24 घंटे घर संभालने वाली महिलाओं को कुछ नहीं मिलता

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महिलाएं हर रोज सात से आठ घंटे काम करती हैं। वहीं एक पुरुष घर के काम के लिए दिनभर में मात्र आधे घंटे काम करता है। क्या आपने कभी सोचा परिवार का ख्याल रखने और घर के कामकाज के लिए महिलाओं को अगर सैलरी दें तो।

साल 2016 जब इंदिरा नूई को पेप्सीको की चेयरपर्सन बनाया गया। मीडिया में छपे इनके इंटरव्यू में इन्होंने एक किस्सा सुनाया था। उन्हें जब कंपनी का प्रमुख बनाया गया तब फोन पर जानकारी देने के बाद ऑफिस बुलाया गया। इंदिरा नूई ने सोचा कि पहले घर वालों को ये खबर सुना दूं। उसके बाद दफ्तर के लिए निकलूं। घर पहुंचीं तो मां ने कहा। सुबह के लिए दूध नहीं है। पहले बाहर से दूध लेकर आओ।

महिला चाहे नौकरी में कितने भी अच्छे पदों पर हो, पालिटिशियन हो, फिल्म स्टार हो या फिर बिजनेसमैन। लेकिन, जब वे जब घर आएंगी तो एक पत्नी हैं, बेटी है, बहू है। एक मां हैं ये जगह कोई और नहीं ले सकता। भारतीय समाज की महिला चाहे कितना भी ऊपर क्यों ना पहुंच जाए लेकिन वो घर की जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो पाती।

एसबीआई बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, घर का काम करने वाली सभी महिलाओं को उनके काम के लिए सैलरी दी जाए तो उन्हें दी जाने वाली राशि भारत की जीडीपी के लगभग 7.5 फीसदी के बराबर होगी। लगभग 22.7 लाख करोड़ रुपये होंगे।

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर देशों की सभी महिलाएं एक दिन में करीब 1640 करोड़ घंटे घर का काम करती है।

भारत की महिलाएं घर का काम करने और परिवार के लोगों का ख्याल रखने में एक दिन में लगभग साढ़े सात घंटे काम करती है।

पिछले दिनों चीन की एक कोर्ट ने एक व्यक्ति को आदेश किया कि उसे अपनी पूर्व पत्नी को आठ हजार डॉलर यानी करीब पांच लाख रुपये देने होंगे. ये पैसे महिला को घर का काम करने के बदले में दिए जाएंगे। तलाक लेने वाली महिला ने कोर्ट में कहा था कि उसने पांच साल तक चली शादी में बच्चे की देखभाल की। घर का सारा काम किया. जबकि पति नौकरी पर जाने के अलावा कोई काम नहीं करता था।

मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक

साल 2017 की मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर से जब पूछा गया कि आपको क्या लगता है। दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी किसे मिलनी चाहिए। तो उनका जवाब था एक मां को। उसका त्याग बहुत बड़ा होता है।

दरअसल, एक महिला कई भूमिकाएं एक साथ निभाती है। वो मां के साथ-साथ बेटी, बहन, बहू और पत्नी भी हो सकती है। लेकिन इन रिश्तों के अलावा घर से उसका एक और रिश्ता होता है। वो गृहणी भी होती है। कहने को वो घर की लक्ष्मी होती है। घर की मालकिन है। घर की शोभा होती है। लेकिन सच में उसे सातों दिन, चौबीसों घंटे घर के कामों में लगे रहना पड़ता है। इस काम के बदले उसे कोई वेतन नहीं दिया जाता।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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