Loksabha Elections 2024: Punjab को लेकर बीजेपी ने बनाया खास प्लान, जानें किन सीटों पर है चौतरफा मुकाबला ?

Home   >   चुनावपुर   >   Loksabha Elections 2024: Punjab को लेकर बीजेपी ने बनाया खास प्लान, जानें किन सीटों पर है चौतरफा मुकाबला ?

16
views

सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और गुजरात में गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि, पंजाब में दोनों पार्टियां आमने-सामने हैं।

पंजाब में सभी राजनीतिक पार्टियां एकला चलो की राह पर चलकर चुनाव में ताल ठोक रहे हैं यानी पंजाब की राजनीति में इस बार कोई गठबंधन नहीं है। AAP, कांग्रेस (Congress), बीजेपी (BJP) और अकाली दल समेत सभी पार्टियां अकेले दम पर चुनाव लड़ रही हैं। दशकों के साथी अकाली दल और बीजेपी इस बार साथ नहीं हैं। यही स्थिति कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की भी है। दिल्ली में एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहीं ये दोनों पार्टियां पंजाब में एक दूसरे की विरोधी हैं। इस तरह पंजाब में कई सीटों पर चौतरफा मुकाबला हो सकता है।

सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और गुजरात में गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि, पंजाब में दोनों पार्टियां आमने-सामने हैं। अकाली दल और बीजेपी का गठबंधन भी पुराना है। साल 2019 के चुनाव में दोनों पार्टियों ने दो-दो सीटें जीती थीं। लेकिन, कृषि कानूनों के मुद्दे पर गठबंधन टूट गया था। पंजाब में बीजेपी 28 साल बाद अकेले चुनाव लड़ रही है और इस वजह से बीजेपी को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2024) में बीजेपी ने पंजाब से भी काफी उम्मीदें लगा रखी हैं। हालांकि, पंजाब में बीजेपी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन 3 लोकसभा सीटें जीतने का ही रहा है। 1998 और 2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी तीन-तीन सीटें जीतने में सफल रही। लेकिन, इस बार बीजेपी पहली बार पंजाब में सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। हालांकि, कुछ किसान संगठनों की ओर से अब तक बीजेपी प्रत्याशियों का ही विरोध किया जा रहा था। लेकिन, अब आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों का विरोध भी शुरू हो गया है। जिससे कांग्रेस पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि इसका फायदा पार्टी को मिल सकता है।

हिंदू वोटरों का समर्थन मिलने की उम्मीद ?

पंजाब में सिख अबादी 57.69 फीसदी है और 39 फीसदी आबादी हिंदू है। लेकिन, इसका फायदा बीजेपी को क्यों नहीं मिलता, हमें इसके पीछे की राजनीति को समझना होगा। दरअसल, पंजाब में बीजेपी अब तक शिरोमणि अकाली दल के साथ थी और अकाली दल हमेशा से सिखों की पार्टी रही है। जबकि आजादी के पहले से ही कांग्रेस देश में हिंदुओं की पार्टी रही है। यही वजह है कि पंजाब की लुधियाना सीट कांग्रेस का गढ़ रही है, क्योंकि यहां हिंदू वोटर्स की संख्या 65 फीसदी से ज्यादा बताई जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी भी मुस्लिम टोपी नहीं पहनते, लेकिन हर साल सिख पगड़ी पहने उनकी फोटो जरूर सामने आती है। हाल ही में पीएम मोदी पटना साहिब में लंगर खिलाते हुए नजर आए थे। ऐसे में बीजेपी नेताओं को उम्मीद है कि शिरोमणि अकाली दल से अलग होने के बाद हिंदू वोट कांग्रेस के बजाय बीजेपी के पास आएंगे।

सिखों को लुभाने की कोशिश कामयाब होगी ?

सियासी जानकारों का मानना है कि बीजेपी को लगता है कि करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने, गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों के शहीदी दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने जैसे फैसलों के दम पर भी हिंदू वोटरों का झुकाव उसकी ओर हो सकता है। वहीं, किसानों के मुद्दे पर बीजेपी से नाता तोड़ने वाली शिरोमणि अकाली दल के सामने भी कई तरह की मुश्किलें हैं। राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार है। साल 2019 के चुनाव में आप पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली थी। आप की पूरी कोशिश है कि वो अपना प्रदर्शन सुधारने और ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की पूरी कोशिश कर रही है। इस चुनाव में कांग्रेस पर अपना पिछला प्रदर्शन बरकरार रखने का दबाव है। कांग्रेस पार्टी के लिए पंजाब कितना अहम है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने प्रदेश इकाई के कई नेताओं को चुनाव में उतारा है। 

पूर्व सीएम समेत कई कांग्रेसी नेता बीजेपी में हुए शामिल 

पंजाब के मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर, उनकी पत्नी परनीत कौर और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। हाल ही में लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू भी बीजेपी में शामिल हुए हैं। आम आदमी पार्टी के इकलौते सांसद सुशील कुमार रिंकू ने भी हाल ही में बीजेपी का दामन थाम लिया। उनके साथ जालंधर (पश्चिम) से आप विधायक शीतल अनगुरल भी उनके साथ बीजेपी में आ गए। हालात यहां तक पहुंच गए कि आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज को कहना पड़ा कि बीजेपी पंजाब में ऑपरेशन लोटस चला रही है।

पिछले चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिली ?

कांग्रेस अपने बल पर 8 सीटें जीत गई थी। जिसमें करीब 40 प्रतिशत वोट मिले थे। जबकि सिर्फ 2 सीटों पर जीत हासिल करने वाली अकाली दल ने 27 प्रतिशत वोट हासिल किये थे। इसी तरह बीजेपी ने भी 2 सीटें जीती थीं और करीब 9 प्रतिशत वोट मिले थे। इसके अलावा आम आदमी पार्टी 1 सीट जीतने में कामयाब रही थी और 7 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि बसपा पार्टी कोई भी सीट नहीं जीत सकी थी और 3 प्रतिशत वोट शेयर रहा था। पंजाब की सभी 13 सीटों पर आखिरी चरण में एक जून को वोटिंग है। ऐसे में यहां पर मुकाबला चौतरफा है। लेकिन, पांच सीटें ऐसी हैं जहां बसपा के मजबूत कैंडिडेट और कद्दावर निर्दलीय उम्मीदवारों की एंट्री से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। बहुकोणीय मुकाबले में बीजेपी को सीटों का फायदा होने की उम्मीद की जा सकती है।

इन सीटों पर कई दिग्गज चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल, पंजाब के तीन कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर, लालजीत सिंह भुल्लर और गुरमीत सिंह खुड्डियां के अलावा पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला, बसपा के पंजाब इकाई के प्रमुख जसवीर सिंह गढ़ी, पूर्व विधायक जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू और पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा भी शामिल हैं। 

पिछले 12 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!