जानिए पेटीएम को क्यों मिला है नोटिस?

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RBI ने आदेश देते हुए कहा कि 29 फरवरी, 2024 के बाद से पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम अपने खातों या वॉलेट में नई जमा स्वीकार नहीं कर सकता है।

31 जनवरी को RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बैन लगा दिया। RBI ने बताया कि 29 फरवरी 2024 के बाद अकाउंट और पेटीएम वॉलेट में नई जमा राशि स्वीकार नहीं की जाएगी। पेटीएम पेमेंट्स बैंक भारत की सबसे बड़ी भुगतान कंपनियों में है, जिसे लाखों लोग इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद आखिर क्यों RBI ने इसकी कुछ सेवाओं पर बैन लगा दिया है। जिससे पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे लोगों के बीच संशय का माहौल है। और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने भी कैसे पेटीएम के फर्जीवाडे पर केंद्र सरकार को घेरा है। आइए जानते हैं। 

RBI ने आदेश देते हुए कहा कि 29 फरवरी, 2024 के बाद से पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम अपने खातों या वॉलेट में नई जमा स्वीकार नहीं कर सकता है। यानी कि 29 फरवरी से प्लेटफॉर्म नई राशि डिपॉजिट करने, क्रेडिट ट्रांजैक्शन की सुविधा सहित सभी फंड ट्रांसफर की सुविधा बंद हो जाएगी। सेंट्रल बैंक के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल ने प्रेस रिलीज जारी करके कहा कि 29 फरवरी, 2024 के बाद किसी भी कस्टमर अकाउंट, प्रीपेड टूल, वॉलेट, FASTags, NCMC कार्ड आदि में किसी भी ब्याज, कैशबैक या रिफंड के अलावा किसी भी डिपॉजिट या क्रेडिट ट्रांजेक्शन या टॉप अप की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

कस्टमर्स के पास जो प्रीपेड उपकरणों, फास्टैग, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड या फिर कोई राशि बची है तो वो बिना किसी प्रतिबंध के राशि खत्म होने तक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही अगर आपके बचत बैंक खातों, चालू खातों में कोई राशि बची है, तो आप  इसे बिना किसी प्रतिबंध के आसानी के निकाल भी सकते हैं। लेकिन पेटीएम को इस बैन का सामना क्यों करना पड़ा रहा है, आइए वो भी हम आपको बताते हैं। सेंट्रल बैंक के मुताबिक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35A के तहत की गई थी। आरबीआई ने कहा कि उसने मार्च 2022 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक से नए कस्टमर्स जोड़ना बंद करने को कहा था। एक सिस्टम ऑडिट रिपोर्ट ने बैंक में लगातार गैर-अनुपालन और नियमों को फॉलो नहीं करने आरोप लगाया है। जिसके बाद 31 जनवरी को आरबीआई ने लगातार नियमों को न मानने के चलते इसकी सर्विसेज पर बैन लगा दिया गया।

पेटीएम ने अपनी सफाई में कहा था कि वो RBI के निर्देशों का पालन करने के लिए ‘तत्काल कदम’ उठाएगी। अब जाहिर है कि इससे बैंक को जबरदस्त नुकसान झेलना पड़ेगा। आरबीआई की कार्रवाई से पेटीएम को 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की संभावना है। इसके साथ ही पेटीएम ब्रांड One97 Communications Ltd के शेयरो में 20 प्रतिशत की गिरावट भी आई है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘संस्थाओं की स्वतंत्रता को खत्म कर सरकार कैसे देश को बर्बादी की राह पर ले आई है पेटीएम ‘फ्रॉड’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ अखबारों में फुल पेज विज्ञापन देने वाले पेटीएम पेमेंट बैंक के फ्रॉड पर सेबी और आरबीआई जैसे नियामक संस्थान मूक दर्शक बने रहे। जनता की मेहनत की कमाई लूटकर बड़ी बनी बहुत सी कंपनियों को ऐसे ही राजनीतिक संरक्षण ने बचा रखा है। नियामक संस्थानों का पतन, जनता के साथ लूट की गारंटी है। तो प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा- नोटबंदी से पेटीएम को काफी मुनाफा हुआ और विज्ञापनों के मुताबिक इसमें सरकार की मदद भी शामिल थी। जब कंपनी ने बहुत ऊंची कीमत पर अपने शेयर जारी किए तो आम मध्यम वर्गीय भारतीयों ने उन्हें बड़ी संख्या में खरीदा।

उन्होंने ये भी कहा कि लांचिंग रेट से अब तक Paytm का शेयर 75% घाटे में गिर चुका है। खबरों के अनुसार लगभग 18,000 हजार करोड़ का नुकसान बताया जा रहा है। ये उन हजारों-लाखों ईमानदार भारतीयों की कमाई का नुकसान है, जिन्होंने इस कंपनी के शेयर खरीदे थे। मोदी जी के शासन में देश की सभी संस्थाएं नष्ट की जा रही हैं। अगर आज सेबी और आरबीआई स्वतंत्र होते, तो आम भारतीयों के ये पैसे बचाये जा सकते थे। इसी के साथ ही राहुल गांधी का 2016 मे पेटीएम को लेकर दिया बयान भी वायरल है। जिसमें उन्होंने कहा था कि पेटीएम मतलब पेटूमोदी। एक समय पर पेटीएम लोगों के लिए स्टार्टअप का उदाहरण था, तो अब पेटीएम को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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