Sukha Kahlon, जिसने कम उम्र में ही Punjab से लेकर West Bengal तक दहशत फैलाई !

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बचपन में हर किसी का कोई न कोई सपना होता है, कोई डॉक्टर तो कोई इंजीनियर बनना चाहता है, एक सीधे साधे पंजाबी लड़के का भी ऐसा ही एक सपना था कि वो बड़े होकर विदेश जाएगा, जहां खूब सारी दौलत कमाएगा लेकिन हालात के थपेड़ों ने इस लड़के को शरीफों की दुनिया से निकालकर ऐसी जगह पहुंचा दिया जहां से फिर वो कभी लौट नहीं सका. हां लेकिन इस शरीफ लड़के ने पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल तक अपना ऐसा सिक्का जमाया कि किसी बदमाश की आंख उठाकर बात करने की हिम्मत नहीं पड़ती थी. ये कहानी है उस शरीफ से गैंगस्टर बने लड़के की जिसने कम उम्र में ही वो मुकाम हासिल कर लिया था जिसे कमाने में सालों खर्च हो जाते है. आज कहानी पंजाब के सबसे बड़े गैंगस्टर सुक्खा कहलवां की.

पंजाब, जिसे वीरों की धरती कहा जाता है. जहां कई ऐसे सूरमाओं ने जन्म लिया जिन्होंने न सिर्फ देश में बल्कि पूरी दुनिया में भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया, लेकिन इसी पंजाब में कई ऐसे गैंगस्टर भी आए जिन्होंने अपने नाम की लोगों के दिलों में ऐसी दहशत बनाई जिसने शासन-प्रशासन को भी हैरान कर दिया. ऐसा ही एक गैंगस्टर था जिसका जन्म 21 जून 1987 को  पंजाब के कपूरथला के काहलवां गांव में हुआ. माता-पिता ने बड़े चांव से बेटे का नाम सुखविंदर सिंह काहलवां रखा. वो चाहते थे कि उनका बेटा ठीक से पढ़-लिख ले, ताकि उसे अमेरिका ले जा सके लेकिन नियती को तो कुछ और ही मंजूर था. सुक्खा का परिवार NRI परिवार कहलाता था. पिता भी विदेश जाकर बसना चाहते थे लेकिन वीजा मिलने में देरी की वजह से सुक्खा के पिता गांव में ही खेती बाड़ी का काम करते थे, सुक्खा अपने भाई के साथ गांव में ही पढ़ाई करता था.

 

समय बीतता गया जिंदगी आगे बढ़ती गई इस बीच सुक्खा की उम्र भी करीब 15 साल की हो गई थी. तभी मां-बाप का वीजा अमेरिका के लिए आ गया लेकिन सुक्खा और उसके भाई का वीजा नहीं था क्योंकि सुक्खा का पासपोर्ट अभी तक नहीं बना था जिसकी वजह उसका पिंड यानी गांव में हुआ एक झगड़ा था कहा जाता है कि 15 साल की उम्र में ही दो गुटों के झगड़ों में सुक्खा का नाम पुलिस थाने जा पहुंचा था. यही वो वजह थी जिसके चलते पुलिस वैरिफेकशन में सुक्खा का पासपोर्ट नहीं बन पाया था. लिहाजा सुक्खा के माता-पिता को अपने दोनों बच्चों को यही छोड़कर अमेरिका जाना पड़ा. जैसे फिल्मों में अक्सर देखने को मिलता है कि पुलिस की रिपोर्ट लिखती है तो हीरो की सारी जिंदगी पलट जाती है तो कुछ ऐसा ही हुआ सुक्खा के साथ भी. थाने में लिखी झगड़े की इबारत ने जिंदगी को ऐसा बदला कि गांव का एक पढ़ाकू लड़का गुनाहों के दलदल में धंसता चला गया.

कहा जाता है कि पंजाब में गन कल्चर का ग्लैमैराइज सुक्खा कहलवां ने ही किया था. ये वो गैंगस्टर था जिसने नए जमाने की सबसे कारगर चीज सोशल मीडिया को अपना सबसे कारगर हथियार बना लिया था. सुक्खा फेसबुक पर बहुत एक्टिव रहता था. यहां तक की जेल में रहने के बाद भी वो स्टेटस अपना रोजाना अपडेट करता था. जिसके चलते उसकी फैन फॉलोइंग भी जबरदस्त थी. उस समय लारेंस बिश्नोई उसके गैंग का हिस्सा हुआ करता था. रिपोर्ट्स की मानें तो सुक्खा को गुनाहों की जिंदगी से वापस आने का एक मौका और मिला था जब उसे एक रिसॉर्ट के मालिक की बेटी से प्यार हो गया था. हैसियत में ऊंची होने के बावजूद वो लड़की सुक्खा पर जान छिड़कती थी. सुक्खा की सूरत के अलावा उसकी सीरत से उसे बड़ा लगाव था. सुक्खा ने उस लड़की से शादी कर ली और हिन्दुस्तान से ऑस्ट्रेलिया तक चला गया था. मगर क़िस्मत को ये रिश्ता ज़्यादा मंजूर नहीं था लिहाजा कुछ ही अरसे में सुक्खा का अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ और वो ऑस्ट्रेलिया में सब कुछ छोड़कर वापस जालंधर आ गया

सुक्खा कहलवां पर एक फिल्म भी आ चुकी है जिसका नाम शूटर है इस फिल्म में भी कई ऐसे सीन दिखाए गए है जिससे ये साफ पता लगता है कि सुक्खा कहलवां कितना खतरनाक गैंगस्टर था. एक सीन में तो ये भी दिखाया गया है जब सुक्खा एक अखबार की हेडलाइन को पढ़ता है और बोलता है गोली मारन दे ऑर्डर.... यानी सुक्खा को सरकार की ओर से एनकाउंटर करने का ऑर्डर आया है, सुक्खा इतना खुश होता है कि वो अपने यार दोस्तों से बोलियां डालने को कहता है.

