RBI के एक फैसले से कैसे बर्बाद हुए Kotak Mahindra Bank के हजारों करोड़ ?
RBI के एक फैसले से कैसे बर्बाद हुए Kotak Mahindra Bank के हजारों करोड़ ?
RBI ने निजी सेक्टर के बैंक कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग के जरिए नए क्रेडिट कार्ड और नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया. RBI के इस आदेश के बाद फाउंडर उदय कोटक को भी इस फैसले से बड़ा झटका लगा है. कंपनी के 1 दिन में 39 हजार 768 करोड़ स्वाहा हो गए. यहां तक की उदय कोटक की भी नेटवर्थ में कमी आई है. ऐसा क्यों हुआ. वो इस रिपोर्ट् में समझते है

80 के दशक में गुजरात के एक कारोबारी ने दोस्तों और परिवारवालों संग मिलकर 30 लाख रुपये जुटाए थे और एक निवेश कंपनी की शुरुआत की थी. आगे की यात्रा में देश और दुनिया के बड़े-बड़े इंवेस्टर्स के साथ उनकी साझेदारी हुई और एक दिन नींव पड़ी कोटक महिंद्रा बैंक की. गुजरात के जिस कारोबारी की हम बात कर रहे हैं वो हैं उदय कोटक. जिन्होंने एशिया का सबसे अमीर बैंकर बनने के लिए कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड खड़ा किया, पर अब उनका बैंक गलत कारणों से चर्चा में है. जिसकी वजह कस्टमर्स को 15 अप्रैल को हुई परेशानी है, दरअसल 15 अप्रैल, 2024 को कोटक के कस्टमर्स को को गंभीर असुविधाएं हुईं.

कस्टमर्स उस दिन बैंक के मोबाइल एप्लिकेशन का इस्‍तेमाल करने में असमर्थ थे. उन्होंने अपना असंतोष व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया. कुछ ग्राहकों ने नेट बैंकिंग, UPI और डेबिट कार्ड से लेनदेन ठीक से नहीं होने की भी शिकायत की. एक ग्राहक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनुरोध किया कि समस्या की जल्द से जल्द जांच करें और इसे जल्द ही हल करें. स्क्रीनशॉट भी अटैच किया. हालांकि जैसे ही ये खबर सोशल मीडिया पर छाई तो RBI ने भी Paytm की तरह कोटक महिंद्रा पर निगाहें गढ़ा ली  और बड़ा एक्शन लेते हुए ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग के जरिए नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगा दी है. इसके अलावा बैंक अब अपने ग्राहकों को ऑनलाइन नए क्रेडिट कार्ड भी जारी नहीं कर पाएगा.

 

रिपोर्ट्स की मानें तो RBI ने ये निर्देश बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत जारी किया गया है, जो RBI को ये शक्ति देता है कि वो किसी भी बैंकिंग कंपनी के मामलों को जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक या प्रतिकूल तरीके से संचालित होने से रोक सकता है. RBI का कहना है कि बैंक ने कस्टमर्स की चिंताओं का समयबद्ध तरीके से निपटान नहीं किया, जिससे बैंक की विफलता सामने आई है. इनमें IT इंवेट्री प्रबंधन, उपयोगकर्ता पहुंच प्रबंधन, विक्रेता जोखिम प्रबंधन, डेटा सुरक्षा और डेटा लीक रोकथाम रणनीति और आपदा वसूली क्षेत्रों में गंभीर कमियां और गैर-अनुपालन देखे गए हैं. इसके आगे ये भी कहा है कि वो बीते 2 सालों से इन सभी मुद्दों पर बैंक के साथ लगातार बातचीत कर रहा है. RBI ने ये भी देखा कि हाल ही में बैंक के डिजिटल लेनदेन की मात्रा में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे IT सिस्टम पर भार बढ़ रहा है. 

RBI ने कहा कि उसने ग्राहकों के हित में और किसी भी संभावित परेशानी को रोकने के लिए बैंक पर कुछ व्यावसायिक प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. हालांकि इस पर कोटक बैंक ने स्पष्ट किया कि उसकी शाखाएं नए ग्राहकों को जोड़ना जारी रखेंगी और उन्हें क्रेडिट कार्ड जारी करने के अलावा सभी सेवाएं प्रदान की जाएंगी. और शेष मुद्दों को जल्द हल करने के लिए RBI के साथ काम करना जारी रखेंगे.

 

हालांकि RBI के इस एक्शन से कंपनी को बहुत तगड़ा नुकसान हुआ है. RBI की कार्रवाई के बाद 25 अप्रैल को कोटक बैंक के शेयर में गिरावट देखने को मिली है. बैंक के शेयर 10.85 फीसदी गिरकर 1643 रुपये पर पहुंच गए. शेयर में इस गिरावट के चलते बैंक का मार्केट कैप गिरकर  3,26,615.40  करोड़ पर पहुंच गया.  बुधवार को कोटक महिंद्रा बैंक का मार्केट कैप  ₹3,66,383.76 करोड़ था.  एक दिन में कंपनी को ₹39,768.36 करोड़ का नुकसान हुआ है. यहां तक की कोटक महिंद्रा बैंक के नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर उदय कोटक कंपनी में 25.71 फीसदी की हिस्सेदारी रखते हैं. बैंक के शेयर में आई इस सुनामी का असर उनकी संपत्ति पर भी पड़ा है. कुछ ही घंटों में उन्होंने 10 हजार 225 करोड़ गंवा दिए.

ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक अप्रैल 2024 में उदय कोटक का नेटवर्थ 14.4 अरब डॉलर था. सिर्फ कोटक महिंद्रा ही नहीं बैंक के बड़े स्टेक होल्डर्स को इसका नुकसान हुआ है. कंपनी में 12.82 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले म्युचुअल फंड्स को 5098 करोड़ रुपये का झटका लगा है तो वहीं 6.46 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली LIC को 2569 करोड़ का नुकसान हुआ है.  बता दें देश में कोटक महिंद्रा बैंक 1,780 से ज्यादा शाखाएं, 2,900 से ज्यादा ATM और 73,000 से अधिक कर्मचारी हैं. 

 

कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.