोड़ रुपए की करेंसी चलन में थी, जो कि साल 2023-24 तक आते - आते 35 लाख करोड़ हो गई. इन आंकड़ो से साफ जाहिर है कि देश में लोग नकद को ही नारायण समझ रहे हैं यानि कि कैश को आज भी प्राथमिकता दे रहे हैं.


देश के 23 राज्यों में से 14 राज्यों में नकद निकासी तेजी से बढ़ी है. हालांकि मध्य प्रदेश, केरल, पंजाब, उत्तराखंड में कैश ट्रांजेक्शन्स कम हुए हैं. जबकि दिल्ली में हर एटीएम में पिछले साल से 22.14 फीसदी ज्यादा कैश करीब 33 लाख रुपए हर महीने लोड किए गए.


राज्यवार कैश ट्रांजेक्शन्स पर नज़र डालें तो, कर्नाटक इस मामले में सबसे अव्वल है. इंडेक्स के मुताबिक, कर्नाटक में एटीएम से सबसे ज्यादा कैश निकाला गया. उसके बाद दिल्ली और फिर बंगाल में सबसे ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन्स हुए. साल 2022-23 में कर्नाटक में 1.73 करोड़ रुपए हर महीने कैश निकाला गया. जबकि, साल 2023-24 में ये आंकड़ा बढ़कर 1.83 करोड़ रुपए हर महीने पहुंच गया. वहीं, दिल्ली में साल 2022-23 में 1.49 करोड़ रुपए और साल 2023-24 में बढ़कर 1.82 करोड़ रुपए हर महीने कैश निकाला गया. बंगाल में साल 2022-23 में भी 1.49 करोड़ रुपए और साल 2023-24 में 1.62 करोड़ रुपए हर महीने कैश निकाला गया है. छत्तीसगढ़ मे साल 2022-23 में 1.58 करोड़ रुपए और साल 2023-24 में 1.61 करोड़ रुपए हर महीने कैश निकाला गया. इसके अलावा आंध्र प्रदेश में साल 2022-23 में 1.57 करोड़ रुपए और साल 2023-24 में 1.61 करोड़ रुपए हर महीने कैश निकाला गया.
देश में लगातार बढ़ते कैश ट्रांजेक्शन्स के चलते भारतीय रिजर्व बैंक चाहता है कि एटीएम का नेटवर्क बढ़ाया जाए. इसके तहत सितंबर 2023 से लेकर मार्च 2024 तक 45,000 नए एटीएम का ऑर्डर दिया गया है. साल 2016 के बाद से देश में अब तक 2.25 लाख नए एटीएम लगाए गए. देश में अभी 2.60 लाख एटीएम चल रहे हैं. और इन एटीएम्स में हर महीने 1.43 करोड़ रुपए लोड किए जाते हैं. जबकि साल 2023 में ये राशि 1.35 करोड़ रुपए थी.


इसके साथ ही रिजर्व बैंक ट्रांजेक्शन शुल्क बढ़ाने की तैयारी भी कर रहा है. दूसरी बैंक के एटीएम से पैसा निकालना जल्द महंगा हो सकता है. आरबीआई की कन्नन समिति ने ये शुल्क 23 रुपए तक करने की सिफारिश की है. अभी दूसरी बैंक के एटीएम से हर महीने 3 से 5 ट्रांजेक्शन निशुल्क हैं. साल 2012 में ये शुल्क 18 रुपए था, जिसे साल 2012 में 15 रुपए किया गया था. जो कि आपके मुफ्त ट्रांजेक्शन खत्म होने के बाद हर ट्रांजेक्शन पर लगता था. अभी मौजूदा समय में ये शुल्क 17 रुपए है. लेकिन अब आरबीआई ने इस शुल्क को बढ़ाने का फैसला लेते हुए, 17 से 23 रुपए प्रस्तावित किया है.

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