इंसानों से दूर तालों में बंद सदियों पुरानी रहस्यमयी और शापित किताबों की कहानी

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आपने मार्वल्स की डॉ. स्ट्रेंज मूवी में कुछ शापित और काले जादू से जुड़ी किताबों का जिक्र देखा होगा।  कुछ वैसी ही किताबें असल ज़िंदगी में होती हैं थोड़ा सरप्राइज़िंग जरूर है पर ये बिल्कुल सच है। ये क़िताबें इतनी डरावनी हैं कि इन्हें पढ़ने वालों के साथ भी अजीब सी चीज़ें होने लगती हैं। इसीलिए इन क़िताबों को क़ैद करके आम लोगों से दूर रखा गया है। ऐसी ही 3 किताबों के बारे में हम बताएंगे...

सबसे पहली किताब है नेक्रोनॉमिकन, जिसे बुक ऑफ द डेथ  के नाम से भी जाना जाता है, इसमें मरे हुए लोगों से बात करने का तरीक़ा लिखा है। इसके हर पेज में आपको अजीब-अजीब चीज़ें देखने को मिलती हैं। इस क़िताब को Massachusetts Miskatonic University में लॉक करके रखा गया है। इस बुक को Most Haunted Book of All Time भी कहा जाता है। इसका जिक्र पहली बार साल 1924 में लवक्राफ्ट की सॉर्ट स्टोरी "द हाउंड" में किया गया था, जो कि साल 1922 में लिखी गई थी। 

हमारी दुनिया में रियलम या रियलिटी एक्जिस्ट करते हैं, उनमें से एक है हमारा लिविंग वर्ल्ड और दूसरा है डार्क वर्ल्ड या जिसे राइटर एचपी लवक्राफ्ट ने मिरर वर्ल्ड भी कहा है। ये रियलम हमारे वर्ल्ड के साथ ही एक्जिस्ट करता है लेकिन Without Any medium न कोई हमारे रियलम से मिरर वर्ल्ड में जा सकता है और न ही कोई मिरर वर्ल्ड से हमारे वर्ल्ड में आ सकता है। नेक्रोनॉमिकन बुक ऐसे ही एक पोर्टल की तरह काम करती है। नेक्रोनॉमिकन बुक में कुछ ऐसे ही स्पिरिट रिचुअल्स और सिम्बल्स यूज़ किए गए हैं। जिससे कांडारियन जैसे कुछ इविल डिमन्स हमारी  living World में आसानी से आ सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि नेक्रोनॉमिकन बुक को बनाने के लिए इंसानों की बली चढ़ाकर उनके ब्लड से लिखा गया है। इस बुक में कुछ ऐसे सिम्बल्स और स्पेल्स यानी मंत्र भी हैं, जिनसे इन डिमोन्स को कंट्रोल किया जा सकता है। ये पोर्टल्स तभी ओपेन किए जा सकते हैं जब बुक के सिम्बल्स को ह्यूमन ब्लड टच हो और बुक में लिखे मंत्रों को पढ़ा जाए। कथुलु माइथोलॉजी में नेक्रोनॉमिकन का बहुत ही बड़ा रोल रहा है। एच.पी. लवक्राफ्ट में 18 से ज्यादा स्टोरीज़ में नेक्रोनॉमिकन का जिक्र किया गया है। इसके अलावा द डनविच हॉरर स्टोरी में लवक्राफ्ट ने नेक्रोनॉमिकन के डिमन के बारे में लिखा है जिसे योग सोथोथ के नाम से जाना जाता है। 

अगर नेक्रोनॉमिकन बुक की हिस्ट्री को देखा जाए तो, एच पी लवक्राफ्ट की स्टोरी में ये कहा गया है कि नेक्रोनॉमिकन बुक को 738 AD में Abdul Alhazred ( अब्दुल अलहजर्ड) ने लिखा था । जिसमें डार्क वर्ल्ड में रहने वाले कॉस्मिक क्रिएचर के बारे में लिखा गया है और ये भी कहा जाता है कि इस बुक को लिखने के बाद अब्दुल अलहजर्ड को कुछ इनविजिबल क्रिएचर मारकर खा गए थे। सबसे बड़ा सवाल ये है कि अब्दुल अलहजर्ड को इतने सारे रिचुअल्स और डिमन्स के बारे में पता कैसे चला?