कहा जाता है जब आस्ट्रेलिया से सुक्खा लौटा तो उसकी पूरी जिंदगी बदल चुकी थी. सुक्खा ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर लूटपाट शुरू की और मारपीट का सिलसिला शुरू हुआ. चोरी और लूटपाट के बाद उसे पुलिस ने पकड़ा और पुलिस केस बना, मगर सुक्खा ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा बल्कि जुर्म के दलदल में गहरा उतरता चला गया. हालांकि इस बीच सुक्खा ने लवली बाबा नाम के एक शख्स का मर्डर कर दिया. ये उसके हाथों से हुआ पहला क़त्ल था. इस क़त्ल के बाद सुक्खा पकड़ा जाता है. उसके जेल जाने की ख़बर ऑस्ट्रेलिया में उसकी बीवी को लगती है तो वो ऑस्ट्रेलिया से भारत आती है लेकिन भारत आते ही उसे सुक्खा के कारनामों की ख़बर मिल जाती है तो वो सुक्खा से तलाक लेने की तैयारी में लग जाती है.

India Today की रिपोर्ट की मानें तो सुक्खा अपनी बीवी को बेइंतेहा प्यार करता है लेकिन वो उसकी ज़िंदगी में वापस नहीं आना चाहता था लिहाजा दोनों तलाक़ के लिए रज़ामंद हो जाते हैं. उसके बाद सुक्खा काहलवां गांव छोड़कर जालंधर में आकर रहने लगता है और यहां के कुछ नामी गुंडों के साथ मिलकर अपना गैंग बना लेता है. सुक्खा कि किस्मत भी बहुत बुलंद थी उसने एक नहीं दो नहीं बल्कि 4-4 बार मौत को चकमा दिया था. हालांकि सुक्खा पर पुलिस ने जरूर शिकंजा कसा लेकिन सुक्खा उससे दो कदम आगे निकल जाता एक बार सुक्खा ने यूपी के जाने माने गैंगस्टर यामीन के साथ मिलकर सोना लूटा था. फिर 2013 में सुक्खा की गुनाहों की फेहरिश्त तेज़ी से बढ़ने लगी और पुलिस के रिकॉर्ड में हत्या लूट डकैती के क़रीब 60 से ज़्यादा मामलों की फ़ाइल तैयार हो जाती है एक वक़्त ऐसा भी आता है कि सुक्खा काहलवां पंजाब पुलिस का वॉन्डेट क्रिमिनल बन जाता है. सुक्खा पर कत्ल, हत्या की साजिश, कॉन्ट्रेक्ट किलिंग, रॉबरी और किडनैपिंग के केस शामिल थे.

कहते हैं सुक्खा ने एक बार केवल अपने दांतों से चबाकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी. साल 2000 लेकर 2015 तक पंजाब के साथ-साथ आसपास के राज्यों में सुक्खा आतंक का पर्याय बना रहा. हालांकि वो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता था, सुक्खा उन भटके हुए नौजवानों के लिए हीरो बन चुका था जो गुनाहों के रास्ते को अपनी दुनिया मान लेते है. साल 2015 में पेशी के दौरान सुक्खा ने संजय दत्त के साथ अपनी तुलना करते हुए एक तस्वीर फेसबुक पर अपलोड करी थी, जिसमें लिखा था

ना डर लाली, चाली दा

ना पुलिस दे हूटर दा

एक जट्ट फैन संजय दत्त दा

ते दूजा कहलवां वाले शूटर दा.

वक़्त गुज़रता जा रहा था और सुक्खा जेल से कोर्ट और कोर्ट से जेल लाया ले जाया जाता था लेकिन उसके गैंग का काम चल रहा था. फिर तारीख आती है 21 जनवरी 2015, ये वो दिन था जब सुक्खा को नाभा जेल से जालंधर कोर्ट में पेशी के लिए लेकर जाया जा रहा था. तभी दो लग्जरी कारें गोंडर गैंग के बदमाशों से भरी हुई पुलिस वैन के पास आती है और पुलिसवालों को बाहर निकालकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना सुक्खा पर शुरू कर देते है और करीब 60 से ज़्यादा गोलियां दागते हैं जिसमें सुक्खा की मौके पर ही मौत हो जाती है. इस वारदात का सबसे चौंकानें वाला पहलू ये है कि सुक्खा को मौत के घाट उतारने के बाद भी जब गैंगस्टरों का ग़ुस्सा शांत नहीं हुआ तो वहीं उसकी लाश के पास सारे गैंगस्टरों ने जमकर भांगड़ा किया और पुलिस जीप के ड्राइवर को डंके की चोट पर ऐलान करते हुए कहा कि सबको बता देना कि इस मर्डर का प्लॉट गोंडर गैंग ने ही तैयार किया है. बता दें विक्की गोंडर ने लवली बाबा की मौत का बदला लेने के लिए ये साजिश रची थी. तो कुछ ऐसी थी सुखबीर सिंह कहलवां की कहानी, जिसने 28 साल की उम्र में ही पंजाब से लेकर तमाम राज्यों में अपने नाम की दहशत फैलाई और क्राइम की दुनिया में अपना नाम कमाया

कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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