'OMG-' का असर महाराष्ट्र की एजुकेशन सोसायटी ने सिलेबस में शामिल होगा ‘सेक्स एजुकेशन’

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अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम स्टारर फिल्म ओएमजी-2 जोकि सेक्स एजुकेशन पर फोकस रखती है कि सेक्स एजुकेशनल स्कूल सिलेबस का हिस्सा होना चाहिए, तो उसका असर देखने को मिल रहा है। इंडिया में एक स्कूल ने सेक्स एजुकेशन को सिलेबल में शामिल करने का फैसला किया है, साथ ही अक्षय कुमार के फैंस फिल्म के लिए पेटीशन भी कर रहे है।

फिल्म ओएमजी-2 में एक्टर पंकज त्रिपाठी कांति शरण मुदगल के रोल में है। ये रोल ऐसे पिता का है, जो स्कूल सिलेबस में सेक्स एजुकेशन क्यों नहीं है और सेक्स एजुकेशन को सिलेबस में क्यों होना चाहिए, इस बात को सभी के सामने रखते हैं। काफी सामाजिक निंदा और संघर्ष के बाद फिल्म में उनकी जीत होती है, और अब असलियत में भी कुछ ऐसा ही हुआ है।

दरअसल, मुंबई के करीब उल्हासनगर में एक एजुकेशन सोसाइटी ने भी फैसला किया है कि वो अपने स्कूलों में बच्चों के सिलेबस में इस साल से सेक्स एजुकेशन को शामिल करने जा रहे हैं। वैसे बता दें, कुछ दिन पहले वहां की सिंधू एजुकेशन सोसाइटी ने फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी। जिसमें 15 स्कूलों के प्रिंसिपल्स, 184 टीचर्स और लोकल MLA के साथ फिल्म के डायरेक्टर अमित राय को भी इनवाइट किया गया था।

स्क्रीनिंग के बाद लोगों ने फिल्म की तारीफ की। इस मौके पर डायरेक्टर अमित राय ने फिल्म बनाने का मकसद पूरा हो गया है, ये बात कही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा मुझे खुशी है कि फिल्म में दिखाए सब्जेक्ट को गंभीरता पूर्वक लिया जा रहा है। ये एक ऐसा मोमेंट है, जिसे मैं हमेशा संजोकर रखना चाहता हूं। मुझे खुशी है कि फिल्म न सिर्फ कमर्शियली अच्छा प्रदर्शन कर रही है, बल्कि हमारा संदेश बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच गया है। इसकी वजह से हम अपने चारों तरफ बदलाव होते देख रहे हैं। इससे अधिक संतुष्टि क्या हो सकती है

वैसे एक बात यहां क्लियर कर देना जरुरी है कि सेक्स एजुकेशन में हेल्दी रिलेशनशिप के बारे में बताया जाता है। किशोरों को फिजिकल, इमोशनल और मेंटल हेल्थ की जानकारी दी जाती है। उनके शरीर में हो रहे बदलावों के बारे में बताया जाता है, ताकि बच्चे भटकें नहीं साथ ही जानकारी हासिल करने के लिए कोई गलत रास्ता न पकड़ें, गलत जानकारी कैसे एक होनहार बच्चे को मेंटली टॉर्चर कर सकती है और वो अचानक से कैसे गुमसुम हो सकता है, फिल्म के माध्यम से इसे दिखाने का सराहनीय प्रयास किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो, भारत में 10 से 19 साल के बीच 25 करोड़ से ज्यादा यंगस्टर्स हैं। मनोचिकित्सक ऐसा मानते हैं कि इस उम्र में बच्चे बहुत कुछ जानने का प्रयास करते है, जिसमें खुद की सेक्सुअलिटी के बारे में जानने की कोशिश भी शामिल है।

सेंसर बोर्ड के ए सर्टिफिकेट के चलते 18 साल से कम उम्र के बच्चे फिल्म नहीं देख सके। जबकि एक्टर अक्षय कुमार और पंकज त्रिपाठी चाहते थे कि ये फिल्म 13 से 17 साल के बच्चों को दिखाई जाए। तो अब अक्षय कुमार के कई फैनक्लब ने सोशल मीडिया पर एक तरह की पीटिशन शुरू की है, जिसमें सेंसर बोर्ड से दोबारा सोचने और सर्टिफिकेट को यू/ए में बदलने का आग्रह किया गया है।

एक फैनक्लब 'अक्किस्तान' ने 'अनम्यूट सेक्स एजुकेशन: स्टॉप सेंसरिंग, स्टार्ट एजुकेटिंग' नाम से एक याचिका शुरू की है। इसमें कहा गया है कि 14 हजार से ज्यादा लोग पहले ही इस पर साइन कर चुके हैं।

टविटर पर इस फैन क्लब के साथ कई फैन क्लब इस मामले में एक्टिव है, जो लगातार ट्वीट भी कर रहे है और कैसे फिल्म की कमाई में उछाल जारी है, इस पर फिल्म मेकर्स को बधाई भी दे रहे हैं। फिल्म पर सेंसर बोर्ड ने 27 कट्स भी लगाए थे। 

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