अग्निवीरों का जल्द शुरू होगा तीनों सेना में अग्निपथ, सबसे पहले नेवी ने की पासिंग आउट परेड

Home   >   खबरमंच   >   अग्निवीरों का जल्द शुरू होगा तीनों सेना में अग्निपथ, सबसे पहले नेवी ने की पासिंग आउट परेड

117
views

 

भारत को पहला अग्निवीर का प्रशिक्षित बैच मिल गया। इंडियन नेवी के आईएनएस-चिल्का पर 2,585 अग्निवीरों के पहले बैच की पासिंग आउट परेड हो गई। चार महीने की लंबी ट्रेनिंग के बाद  ये अग्निवीर अब अपनी सेवा देश को देने के लिए तैयार हैं। इसी के साथ अब तक भारत की तीनों सेना को कितने अग्निवीर शामिल है। और इनकी ट्रेनिंग कब खत्म होगी ये जानते हैं। 

अग्निपथ योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल 46 हजार युवाओं को भर्ती किया गया. जिसमें 40 हजार अग्निवीर इंडियन आर्मी के ट्रेनिंग सेंटरों में ट्रेनिंग ले रहे हैं। तो वहीं 3 हजार अग्निवीर वायु एयरफोर्स के ट्रेनिंग सेंटर पर देश भक्ति का सपना संजोये मैदान में पसीना बहा रहे हैं। इसके के साथ ही सबसे पहले इंडियन नेवी का अग्निवीर का पहला बैच ट्रेनिंग खत्म कर पासिंग आउट परेड में शामिल हो चुका है। इस बैच में 273 महिला अग्निवीरों ने भी ट्रेनिंग पूरी की इसी के साथ ही किसान परिवार से आने वाली पठानकोट की खुशी को पासिंग आउट परेड में सर्वश्रेष्ठ महिला अग्निवीर चुना गया। उन्हें इसके लिए जनरल बिपिन रावत ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। 

जिसके साथ तीनों सेनाओं को अग्निवीरों को पहला बैच मिल गया है। तो वहीं बचे हुए अग्नि वीरों की ट्रेनिंग देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रही है। अगर इंडियन आर्मी के ट्रेनिंग सेंटरों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंटल सेंटर के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड और गोवा समेत कई राज्यों में स्थित रेजिमेंटल सेंटर में अग्निवीरों को ट्रेन्ड किया जा रहा है। 

इसके अलावा इंडियन एयरफोर्स में शामिल हुए युवाओं को कर्नाटक के बेलगावी में स्थित एयरमैन ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग दी जा रही है। केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना को लॉन्च किया गया। जिसके बाद से तीनों सेनाओं में शॉर्ट-टर्म के लिए अग्निवीर भर्ती होते हैं। इनका कार्यकाल चार साल तक रहेगा।  उसके बाद, इनमें से 25% को सेना रेगुलर सर्विस में रिटेन कर लेगी।  हर अग्निवीर को चार साल के सर्विस पीरियड के दौरान लगातार परखा जाएगा। अग्निवीरों को उनके ऑपरेशनल एप्टीट्यूड, हथियार कौशल, शारीरिक फिटनेस व अन्‍य स्किल्‍स के टेस्ट में परफॉर्मेंस के आधार पर रेटिंग मिलेगी। चार साल के बाद परफॉर्मेंस जांचा जाएगा। जो अग्निवीर पैमाने पर खरे उतरेंगे, उन्हें रेगुलर कैडर में और 15 साल सर्विस का मौका मिलेगा।  हालांकि, ये तभी होगा जब उस वक्त सेना में भर्तियां निकली हों। नहीं तो सेना रिलीज कर देगी। 

तो वहीं लेफ्टिनेंट-जनरल बीएस राजू के मुताबिक साल 2032 तक अग्निवीरों की संख्या इसके आधे के बराबर होगी। यानी करीब 6 लाख सैनिक अगले 10 सालों में सेना में अग्निपथ स्कीम के तहत आने वाले होंगे। पहले बैच में 46 हजार की भर्ती है और आने वाले 6 से 7 सालों में ये आंकड़ा बढ़कर 1.2 लाख हो जाएगा।  यही नहीं अगले 10 सालों में तो ये 1.6 लाख के करीब हो सकता है। बता दें कि भारत की तीनों सेना में  लगभग 1.55 लाख पद खाली पड़े हुए हैं।

 

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!