प्रवासियों ने अपने वतन 111 अरब डॉलर भेजकर रच दिया इतिहास

Home   >   धनतंत्र   >   प्रवासियों ने अपने वतन 111 अरब डॉलर भेजकर रच दिया इतिहास

68
views

दूसरे देशों में रह रहे भारतीयों ने दुनिया के किसी भी दूसरे देश के लोगों की तुलना में साल 2022 में 111 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा भारत में पैसे भेजे हैं।

सात समंदर पार दूसरे देशों में रह रहे भारतीयों ने दुनिया के किसी भी दूसरे देश के लोगों की तुलना में ज्यादा पैसा भारत भेजा है। NRI ने साल 2022 में 111 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा भारत में पैसे भेजे हैं। जबकि बाकी देश इसके आसपास भी नहीं हैं। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन की ओर से जारी रिपोर्ट से ये खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 100 अरब अमेरिकी डॉलर का आंकड़ा पार करने वाला पहला देश है।

हमारे देश में एक वक्त ऐसा था जब दुनिया भर से लोग यहां आते थे। चाहे वो सातवीं शताब्दी में चीन से ह्वेनसांग का भारत आना हो, 11वीं शताब्दी में अलबरूनी का या फिर 14वीं शताब्दी में इब्न बतूता का भारत आना हो। हमारे देश की विरासत ऐसी रही है कि दुनिया भर से लोग यहां आते थे। लेकिन समय का पहिया घूमता है और फिर ऐसा घूमता है कि चीजें बिल्कुल उलट हो जाती हैं। वर्तमान समय में ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जब लाखों की संख्या में भारतीय देश छोड़कर विदेश में जाकर काम करते हैं। उन सभी ने भारत में रुपये भेजने के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2024 में बताया गया है कि पलायन कर चुके लोगों की ओर से घर भेजा गया पैसा विकासशील देशों प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI से भी ज्यादा है। साल 2022 में प्रवासियों ने 831 अरब डॉलर घर भेजे हैं, जो साल 2000 की तुलना में 650 प्रतिशत से ज्यादा है। साल 2000 में लोगों ने 102 अरब डॉलर ही घर भेजे थे। बड़ी बात ये है कि इनमें से 647 अरब डॉलर कम और मध्यम आय वाले देशों में भेजे गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी देशों से 30 प्रतिशत पैसा भारत भेजा जाता है। 35 से 36 प्रतिशत जो प्रवासी पैसा भारत भेजते हैं वो अमेरिका, सिंगापुर और ब्रिटेन से आता है। 

भारतीयों का कारनामा

इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने रिपोर्ट में बताया है कि जो लोग अपने देशों से पलायन कर गए हैं, उनकी तरफ से घर भेजा गया पैसा लंबे समय से लो इनकम और मीडियम इनकम वाले देशों के लिए रेवेन्यू का एक बड़ा सोर्स रहा है। विश्व बैंक की ओर से दर्ज की गई पैसे भेजने में तेजी और IOM की स्टडी से पता चलता है कि गरीब अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रवासन कितना जरूरी है। साल 2023 में वर्ल्ड बैंक ने एक डेटा रिलीज कर बताया था कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 12.3 फीसदी ज्यादा रकम भारत भेजी गई, जो कि देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का 3.4 फीसदी है। इसके साथ ही भारत भेजी जाने वाली रकम अब 125 अरब डॉलर हो गई है, जो कि साल 2022 में 111.22 अरब डॉलर थी।

भारत से चीन-फ्रांस पिछड़े

रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में सबसे ज्यादा पैसा भारत, चीन, मैक्सिको, फिलीपींस और फ्रांस में भेजा गया। लोगों ने भारत में 111 अरब डॉलर, मैक्सिको में 61 अरब डॉलर और चीन में 51 अरब डॉलर भेजे हैं। इसी तरह फिलीपींस में 38.05, फ्रांस में 30.04, पाकिस्तान में 29.87, मिस्त्र में 28.33, बांग्लादेश में 21.50, नाइजीरिया में 20.13 और जर्मनी में 19.29 अरब डॉलर भेजे हैं।  साल 2020 की तुलना में 2022 में चीन के लोगों की ओर से पैसे भेजने में गिरावट आई है। दरअसल, साल 2020 में 68 अरब डॉलर के साथ अमेरिका लगातार पैसा भेजने वाले देशों में टॉप पर है। इसके बाद 43 अरब डॉलर के साथ संयुक्त अरब अमीरात दूसरे नंबर पर है। सउदी अरब ने 34.6 अरब डॉलर और स्विट्जरलैंड ने 28 अरब डॉलर भेजे हैं। 

पिछले 12 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!