Brain Stroke : क्या है Stroke जो कभी भी ले सकता है आपकी जान

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हार्ट अटैक की ही तरह इन दिनों स्ट्रोक के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ये एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है जो कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है। बच्चों से लेकर किसी भी उम्र तक के लोगों को भी स्ट्रोक हो सकता है।

 

क्यों होता है हार्ट अटैक?

हार्ट – हमारी बॉडी का एक जरूरी पार्ट। एक पंप की तरह पूरे शरीर में खून की आपूर्ति करता है। हार्ट की कार्डियक मसल्स वक्त-वक्त पर फैलती और सिकुड़ती हैं। शरीर के बाकी अन्य अंगों की तरह इसे भी फैटी एसिड और ऑक्सीजन की जरूरत होती है, जो कि कोरोनरी आर्टरी से पूरी होती है। वहीं, जब कोरोनरी आर्टरी में किसी भी प्रकार की बाधा आती है, तब हार्ट में खून की आपूर्ति में परेशानी होती है, जिससे ऑक्सीजन की कमी होती है। ऐसे में हार्ट की कोशिकाएं मरने लगती हैं। जो दोबारा से नहीं बनती हैं। अगर लंबे वक्त तक आर्टरी में बाधा बनी रही तो खून का प्रवाह रुक जाता है। जिस वजह से हार्ट अटैक आ जाता है।

क्यों होता है ब्रेन स्ट्रोक

हार्ट की तरह ब्रेन को भी ऑक्सीजन की जरूरत होती है। हार्ट से ब्रेन में खून की आपूर्ति की जाती है और ब्रेन में आर्टरी ब्लॉक होने या ब्लीडिंग के कारण जब आपके ब्रेन में पर्याप्त ब्लड फ्लो नहीं होता है। तो ब्रेन सेल्स ऑक्सीजन की कमी से मरने लगते हैं। इस वजह से स्ट्रोक या फिर कहें ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है।

क्या कहती है रिपोर्ट?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक 'हार्ट अटैक की ही तरह इन दिनों स्ट्रोक के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ये एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है जो कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है। बच्चों से लेकर किसी भी उम्र तक के लोगों को भी स्ट्रोक हो सकता है।'

कितने तरह के ब्रेन स्ट्रोक

ब्रेन स्ट्रोक तीन तरह के होते है।

1-इस्केमिक स्ट्रोक

2-ब्रेन हेमरेज

3-ट्रांसिएंट स्ट्रोक

क्या होता है इस्केमिक स्ट्रोक

खून का थक्का जम जाता हैहालांकि इसमें मरीज के दोबारा से ठीक होने की संभावना ज्यादा रहती है।

क्या होता है ब्रेन हेमरेज

दिमाग की नस फटने की वजह से दिमाग में खून बहने लगता हैइसमें दोबारा से पूरी तरह से ठीक होने की संभावना कम होती है।

क्या होता है ट्रांसिएंट स्ट्रोक?

खून का थक्का अपने आप खून में दोबारा से घुल जाता है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है।

किनको सबसे ज्यादा खतरा?  

65 साल की उम्र के बाद इसका खतरा और भी बढ़ जाता है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें दूसरों की तुलना में इसका खतरा ज्यादा होता है। इन लोगों में वो लोग हैं जिनका

·  गलत लाइफस्टाइल

·  शराब पीना

·  हाई ब्लड प्रेशर के मरीज

·  हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज

·  माइग्रेन के मरीज

·  टाइप 2 डायबिटीज

·  धूम्रपान, तंबाकू का इस्तेमाल

·  नशीली दवाओं का सेवन

स्ट्रोक के लक्षणों ?

दुनिया भर में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा स्ट्रोक से ही मौतें होती है। स्ट्रोक के लक्षण होते हैं। 

·  एक तरफ पैरालिसिस होना

·  बोलने में कठिनाई या बोलने की क्षमता खत्म हो जाना

·  ब्लर या डबल विजन (डिप्लोपिया)

·  कॉर्डिनेशन की कमी

·  चक्कर आना

·  उल्टी आना

·  गर्दन में अकड़न

·  व्यक्तित्व में परिवर्तन

·  भ्रम या व्याकुलता

·  दौरे पड़ना

·  मेमोरी लॉस

·  सिरदर्द रहना

·  बेहोश हो जाना

ब्रेन स्ट्रोक के कारण?  

·  एथेरोस्क्लेरोसिस

·  ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर

·  एट्रियल फिब्रिलेशन

·  हार्ट डिफेक्ट (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट या वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट)

·  माइक्रोवस्कुलर इस्केमिक डिजीज

·  हाई ब्लड प्रेशर

·  ब्रेन ट्यूमर (कैंसर समेत)

क्या है उपाये? 

·  जीवनशैली में सुधार

·  स्वस्थ आहार खाएं

·  एक्सरसाइज

·  योगा

·  अच्छी नींद

·  धूम्रपान और तम्बाकू का इस्तेमाल कम या बंद कर दें।

·  नशीली दवाएं और शराब से भी परहेज करें।

·  अपनी मेडिकल कंडीशन को कंट्रोल में रखें। 

Disclaimer: ये जानकारी सिर्फ साधारण सूचना के लिए हैं। इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लें। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा डॉक्टर के पास जाएं, उनसे ही सलाह लें।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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