ये लापरवाही की तो अलका याग्निक की तरह आपको भी सुनाई देना हो सकता बंद !

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'मैं कुछ सुन नहीं पा रही हूं…'

'मेरे सभी फैंस, दोस्तों, फॉलोअर्स और शुभचिंतकों। कुछ हफ्ते पहले, जब मैं फ्लाइट से बाहर निकल रही थी तो मुझे अचानक लगा कि मैं कुछ सुन नहीं पा रही हूं। मेरे डॉक्टर ने इसे एक रेयर सेंसर नर्व हियरिंग लॉस डायग्नोज किया है, जो एक वायरल अटैक की वजह से हुआ है। इस अचानक से हुए बड़े सेटबैक ने मुझे शॉक कर दिया है। मैं उसे एक्सेप्ट करने की कोशिश कर रही हूं, इस बीच आप मुझे अपनी दुआओं में याद रखिएगा।' सोशल मीडिया पर अपनी इस पीड़ा को व्यक्त करने वाली ये कोई और नहीं बल्कि 90 के दशक में बॉलीवुड को कई पॉपुलर और आइकॉनिक गानों को आवाज देने वाली सिंगर अलका याग्निक हैं। वो गंभीर सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस का शिकार हो गई हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें एक वायरल अटैक के बाद ये समस्या हुई है। इन्होंने सोशल मीडिया पर ये जानकारी शेयर करते हुए बताया कि अब वो सुन नहीं पा रही हैं।

क्या है सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस?

अलका यागनिक को बीमारी हुई है उसका नाम सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस है। National Institutes of Health की वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक ये एक ऐसी स्थिति है जहां auditory nerve यानी श्रवण तंत्रिका या फिर कान को मस्तिष्क से जोड़ने वाली नस डैमेज हो जाती है, जिसकी वजह से व्यक्ति सुनने की क्षमता खो देता है। 90 फीसदी मामलों में इसमें व्यक्ति को सुनाई देना बंद हो जाता है।

कोरोना के इफेक्ट से हियरिंग पावर हुई प्रभावित

एक न्यूज वेबसाइट को जानकारी देते हुए अलका याग्निक के मैनेजर नीरज मिश्रा ने बताते हैं कि 'अलका याग्निक गोवा गई हुई थीं और जब वो फ्लाइट से उतरीं तो उन्हें एक कान से सुनाई देना पूरी तरह से बंद हो गया था। 24 घंटे में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर से संपर्क किया और फिर उन्हें इस दुर्लभ बीमारी के बारे में पता चला। कोविड के शुरुआती दौर में अलका याग्निक भी कोरोना पॉजिटिव हुईं थीं और डॉक्टर का कहना है कि उसी के इफेक्ट के तहत उनकी हियरिंग पावर प्रभावित हुई है। कोविड से जुड़े इस तरह के मामले और भी लोगों में देखे जा रहे हैं, जहां वो इस तरह के वायरल अटैक का शिकार होते हैं।'

आखिर सुनने की क्षमता क्यों घटती है?

तेज आवाजजरूरत से ज्यादा हेड फोन्स का यूज करना। ये जेनेटिक बीमारी भी हो सकती हैये बढ़ती उम्र के कारण भी सकता है। कान के अंदर एक सर्पिल संरचना होती है जिसे कोक्लिया कहा जाता है। इसमें छोटे-छोटे बाल होते हैं इन बालों को साइंस की भाषा में स्टीरियोसिलिया कहा जाता है। ये बाल साउंड वेव को नर्व सिग्नल में बदलते हैं। तेज आवाज के संपर्क में आने से ये बाल क्षतिग्रस्त हो सकते हैंजिससे सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।

तनाव से भी हो सकती दिक्कत

कुछ एक्सपर्ट इस बीमारी का कारण लगातार तनाव में रहने को भी मानते हैं। दरअसल तनाव शरीर की शांत स्थिति में लौटने की क्षमता को रोक सकता हैजिससे संभावित रूप से दिल संबंधी बीमारियांहाई ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं जो ब्लड फ्लो में बाधा डालती हैं। येबदले मेंआंतरिक कान की बाल कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है। कानों की कोशिकाएं कमजोर होती हैंऐसे में उन्हें स्थिर ब्लड फ्लो की जरूरत होती है। स्थिर ब्लड फ्लो के बिना कोशिकाएं डैमेज हो जाती हैंजिससे सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है।

क्या है इलाज?

National Institutes of Health की वेबसाइट के मुताबिक सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस में सही ट्रीटमेंट से सुधार हो सकता है। लेकिन आमतौर पर एक परमानेंट समस्या है। एक बार जब कान के अंदर की बाल कोशिकाएं डैमेज हो जाती हैंतो उनका ठीक होना मुश्किल है। यानी सिर्फ बचाव ही समस्या का हल यानी आप तेज आवाज से दूर रहें। हेड फोन्स का इस्तेमाल कम करें।

हेडफोन्स के नुकसान?

हेडफोन्स का इस्तेमाल करने वाले नुकसानों के बारे में बात करें तो लंबे वक्त ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करने से आपके कानों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। नियमित रूप से लंबे समय तक इयरफोन लगाने से न सिर्फ हमारे कानों को नुकसान होता हैबल्कि इसका असर हमारे दिमाग पर भी होता है। कानों में संक्रमण का खतरा हो सकता है। ईयरफोन लगाए रखने से कानों की नसों पर दबाव के कारण सूजन की आशंका होती है। ऐसे में वाइब्रेशन की वजह से हियरिंग सेल्स अपनी संवेदनशीलता खोने लगते हैंजिससे बहरापन भी हो सकता है।

अलका याग्निक की अपील

अलका याग्निक सोशल मीडिया में अपने साथी सिंगर्स और फैंस को सलाह देते हुए लिखती हैं कि मेरे फैंस और यंग साथियों को मैं हेड फोन्स और लाउड म्यूजिक को लेकर आगाह करना चाहती हूं। किसी दिन मैं अपनी प्रोफेशनल लाइफ सेहेल्थ को होने वाले नुकसान पर जरूर बात करूंगी। अलका याग्निक ने सोशल मेडिया पर फैंस का प्यार और सपोर्ट मांगा है। उनके चाहने वाले उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं। लेकिन अलका याग्निक ने जो लोगों से लाउड म्यूजिक से दूर रहने की अपील की है वो हम भी आपसे कर रहे हैं। उससे बचें और हेड फोन्स का इस्तेमाल कम करें। और तनाव से दूर रहें।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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