60 साल बाद भी MiG-21 Airforce की ताकत या मजबूरी ?

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1971 में पाकिस्तान संग हुई जंग का हीरो मिकोयान-गुरेविच यानी MIG-21 फिर से इन दिनों सुर्खियों में है. जिसकी सबसे बड़ी वजह है इसका लगातार क्रैश होना. 60 के दशक में तत्कालीन सोवियत संघ जो अब रूस है. उससे खरीदा गया था. रूस तो इस फाइटर प्लेन को 1985 में रिटायर कर चुका है लेकिन इंडिया में आज भी इसका यूज हो रहा है. हाल ही में राजस्थान के हनुमानगढ़ में MIG-21 क्रैश हुआ. विमान क्रैश होकर एक घर में गिरा जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों भारत में इसका यूज किया जा रहा है. जबकि कई बार एक्सपर्टस भी इसके रिटायर की बात कह चुके हैं.ऐसा नहीं की MIG-21 ही क्रैश हुआ...ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर भी हाल ही क्रैश हुआ था. जिसके बाद उसके उड़ने पर ने रोक लगा दी गई है. MIG- 21 के क्रैश होने का लंबा इतिहास रहा है. एयरफोर्स का ये विमान पिछले 60 सालों में 400 बार क्रैश हुआ. इन हादसों में करीब 200 जवान शहीद हुए. जबकि 60 नागरिकों ने अपनी जान गंवाई. इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में ये विमान 60 के दशक में शामिल हुए थे.इसे भारत में लंबे समय तक सेवा देने वाला फाइटर प्लेन भी कहा जाता है... दुनिया के ज्यादातर देश MIG-21 से किनारा कर चुके हैं.भारत में अभी तक ये जहाज संचालन में हैं. वजह, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने इस विमान को कुछ हद तक अपग्रेड कर दिया.1963 में रूस से भारत को पहला सिंगल-इंजन MIG-21 मिला था. रिपोर्ट्स के मुताबिक तब इसकी कीमत 20 करोड़ थी.
IAF की सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए इस 874 फाइटर जेट को शामिल किया गया
भारत में HAL इस विमान को बनाता है. हालांकि, मेड-इन-इंडिया MIG-21 के आधे दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं. इन हादसों में 200 पायलट शहीद हुए हैं.
साल 2000 में नए सेंसर और हथियारों के साथ अपग्रेड किया गया था. इसी विमान से विंग कमांडर अभिनंदन ने 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन पाकिस्तान के एक F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था.
इंडियन एयरफोर्स लंबे वक्त से MIG-21 का यूज कर रहा है. लेकिन नए फाइटर जेट शामिल होने में हो रही देरी के चलते अभी भी इनका इस्तेमाल करना पड़ रहा है. हालांकि क्रैश की हाल की घटनाओं को देखते हुए एयरफोर्स ने इसे अपने बेड़े से हटा रही है.
एयरफोर्स ने पिछले साल 30 सितंबर तक मिग 21 बाइसन की एक स्क्वाड्रन को हटा दिया था. MIG-21 की बाकी तीन स्क्वाड्रन को चरणबद्ध तरीके से 2025 तक बाहर करने की योजना है.
कुछ ही समय पहले अमर उजाला के एक पत्रकार ने एयर कमोडोर बिजेंदर सिंह सिवाच जो अब रिटायर्ड हो चुके हैं उनसे बात की थी..उनका कहना था कि 60 साल से ट्रेनिंग और लड़ाई में इस जहाज का कोई मुकाबला नहीं था. अब स्पेयर पार्ट्स का बैकअप ठीक से नहीं मिल रहा. चूंकि रूस ने इसका निर्माण बंद कर दिया है, तो ऐसे में स्पेयर पार्ट्स का संकट आ गया. पहले वाले पुर्जों से ही काम चल रहा है. एयर फ्रेम को अपग्रेड नहीं कर सकते हैं, इसकी एक सीमा भी होती है. ऐसे में पुरानी मशीन को रिटायर कर देना चाहिए. अगर सूझबूझ से इस्तेमाल करेंगे तो ये कभी धोखा नहीं देगा. MIG-21 को अब इसकी समय सीमा से ज्यादा उड़ाया जा चुका है. 1990 के दशक में इसे रिटायर हो जाना चाहिए था.

MIG-21 के कुछ विमानों के अलावा MIG-25 और MIG-27 जैसे फाइटर प्लेन रिटायर भी हुए हैं... 'तेजस' पर तेजी से काम चल रहा है...ऐसा अनुमान है कि दो तीन साल में जैसे ही तेजस के स्क्वाड्रन इस्तेमाल में आएंगे... तो MIG-21 को रिटायर कर दिया जाएगा.

MIG-21 क्रैश की घटनाएं
जुलाई 2022, राजस्थान के बाड़मेर, IAF के दो पायलट शहीद
दिसंबर 2021, राजस्थान के जैसलमेर, विंग कमांडर हर्षित सक्सेना शहीद
अगस्त 2021, राजस्थान के बाड़मेर, पायलट सुरक्षित बच गए थे
मई 2021, पंजाब में मोगा के पास 'बाइसन' क्रैश हो गया, स्क्वाड्रन लीडर अभिषेक चौधरी शहीद
मार्च 2021, ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद क्रैश, ग्रुप कैप्टन आशीष गुप्ता शहीद
जनवरी 2021, राजस्थान के सूरतगढ़, पायलट सुरक्षित बच गए थे.


इंडियन एयरफोर्स के पास MIG-21 विमानों के  4 स्क्वाड्रन है. एक स्क्वाड्रन में लड़ाकू विमानों की संख्या 16 से 18 के बीच होती है. अनुमान के मुताबिक, एयरफोर्स के पास 64 MIG-21 उपलब्ध है. MIG-21 बाइसन ने भारत की ओर से सबसे ज्यादा युद्धों में हिस्सा लिया है... यूं तो भारत के पास कई लड़ाकू विमान हैं, लेकिन ज्यादातर मौकों पर इंडियन एयरफोर्स इसी लड़ाकू विमान का उपयोग करती है...लाइसेंस के तहत इस विमान का प्रोडक्शन HAL करता है....इसलिए इसे अपग्रेड करने के लिए रूस से थोड़ी बहुत ही मदद की जरूरत पड़ी थी. एडवांस्ड लाइटवेट हेलिकॉप्टर यानी ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर के उड़ान पर रोक है...  इससे पहले नौसेना और कोस्ट गार्ड भी ध्रुव के इस्तेमाल पर रोक लगा चुके हैं....क्योंकि पिछले 20 सालों में 24 से ज्यादा ये हादसे का शिकार हो चुका है... HAL की वेबसाइट के मुताबिक... दो इंजनों से लैस ये हेलिकॉप्टर ज्यादा ऊंचाई पर सभी मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है....HAL वर्तमान में लड़ाकू जेट, हेलिकॉप्टर, जेट इंजन और समुद्री गैस टरबाइन इंजन, एवियोनिक्स, सॉफ्टवेयर विकास, स्पेयर सप्लाई, ओवरहालिंग और भारतीय सैन्य विमानों के अपग्रेडेशन के डिजाइन और निर्माण करता है....लेकिन अब MIG-21 की जगह कौन लेता है...ये देखने वाली बात होगी..

 

 
कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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