Most Strange Tea’s : भैंस के गोबर तो कहीं बिल्ली के मल वाली चाय

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'...सबको एक सा सुकून देती है!'

अपनों को अपनों से जोड़ती है। गिले-शिकवे मिटाकर रिश्तों को मजबूत करती है इसकी एक प्याली दोस्ती के न जाने कितने किस्से-कितनी यादें गढ़ती है। मोहब्बत की शुरुआत भी इसी के नाम से होती है। अगर सुबह-सुबह गर्मागर्म मिल जाए तो पूरा दिन बन जाता है। फाइफ स्टार होटल हो या फिर हो गली का नुक्कड़, इसे पीने वाला नजर आ ही जाता है। अमीरी और गरीबी नहीं देखती, साहब! ये चाय है, सबको एक सा सुकून देती है! चाय - पानी के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पदार्थ। दुनियाभर के अरबों लोग इसे पीने का शौक रखते हैं। चाय की तमाम तरह किस्में हैं जिसे गिन पाना संभव नहीं है।

अलग-अलग जगह, अलग-अलग वैरायटी

भारत में भी चाय के तमाम रूप हैं। कश्मीर का कहवा या फिर असम का रोंगा साह। बंगाल की लेबूचा या फिर हिमाचल का कांगड़ा, हैदराबाद की ईरानी हो या फिर केरल की सुलेमानी ये सब अलग-अलग मसालों और जड़ी-बूटियों से मिलकर बनाई जाती है। आज हम चीन के इन्वेंशन चाय की उन किस्मों में के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में जानकर अपको बेहद हैरानी होगी।

'पांगा गोबर चाय' (अरुणाचल प्रदेश)

अरुणाचल प्रदेश में एक चौका देने वाली चाय पी जाती है, जिसे पांगा गोबर चाय कहते हैं। इसे बनाने के लिए चाय की पत्तियों को पानी और भैंस के गोबर में पकाया जाता है। माना जाता है कि इस चाय में कई औषधीय गुण होते हैं।

'पो चा' या 'बटर टी' (तिब्बत और नेपाल)

तिब्बत और नेपाल के पहाड़ी इलाकों में चाय को एक नया स्वाद दिया जाता है। इसे 'पो चा' या 'बटर टी' के नाम दिया गया है। इस अनोखी चाय को बनाने के लिए नमक, याक के दूध से बने मक्खन और चाय की पत्तियों को एक साथ मथा जाता है। ऐसा करने से एक मलाईदार मिश्रण तैयार होता है, जो पहाड़ों की कठोर ठंड में शरीर को गर्मी पहुंचाता है।

'बग-पूप टी' (इंडोनेशिया)

इंडोनेशिया में एक अजीबो-गरीब चाय का पी जाती है। जो बेहद दुर्लभ और महंगी होती है। इस चाय को 'बग-पूप टी', 'कोपी-लूवक' और 'सीविट-कॉफी' भी कहते हैं। इस चाय को बिल्लियों की एक प्रजाति सिविट के मल से बनाया जाता है। ये बिल्ली कॉफी बीन्स को खाती है और मल त्याग के बाद इन बीन्स को जमा करके सुखाया और पीसा जाता है। देखा जाए तो ये चाय के बजाए कॉफी है, लेकिन लोग इसे चाय भी कहते हैं।

'चीज वाली चाय' (चीन)

चीज दूध से बना हुआ एक स्वादिष्ट फर्मेंटेड जिसे कई तरह के व्यंजनों में मलाईदार स्वाद जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, कुछ लोग इसे चाय में भी शामिल करने लगे हैं। दरअसल, एशिया के कई देशों में पिछले कुछ सालों से चीज से बनी चाय की पॉपुलैरिटी बढ़ रही है। इस अनोखी चाय के ऊपर चीज के फोम की एक परत रखी जाती है।

'टमाटर की चाय' (मोरक्को)

टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जिसका स्वाद खट्टा और मीठा होता है। इसकी मदद से मोरक्को में चाय भी बनाई जाती है। अफ्रीका के इस देश में टमाटर के खट्टे-मीठे स्वाद को पुदीने के ताजगी देने वाले स्वाद के साथ मिलाकर चाय तैयार की जाती है। टमाटर मोरक्को के खान-पान में बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसलिए टमाटर को यहां चाय में भी शामिल कर लिया गया था।

'सिल्वर टिप्स इम्पीरियल' (दार्जिलिंग)

दार्जिलिंग की सिल्वर टिप्स इम्पीरियल चाय दुनिया की सबसे महंगी चाय में से एक है। पूर्णिमा की चांदनी रात में ही तोड़ा जाता है वो भी लोग तोड़ते हैं जिनका ताल्लुक मकाईबाड़ी चाय बागान से होता है। इसका उत्पादन सिर्फ 100 से 150 किलो ही होता है। अमेरिका, जापान, ब्रिटेन के खरीदार इसे ले जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि ब्रिटिश राजघराना इस चाय का दीवाना है। साल 2014 की नीलामी में ये चाय 1.53 लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकी थी।

सबसे ज्यादा उत्पादन चीन में

भारत में चाय का उत्पादन असम, केरल और पश्चिम बंगाल में होता है। एक वेबसाइट की खबर की मुताबिक चाय का उत्पादन विश्व में सबसे ज्यादा भारत में किया जाता था लेकिन अब चीन पहले नंबर पर है। चाय का सबसे ज्यादा निर्यातक देश श्रीलंका है। यहां तक की श्रीलंका की राष्ट्रीय आय भी चाय के निर्यात से चलती है।

हर चाय का अपना फायदा

Green Tea : सिरदर्द, पाचन से जुड़ी समस्या से देती राहत।

Oolong Tea : हार्ट से संबंधित रोग कम करने में मददगार।

White Tea :  कैविटी, इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा करती कम।

Pu-erh Tea : पेट से जुड़ी समस्याओं में दिलाती राहत।  

Herbal Tea : वजन घटाने में कारगर।

Chamomile Tea : इम्यूनिटी करती मजबूत।

Peppermint Tea : उल्टी से देती राहत।

Ginger Tea : एसिडिटी, पेट दर्द में फायदेमंद।

Hibiscus Tea : मानसिक तनाव को करती कम।

Lemon Tea : स्किन के लिए बेहद लाभदायक।

चाय में दूध नहीं मिलाएं!

हालांकि ये सभी लाभ आप तभी ले सकते हैं जब खाने से पहले और बाद में कम से कम एक घंटे तक चाय न पीएं। चाय में दूध नहीं मिलाएं या फिर इसकी मात्रा बेहद कम रखी जाए। अभी कुछ दिनों पहले ही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने गाइडलाइंस जारी की, जिसमें कहा गया कि एक दिन में 300 मिलीग्राम से ज्याद चाय पियेंगे और चाय में ज्यादा दूध डालेंगे तो हार्ट और पेट की समस्या हो सकती है।

चलो ! इस बेफिक्र दुनिया को

खुलकर जी लेते है,

सब काम छोड़ो

पहले चाय पी लेते हैं।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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