असल में अब्दुल अलहजर्ड 8 सेंचुरी में यमन का रहने वाला था। वो एक वर्ल्ड ट्रैवलर होने के साथ-साथ एंशियंट लैंग्वेज़ को ट्रांसलेट करने में भी माहिर था। जिसकी वजह से वो दुनिया में अलग-अलग जगहों पर जाकर एंशियंट लैंग्वेज़ और सिम्बल्स पर रिसर्च किया करता था। ऐसा माना जाता है कि इन सबके चलते एंशियंट टाइम इंसान कैसे बुरी शक्तियां पाने के लिए डिमन्स को अप्रोच करते थे, ये उसे पता चल गया था। उसने अपनी लाइफ में जितने भी रिसर्च डिमन्स पर की थी, वो सब नोट करता रहता था। और फिर उसके मरने के बाद 950 AD में क्लार्क ऑस्टन स्मीथ और थियोडरस फिलेटस ने अलहजर्ड के अरबी में लिखे गए नोट्स को ट्रांसलेट करके ग्रीक लेटर्स में एक बुक को लिखा था। जिसे नेक्रोनॉमिकन भी कहते हैं। 

1228 AD में ओलस वॉर्मियस नाम के एक प्रीस्ट ने भी इसका लैटिन भाषा में ट्रांसलेशन करके एक वर्जन लिखा था। इसी तरह इस बुक को कई सारी लैंग्वेज में ट्रांसलेट कई कॉपी बनाई गईं थीं, लेकिन इसको पढ़कर होने वाले हादसों को देखते हुए, इसकी सारी कॉपीज़ को चर्च में जला दिया गया था। लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि इसकी ओर्जिनल कॉपी को कभी जलाया नहीं गया या फिर इस बुक ने खुद को रिकवर कर लिया।  

अब बात करते हैं दूसरी किताब के बारे में नेक्रोनॉमिकन के बाद अगर कोई बुक ब्लैक मैजिक की दुनिया में सबसे पॉवरफुल है तो वो द ग्रैंड ग्रिमऑयर है।इसे 16th सेंचुरी के आस-पास लिखा गया था। कहा जाता है कि जिसने इसे लिखा उसे खुद सेटेन के कब्जे में था। शायद यही वजह भी है कि इस किताब को गोस्पेल ऑफ सेटेन भी कहा जाता है। लोगों का मानना है कि इस किताब के अंदर कुछ ऐसे पॉवरफुल मंत्र और रिचुअल्स लिखे हैं जिससे किसी भी डिमन को बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही इसमें ब्लैक मैजिक से जुड़ी कुछ ऐसी चीजें भी लिखी हैं जिससे कि मरे हुए लोगों की आत्मा को बुलाया जा सकता है और उन्हें वापस से जिंदा भी किया जा सकता है। यही वजह है कि ये बुक दुनिया की सबसे पॉवरफुल शापित किताब है। हालांकि आज के दौर में इस बुक को पढ़ पाना पॉसिबल नहीं है, क्योंकि इस बुक को वैटिकन सिटी के किसी सिक्रेट प्लेस पर रखा गया है। इस क़िताब को The Book Of Incredible भी कहते है। इसके बारे में बताया गया है. लोगों का कहना है कि जो भी इसे पूरा पढ़ लेगा उसे अपनी आत्मा बेचनी पड़ेगी। इसी वजह से इस क़िताब को आर्काइव लाइब्रेरी के एक वॉल्ट में बंद करके रखा गया है और ये भी कहते हैं कि इसे बंद करने से पहले कई मंत्र और रिचुअल्स परफॉर्म करके इस बुक को शांत किया गया था। 

इस बुक को दो पार्ट में लिखा गया है, पहले पार्ट की बुक में डेविल को बुलाने और सौदा करने के तरीकों को डिसकस किया गया है, और दूसरे पार्ट की बुक को भी दो पार्ट्स में डिवाइड किया गया है। पहला है सेक्टम रेग्नम जिसमें डेविल के साथ सौदे से जुड़े रिस्क को डिसकस किया गया है। जबकि दूसरे पार्ट आर्ट ऑफ द मैज़िक, आर्ट ऑफ ग्रैंड ग्रिमऑयर में मरे हुए लोगों से बात करने के तरीकों को डिसकस किया गया है। इसके साथ ही इसमें कुछ ऐसे रिचुअल्स और मंत्र लिखे हुए हैं जिसने वशीकरण और खुद को इनविजिबल तक किया जा सकता है। इस बुक में मेनली 9 डिमन्स को डिसकस किया गया है। जिसमें 3 मेजर डिमन लूसिफर (Lucifer), बील्जबब (Beelzebub) और ऐटरॉक्स (Aatrox) हैं और 6 माइनर डिमन्स का भी जिक्र मिलता है। ये बुक बिब्लिकल हिब्रियो और ऐरेबिक लैंग्वेज़ में लिखी गई है। इसका कनेक्शन बिब्लिकल किंग सोलोमन से माना जाता है। इस किताब में डेविल को बुलाते वक्त इविल स्प्रीट्स से सेफ्टी के लिए ट्रेंगल बनाने की रिचुअल्स भी लिखी हुईं हैं। द ग्रैंड ग्रिमऑयर बुक की क्रिएशन का क्रेडिट जॉन बी को भी दिया जाता है, ऐसा माना जाता है कि उन्होंने अपनी लाइफ में सीखे हर तरह के ब्लैक मैजिक का जिक्र इस बुक में किया है। 

