Actor Pankaj Kapur : हर किरदार को जीवंत कर गढ़े नए मानक

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साल 1982 में फिल्म ‘गांधी’ रिलीज हुई। इस फिल्म के हिंदी वर्जन में महात्मा गांधी बने 'बेन किंग्सले' को अपनी आवाज दी। और इस एक्टर ने अपनी आवाज से ऐसी दस्तक दी। जो आज तक ये हमारे दिलों में बसे हैं। दिखा दिया आने वाला वक्त उन्हीं का ही। छोटे से लेकर बड़े पर्दे तक हर किरदार को जीवंत कर नए मानक गढ़े। आज कहानी पंकज कपूर की जिनका संघर्ष भी कम नहीं हैं। इनकी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।  

29 मई साल 1954 को पंजाब के लुधियाना में पंकज कपूर का जन्म हुआ। बचपन से ही एक्टिंग का शौक था तो स्कूल के दिनों से ही वो थियेटर में एक्टिव दिखने लगे। लेकिन पढ़ाई में भी वो किसी से भी कम नहीं थे। पंकज ने साल 1973 में इंजीनियरिंग के एग्जाम में टॉप किया। लेकिन बाद में इंजीनियरिंग छोड़कर एक्टिंग में करियर बनाने की सोची। 19 साल की उम्र में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया। एनएसडी से पास आउट होने के बाद उन्होंने चार साल तक थिएटर किया।

इस दौरान उन्हें डायरेक्टर रिचर्ड एटनबरो की साल 1982 में रिलीज हुई फिल्म ‘गांधी’ में महात्मा गांधी के सेक्रेटरी प्यारे लाल का रोल ऑफर हुआ। इस फिल्म के हिंदी वर्जन में पंकज कपूर ने गांधी बने बेन किंग्सले को अपनी आवाज भी दी।

पंकज कपूर फिल्मों के अलावा कई बड़े टीवी सीरियल में काम कर चुके हैं। साल 1986 में उन्होंने टीवी सीरियल करमचंद जासूस का रोल निभाया है। इसके अलावा उन्होंने सीरियल ‘जबान संभाल के’ में भी काम किया। सीरियल ऑफिस-ऑफिस में उनके रोल मुसद्दीलाल को आज भी याद किया जाता है।

पंकज कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया कि 'सीरियल जबान संभाल के डायरेक्टर राजीव मेहरा के साथ में काम कर रहे थे। इसी दौरान ऑफिस-ऑफिस में मुसद्दीलाल का रोल मिला।'

वहीं पंकज ने साल 1982 में फिल्म आरोहण से डेब्यू किया था। इसके बाद मकबूल, हल्ला बोल, आघात, रोजा, मंडी और दस जैसी फिल्मों में काम किया।

एक्टर पंकज अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी खूब चर्चा में रहे हैं। इन्होंने दो बार शादी की है। पंकज कपूर की पहली पत्नी नीलिमा अजीम हैं। पंकज और नीलिमा की मुलाकात उन दिनों हुई थी, जब पंकज थिएटर किया करते थे। वहीं नीलिमा डांस की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहती थीं। एक दिन पंकज ने नीलिमा से इजहार कर दिया। घर वाले भी मान गए। फिर साल 1975 में दोनों की शादी हुई । तब पंकज सिर्फ 21 के थे और नीलिमा 16 साल की। एक्टर शाहिद कपूर, नीलिमा के ही बेटे हैं। लेकिन नौ साल बाद ये शादी टूट गई। दरअसल शाहिद के जन्म के बाद से ही नीलिमा और पंकज के बीच में दूरियां आनी शुरू हो गईं। दोनों ने बिना किसी विवाद के आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया और साल 1984 में तलाक ले लिया।

इसके बाद पंकज कपूर के जीवन में मशहूर एक्ट्रेस दीना पाठक की बेटी सुप्रिया पाठक आई। साल 1989 में जिस समय पंकज ने सुप्रिया से शादी की उस समय वो 22 साल की थीं। दरअसल साल 1986 में फिल्म ‘अगला मौसम’ की शूटिंग में पंकज और सुप्रिया की मुलाकात हुई थी। यहीं पर दोनों की दोस्ती हो गई। दोनों में कई सारी चीजें कॉमन थी। दोनों ही अपनी पहली शादी की विफलता का भार लिए हुए थे। और इन हालातों में उन्हें एक-दूसरे का सहारा मिला। दरअसल सुप्रिया पाठक की मां दीना पाठक ने अपने दोस्त के बेटे से सुप्रिया की शादी करा दी थी। लेकिन सुप्रिया की भी पहली शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चली। सुप्रिया अपने करियर पर ध्यान देने लगीं। इसके बाद पंकज कपूर उनके दोस्त बने। दोनों की बेटी सना कपूर हैं। सुप्रिया पाठक की एक बहन भी हैं। जिनका नाम रत्ना पाठक है। रत्ना पाठक भी बॉलीवुड की एक मशहूर एक्ट्रेस हैं और एक्टर नसीरुद्दीन शाह से शादी की है। इस हिसाब से पंकज कपूर और नसीरुद्दीन शाह दोनों आपस में साड़ू भाई है।

बॉलीवुड में कदम रखे चार दशक से लंबा वक्त गुजर चुका है। आने वाले समय में भी पंकज कपूर कई प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। जिसके बाद वो अपनी एक्टिंग से हम सभी का मनोरंजन करते रहेंगे।

 

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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