कैसे शुरू हुआ बॉलीवुड में सीक्वल फिल्मों का चलन?

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जब भी कोई फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित होती है तो मेकर्स अक्सर उस फिल्म का सीक्वल बनाते हैं। 11 अगस्त को भी दो बड़ी फिल्में रिलीज होने जा रहीं हैं। गदर-2 और ओएमजी-2। इन फिल्मों के अलावा स्त्री-2,टाइगर, भूल भुलैया, गोलमाल 5 , हाउसफुल 5, फुकरे 3, पुष्पा 2, वॉर 2 कई फिल्मों के सीक्वल आने की एनाउंसमेंट भी हो चुकी है, लेकिन सीक्वल्स का चलन कैसे शुरू हुआ, क्या आप ये जानते हैं?

साल 1935 में डायरेक्टर होमी वाडिया की फिल्म हंटरवाली आई थी, जिसका अगला पार्ट साल 1943 में हंटरवाली की बेटी रिलीज किया गया, जिसमें नाडिया एक बार फिर से लीड रोल में नजर आईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये ऐसी पहली फिल्म थी, जिसका सीक्वल बना। वैसे बता दें, नाडिया को पहली फीमेल लीड कहा जाता है, जिन्होंने ऑनस्क्रीन पहली बार स्टंट किया था। हंटरवाली में नाडिया का स्टंट काफी पसंद किया गया था, इसके बाद उन्हें स्टंट फिल्मों के और ऑफर्स भी आने लगे थे।

 खैर, फिर 60 का दशक आते-आते सीक्वल बनने का दौर थमने लगा, लेकिन  साल 1967 में देव आनंद की ज्वेलथीफ आई। जिसके बाद इसका अगला पार्ट रिटर्न ऑफ ज्वेलथीफ 1996 में रिलीज किया गया। इसके बाद तो सीक्वल फिल्मों के रिलीज की लंबी लिस्ट है और कई ऐसी ब्लॉकबस्टर फिल्में रही हैं जिनके सीक्वल को भी ऑडियंस ने पहली फिल्म जितना ही प्यार दिया था। वहीं कुछ ऐसी भी सीक्वल फिल्में हैं जिन्होंने पहले पार्ट के अनुभव को भी बिगाड़ डाला।

किसी भी फिल्म का सीक्वल बनाए जाने की सबसे बड़ी वजह मेकर्स के लिए पहली फिल्म की अच्छी कमाई होती है। रोहित शेट्टी ने कहा था कि जब कोई फिल्म अच्छी कमाई करती है, तो उसके सेकेंड पार्ट को बनाने पर विचार किया जाता है। हालांकि ये फॉर्मूला हर फिल्म के साथ फिट हो जरुरी नहीं, जैसे 2014 में सिद्धार्थ मल्होत्रा स्टारर एक विलेन हिट रही थी, तो वहीं अर्जुन कपूर स्टारर एक विलेन रिटर्न्स जब साल 2022 में आई, तो वो फ्लॉप रही थी। ऐसे ही और भी कई फिल्मों के उदाहरण हैं, जैसे बंटी और बबली-2, तुम बिन-2, सड़क-2, फोर्स-2 जैसी और भी कई फिल्में हैं। 

इसी के साथ ही अगर मेकर्स के पास कोई ऐसी फिल्म है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी दिखाना हो, तब भी सीक्वल फिल्में अच्छा माध्यम रहती हैं। एसएस राजामौली की बाहुबली और मणि रत्नम की पीएस-2 इसका सटीक उदाहरण हैं, जिन्हें लोगों ने न सिर्फ पसंद किया बल्कि फिल्म के सेकेंड पार्ट का इंतजार भी किया। इसी के साथ ही अगर किसी फिल्म की कहानी बड़ी है तो भी फिल्म को पार्ट्स में बनाया जा सकता है। जैसे हाल ही में एसएस राजामौली ने कहा कि वो महाभारत पर फिल्म बनाना चाहते हैं, लेकिन वो इसे 10 भागों में बनाएंगे। न सिर्फ फिल्म बल्कि कई सीरीज और टीवी शोज भी पॉपुलैरिटी के बाद सेकेंड पार्ट में आते हैं। 

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