थर्ड बुक है कोडेक्स गिगास, जिसे डेविल बाइबल के नाम से भी जाना जाता है। स्वीडिश आर्मी को ये क़िताब वर्ल्ड वॉर के टाइम सिटी ऑफ़ प्लांट को लूटने के दौरान मिली थी। इस 85 किलो की बुक को लेकर वो लोग स्वीडन आ गए। 320 पेज की इस बुक में अब केवल 310 पेजेस ही बचे हैं। इसे जहां रखा गया है, वहां पर Do Not Touch का बोर्ड लगा है।

ऐसी मान्यताएं हैं कि 13th सेंचुरी के आस-पास बेनेडिक्टिन मॉनेस्ट्री के मॉन्क ने इस बुक को लिखा था। इस मॉन्क ने अपने पंथ के कुछ इम्पॉर्टेंट रूल्स को तोड़ा था। जिसके चलते बोहमिया जो कि अब चेक रिपब्लिक का पार्ट है उसके राजा ने उसे दीवारों में चुनवा देने का आदेश दिया, लेकिन दीवार में चुनवाए जाते वक्त उस मॉन्क ने राजा को एक ऑफर दिया कि अगर उसकी जान बक्श दी जाए तो वो बदले में एक ऐसी किताब लिखकर देगा, जिसमें दुनिया का सारा ज्ञान मौजूद होगा। ऐसा कहा जाता है कि राजा ने उसके इस ऑफर को मान लिया और उसे किताब लिखने का आदेश भी दिया। लेकिन एक रात में ऐसी एक किताब को लिखना जिसमें बेसुमार रहस्य हों वो नामुमकिन काम था। तब उस मॉन्क ने डिमन्स में सबसे पॉवरफुल माने जाने वाले लुसिफिर को शैतानी मंत्रों से बुलाया और उससे अपनी रूह का सौदा किया। जिसके बाद लुसिफर ने इस बुक को लिखने में मॉन्क की मदद की। ये बुक 36 इंच लंबी, 20 इंच चौड़ी और लगभग 8.5 इंच मोटी है। इस बुक के पेज़ेस के लिए गधों और घोड़ों की चमड़ी का यूज़ किया गया था और इसका वजन लगभग 85 किलो के आस-पास बताया जाता है। इसे उठाने में कम से कम दो लोगों की जरूरत पड़ती है। साइंटिस्ट का मानना है कि एशियंट टाइम में चमड़े के पन्नों पर ऐसी किताब को महज एक दिन में लिखना नामुमकिन है। अगर दिन-रात एक करके लगातार लिखा जाए तो भी इसे पूरा करने में कम से कम 20 साल का समय लगेगा। हालांकि कुछ Researchers ने इस तर्क को गलत भी ठहराया है। उनका मानना है कि जिस तरह पूरी किताब को एक ही Handwriting Facts में लिखा गया है, उससे इतना तो साफ है कि इसे 20 या 25 साल में नहीं लिखा गया होगा। 

ऐसा माना जाता है कि मध्यकालीन युग की सबसे अनोखी हस्तलिपियों में से एक है, इस किताब में बाइबल के कई उपदेशों को लिखा गया है। इस बुक के कुछ पेज़ेस के बाद डेविल की एक 19 इंच लंबी एक फोटो भी बनी है। इसके अलावा बुक में अजीब किस्म के रिचुअल्स और मंत्र लिखे हुए हैं। जो डेविल से बात करने को लेकर हैं ऐसा ही माना गया है। इस बुक में पहले 320 पेज थे, लेकिन आखिरी के 10 पेज़ेस किसी ने चुरा लिए या गायब हो गए हैं और अब इस बुक में अब केवल 310 पेजेस ही बचे हैं। कई लोगों का मानना है कि क़िताब के आख़िरी के 10 पन्ने डेविल ने ही लिखे थे, तभी वही 10 पन्ने बुक से ग़ायब हैं। उन 10 पन्नों का रहस्य आज भी उसी के पास है जिसने उन पन्नों को चुराया है।

यूं तो किताबें हमारे मानसिक विकास में बहुत मददगार होती हैं। लेकिन आज जिनके बारे में हमने बात की ये किताबें बिल्कुल इसके उलट हैं। इसलिए ऐसी किताबों से दूर रहना ही ठीक है। 

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