Idiot Syndrome : कहीं आप IDIOT तो नहीं? जान लीजिए!

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क्या होता है इडियट सिंड्रोम?

इंटरनेट के बिना मौजूदा वक्त की कल्पना करना शायद संभव नहीं होगा। लोग हर छोटी-बड़ी जानकारी के लिए सबसे पहले इसी का ही सहारा लेते हैं। सही जानकारी मिलती है तो ठीक और गलत जानकारी मिलती है ये समस्या का विषय है। खतरा और भी तब बढ़ जाता है जब आप अपनी हेल्थ से जुड़ी जानकारी के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। डॉक्टर से कंसल्ट से लेकर ब्लड टेस्ट कराने तकहर चीज इंटरनेट के जरिए संभव हो गई है। कुछ ऐप ऐसे हैं जो आपको डायबिटीजवजन घटाने और ब्लड प्रेशर की जानकारी भी देते हैं। ऐसे में कई लोग हर मेडिकल जानकारी के लिए इंटरनेट पर निर्भर हो जाते हैं। ये चीज आपको सुनने में साधारण लग सकती हैंलेकिन ये एक सिंड्रोम से संबंधित होता है। जिसे मेडिकल भाषा में इडियट सिंड्रोम कहते हैं। 'इडियट सिंड्रोम' (Internet Derived Information Obstructing Treatment)  जो व्यक्ति की मेंटल कंडीशन से संबंधित है।

इडियट सिंड्रोम के लक्षण?

जब व्यक्ति बीमार होता है तो वो इंटरनेट पर भी अपनी बीमारी के बारे में जानकारी लेने लगता है। जब बीमारी की जानकारी इंटरनेट में कुछ और मिलती है, डॉक्टर कुछ और बताता है तो व्यक्ति परेशान होने लगता है। वो इंटरनेट की जानकारी को सच मान लेता है। इस स्थिति में उसे डॉक्टर की बातों और इलाज पर भरोसा नहीं होता है।

इडियट सिंड्रोम के कारण?

जो निगेटिव इमोशन से डील नहीं कर पाते, रियल लाइफ की प्रॉब्लम से भागते हैं वो इंटरनेट में जानकारी खोजते हैं। डॉक्टर से पूरी जानकारी नहीं मिलना भी एक वजह है। मरीज अपनी बीमारी की ज्यादा जानकारी इंटरनेट में खोजता है। कुछ लोग पैसे न होने से डॉक्टर से इलाज नहीं कराते हैं। ऐसे में वो इंटरनेट की जानकारी पर निर्भर होने लगते हैं।

क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?

इडियट सिंड्रोम को 'इन्फोडेमिक' कहता है'इन्फोडेमिक (इडियट सिंड्रोम) ने स्वास्थ्य सेवा में एक मुश्किल हालात पैदा कर दिए हैं, क्योंकि इसने बीमारी के प्रकोप के दौरान डिजिटल और फिजिकल वातावरण में बहुत ज्यादा जानकारी दी है और स्वास्थ्य अधिकारियों में अविश्वास पैदा हो गया है।'

विश्वसनीय मेडीकल वेबसाइट्स और ऑनलाइन ग्रुप से लें जानकारी

हालांकिइसका मतलब ये नहीं है कि इंटरनेट हेल्थ से जुड़ी समस्याओं में आपके लिए मददगार साबित नहीं हो सकता है। अच्छी और विश्वसनीय मेडीकल वेबसाइट्स और ऑनलाइन ग्रुप आपको सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारी दे सकते हैं। हालांकिखतरा तब होता हैजब आप इंटरनेट पर क्विक सर्च के रिजल्ट को एक सही मेडिकल डायग्नोसिस मान लेते हैं।

इडियट सिंड्रोम से कैसे बचें?

•     इंटरनेट का कम इस्तेमाल करें।

•     इंटरनेट की जानकारी डॉक्टर से शेयर करें।

•     इलाज के लिए डॉक्टर पर भरोसा करें।

•     सही मेडिकल वेबसाइट पर ही चेक करें।

•     किसी जानकारी पर बिना सोचे-समझे भरोसा न करें।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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