साइंटिस्ट का दावा भविष्य में 1,000 साल से ज्यादा जी सकेंगे इंसान | Manchh न्यूज़

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कहते हैं योगियों की उम्र 200, 300 साल से ज्यादा तक होती है। गिनीज बुक रिकॉर्ड के हिसाब से फ्रांस के जीन लुइस कैलमेंट सबसे ज्यादा 122 साल तक जी सके थे, योगियो के बारे में सर्च करेंगे तो आपको त्रैलंग स्वामी का नाम मिल जाएगा, जिनके 280 साल तक जीने की कहानियां सुनाई जाती है। ये तो रही इंसानों की बात जब जीवो में सबसे ज्यादा उम्र की बात करते हैं तो व्हेल की उम्र 200 साल से ज्यादा, शार्क की उम्र 400 साल से ज्यादा और कछुए की उम्र 250 -300 साल तक होने का जिक्र मिलता है। लेकिन अगर हम आप से कहें कि आने वाले समय में इंसान इससे भी ज्यादा 200 साल, 500 साल नहीं बल्कि 1000 साल से भी ज्यादा जी सकेगा, तो चौंक गए न आप आखिर तक हमारे साथ बने रहिए हम आपको बताते हैं कि एक वैज्ञानिक कैसे उम्र बढ़ाने के इस प्रयोग में लगा हुआ है और उसमें उसे कुछ कामयाबी भी मिली है

"मौत का इलाज" ढूंढ रहे वैज्ञानिक 

इस रिसर्च में ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फ्लेमेशन एंड एजिंग के प्रोफेसर जोआओ पेड्रो डी मैगल्हेस भी शामिल हैं। उनका मानना है कि भविष्य में एक समय पर 1,000 साल या उससे ज्यादा का जीवनकाल संभव होगा। इतना ही नहीं, उनका कहना है कि हम तेजी से ऐसे समय के करीब पहुंच रहे हैं, जिसमें उम्र बढ़ने से जुड़ी कुछ कोशिकाओं की रीप्रोग्रामिंग संभव हो सकती है। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्होंने बोहेड व्हेल जोकि 200 साल तक जी सकती है, और चूहे पर बहुत लंबे समय तक जीवित रहने वाले जानवरों के जीनोम की जांच की है।

कहां से आया उम्र को लेकर ये विचार 

जब वो बहुत छोटे थे, तो उनके परदादा की निमोनिया से मौत हो गई थी। जबकि उन्हें बचपन में जब ये ही बीमारी हुई थी, तो पेनिसिलिन की खुराक से वो ठीक हो गए। ये ही कारण है कि उन्होंने कम उम्र में ही सोच लिया था कि उनके जीवन का लक्ष्य बुढ़ापे और मृत्यु पर काबू पाने का है। उन्होंने ये भी बताया कि मृत्यु सबसे बड़ी सच्चाई है, लेकिन अगर वो उम्र बढ़ने का इलाज कर सकेंगे, तो इससे पूरी दुनिया बदल जाएगी।

बढ़ती उम्र को रोक सकता है रैपामाइसिन 

इलाज के बारे में बात करते हुए मैगल्हेस ने रैपामाइसिन का जिक्र किया, जिसे सिरोलिमस भी कहा जाता है। कई रिसर्च में रैपामाइसिन के इस्तेमाल से चूहे जैसे कई जानवरों के जीवनकाल को प्रभावी ढंग से 10 -15 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। इसका इस्तेमाल कैंसर रोगियों के इलाज और अंग प्रत्यारोपण यानी कि Organ transplantation की अस्वीकृति को रोकने के लिए भी किया जाता है। जब उनसे पूछा गया कि कितनी संभावना है कि अगर हमें उम्र बढ़ने से छुटकारा मिल जाएगा तो उन्होंने कहा मैंने वास्तव में वर्षों पहले कुछ गणनाएँ की थीं और पाया था कि यदि हम मानव उम्र बढ़ने का इलाज कर सकें, तो औसत मानव जीवन काल 1,000 वर्ष से अधिक होगा। दुर्घटनाओं और हिंसक मृत्यु को छोड़कर, अधिकतम जीवन काल 20,000 साल तक हो सकता है। वो कहते हैं कि भले ही आप ये पता लगा सकें कि उम्र बढ़ना कैसे काम करता है, हस्तक्षेप विकसित करना आसान नहीं है।  

आपको बता दें कि मैगल्हेस अपनी रिसर्च में "इलाज" शब्द का इस्तेमाल करते हैं और इसका रीजन बताते हैं कि वो उम्र बढ़ने को एक बीमारी के रूप में देखते हैं। वैसे हंटर गैदरर्स पॉपुलेशन यानी कि ऐसी संस्कृति का सदस्य जिसमें भोजन कृषि या पशुपालन के बजाय शिकार, मछली पकड़ने और चारागाह से प्राप्त किया जाता है। इसपर रिसर्च से पता चलता है कि जो लोग बीमारी से बच गए, वो लगभग 70 साल आसानी से जी लेते हैं। कुछ geneticists यानी कि आनुवांशिकीविदों का ये भी मानना है कि हमारा जीनोम विकास करीब 115 सालों के लिए क्रमादेशित हैं।

 

 

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