एक्टर राजपाल यादव का वो संयोग जो पिता और इनके एक फेसम किरदार को जोड़ता है

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छोटे कद के होने के बावजूद इन्होंने बॉलीवुड में बहुत ऊंचा मुकाम बनाया। जब लोग फिल्मों में इनकी एक्टिंग देखते है तो हंसे बिना रह नहीं सकते। लेकिन ये सिर्फ हंसाऊ एक्टर नहीं है। जब इनके किए गए काम को पहली बार सराहा गया वो कॉमेडी नहीं विलेन का रोल था। इनकी एक ऐसी भी फिल्म है जो शायद ही लोगों ने देखी हो। जिसमें इन्होंने बहुत ही डिफरेंट रोल किया है।

आज किस्सा राजपाल यादव का। इसके जीवन में एक संयोग भी जो इनके पिता और इनके एक फेसम किरदार को जोड़ता है।

साल 1992 जब राजपाल यादव ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली थी। लखनऊ के भारतेंदु नाट्य एकेडमी में एडमिशन ले लिया था। इसी साल दूरदर्शन के स्वप्नवासवदत्तम टीवी सीरियल में एक विदूषक नाम का कॉमेडी रोल मिल गया था। इसके बाद थियेटर से एक्टिंग की शुरुआत करने वाले राजपाल यादव ने एक्टिंग की बारीकियां समझने के लिए एनएसडी में पढ़ाई की और एक्टर बनने मुंबई चले गए। इन्हें फिल्म तो नहीं मिली पर साल 1999 में दूरदर्शन में एक और सीरियल पर काम जरूर मिल गया। इस सीरियल का नाम था ‘मुंगेरी के भाई नौरंगीलाल’। इस सीरियल में राजू श्रीवास्तव, रघुबीर यादव जैसे एक्टर भी थे। ‘मुंगेरी के भाई नौरंगीलाल’ में नौरंगीलाल नाम का किरदार राजपाल यादव को मिला और ये इतना फेमस हुआ कि राजपाल यादव लोगों के दिलों में छा गए।

एक इंटरव्यू में राजपाल यादव बताते हैं कि

‘नौरंगी लाल का रोल करने के बाद मैं जहां भी जाता लोग मुझे मेरे असली नाम से नहीं पुकारते। मुझे सब नौरंगीलाल ही कहते।’

वे आगे बताते है कि

‘मेरे पिता का नाम नौरंग यादव है। लाल शब्द का मतलब होता है बेटा। नौरंगी लाल यानी नौरंग का बेटा। इस तरह से मेरे पहले फेमस किरदार का नाम था नौरंगी लाल । ये नाम आज भी मेरे दिल के करीब है।’

साल 1999 में ही ‘दिल क्या करें’, ‘मस्त’ और ‘शूल’ जैसी फिल्में से इन्होंने बॉलीवुड में अपना सफर शुरू किया। इन फिल्मों में इनकी छोटी लेकिन अहम भूमिका थी।

राजपाल यादव को ‘मालामाल वीकली’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘भूल भुलैया’, ‘चूप-चूप के’, ‘हंगामा’, ‘वक्त’, ‘बिल्लू बारबर’, ‘गरम मसाला’ जैसी तमाम फिल्मों में कॉमिक रोल के लिए जाना जाता है। लेकिन वे केवल हंसाऊ एक्टर नहीं है। वे बेहद संजीदा और वर्सटाइल एक्टर है।

साल 2000 जब डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘जंगल’ में ‘सिप्पा’ के रोल में राजपाल यादव को देखते है तो हम उससे नफरत किए बगैर रह नहीं सकते। ये ऐसा निगेटिव किरदार था जिसने राजपाल यादव को बेस्ट परफॉर्मेंस इन ए नेगेटिव रोल का स्क्रीन अवार्ड दिलवाया।

साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म अंडरट्रायलय। ये फिल्म ऐसी है जिसको बहुत ही कम लोगों ने देखा होगा। राजपाल यादव ने सागर हुसैन नाम के शख्स का रोल किया है जिस पर अपनी तीन बेटियों से रेप का आरोप है। समाज से लेकर पुलिस तक उसे अपराधी मान चुकी है वो जेल में बस मौत का इंतजार करता है।

इससे दो साल पहले साल 2005 में रीलीज हुई ‘मैं मेरी पत्नी और वो’ में राजपाल मिथलेश शुक्ला उर्फ छोटे बाबू को रोल करते है जिनकी शादी ऐसी लड़की से हो जाती जो उससे हाईट में लंबी होती है।

वहीं साल 2022 में रिलीज हुई फिल्म ‘अर्ध’ को देखे तो फिल्म में एक संघर्ष करते हुए थिएटर एक्टर की कहानी को दिखाया गया है जो मेनस्ट्रीम एक्टर बनना चाहता है और थिएटर बंद होने से वो अपना पहला बच्चा अस्पताल का खर्चे के पैसे न होने की वजह से खो देता है। जीवन गुजारने के लिए उसे रास्ता मिलता है सिग्नल पर किन्नर बनकर पैसे कमाई करने का और वो किन्नर का रोल करते है राजपाल यादव ।

16 मार्च साल 1971 में जन्मे राजपाल के निजी जिदंगी की बात करे तो वे यूपी के शाहजहांपुर के बड़ा के रहने वाले हैं। पिता नौरंग यादव खेती करते हैं। राजपाल 6 भाई हैं। राजपाल ने कनाडा की राधा से शादी की है। राधा राजपाल की दूसरी पत्नी हैं। राजपाल की पहली पत्नी का निधन हो चुका है। राजपाल तीन बेटियों के पिता है।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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