क्या अमित शाह रोक पाएंगे मणिपुर में बिगड़ते हालातों को ?

Home   >   खबरमंच   >   क्या अमित शाह रोक पाएंगे मणिपुर में बिगड़ते हालातों को ?

105
views

3 मई से पूर्वोत्तर का मणिपुर राज्य जल रहा है....किसी भी राज्य में इतना भीषण और वीभत्स जातीय संघर्ष हाल के दिनों में नहीं दिखा जो मणिपुर में नजर आ रहा है... इतिहास गवाह है कि मणिपुर में इतनी हिंसक झड़पें बीते एक दशक में नहीं हुई हैं....जितनी अब देखने को मिल रही है....कुछ दिन पहले शांति भी दिखी लेकिन फिर से अब हिंसा भड़क उठी और दर्जनों  लोगों की जानें चली गई...CM एन बीरेन सिंह ने भी मीडिया से बात करते हुए बताया है कि घरों में आगजनी और लोगों पर गोलीबारी करने में शामिल लगभग 40 सशस्त्र उग्रवादियों को सुरक्षा बल ढेर कर दिया है...लेकिन सवाल है आखिर ऐसा क्यों हो रहा है... इसके पीछे की बड़ी वजह भी है...मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 60 लोग अब तक मारे जा चुके है. जबकि करीब 250 लोग घायल है. 1700 घर-धार्मिक स्थल जला दिए गए और 23 हजार लोग जान बचाने के लिए कैंपों में रह रहे हैं. इस आंकड़े में ज्यादातर हिस्सेदारी इंफाल में हुए दंगों की है, यहां मैतेई समुदाय रहता है...

 

क्यों धधक रहा मणिपुर राज्य ?
ऐसा नहीं कि मणिपुर में हालात सामान्य करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे है.. वो भी उठाए जा रहे है...अर्धसैनिक बलों के अलावा सेना और असम राइफल्स की लगभग 140 टुकड़ियां तैनात है... जिनमें 10,000 से अधिक कर्मी शामिल हैं...होम मिनिस्टर अमित शाह भी राज्य में भड़की हिंसा का समाधान निकालने के लिए राज्य के दौरे पर है.. इस दौरान शाह सुलह का रास्ता भी निकालने पर मंथन कर रहे हैं...उनका दौरा मणिपुर हिंसा से निपटने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है.... लेकिन इस बीच राज्य में एक बार फिर से हिंसा का दौर तेज हो गया है....दरअसल इस हिंसा के पीछेहाईकोर्ट का एक फैसला है जिसकी वजह से मणिपुर जल रहा है... दरअसल पॉपुलेशन के आधार पर मणिपुर में मैती समुदाय के लोगों की आबादी करीब 60 फीसदी है और ये समुदाय इंफाल घाटी और उसके आसपास बसा है.....मैती समुदाय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें जनजातीय वर्ग में शामिल करने की गुहार लगाई थी....वहीं हाईकोर्ट के फैसले का राज्य का जनजातीय वर्ग विरोध कर रहा है.....जनजातीय कैटेगरी को डर है कि मैती समुदाय को अगर जनजातीय कैटगरी में शामिल कर लिया जाता है तो वो उनकी जमीन और रिसोर्सेज पर कब्जा कर लेंगे.....हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद नगा और कुकी जनजाति समुदाय भड़क गए...और विरोध में ATSUM ने 3 मई को मैती को एसटी श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में एक रैली का आयोजन किया....मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रैली में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया...इस बीच आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच झड़पें हुईं....हालात इस कदर खराब हो गए कि पुलिस को कई राउंड आंसू गैस के गोले दागने पड़े...सेना और असम राइफल्स ने हिंसा पर काबू पाने के लिए फ्लैग मार्च को निकाला... लेकिन हिंसा थमी नहीं.... दरअसल मणिपुर में एक कानून है. इसके तहत, घाटी में बसे मैतेई समुदाय के लोग पहाड़ी इलाकों में न बस सकते हैं और न जमीन खरीद सकते हैं. लेकिन पहाड़ी इलाकों में बसे जनजाति समुदाय के कुकी और नगा घाटी में बस भी सकते हैं और जमीन भी खरीद सकते हैं. पूरा मसला इस बात पर है कि 53 फीसदी से ज्यादा आबादी सिर्फ 10 फीसदी इलाके में रह सकती है, लेकिन 40 फीसदी आबादी का दबदबा 90 फीसदी से ज्यादा इलाके पर है.

 

एंटी ड्रग अभियान भी है बड़ी वजह
ऐसा नहीं कि सिर्फ यही वजह है इसके पीछे के और भी कारण है जैसे सरकार का एंटी ड्रग अभियान... क्योंकि मणिपुर के कई पहाड़ी क्षेत्रों में, गरीब ग्रामीण अतिरिक्त आय के लिए अफीम की अवैध खेती करते हैं...बीते एक साल में बीरेन सिंह सरकार ने अफीम की खेती और ड्रग के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाए हैं.... इस अभियान से सबसे ज्यादा कुकी समुदाय प्रभावित है.... यही वजह है कि मैतेई समाज के खिलाफ इस समुदाय की नफरत और बढ़ गई है...मणिपुर की राजधानी इंफाल समेत कई इलाके ऐसे हैं जहां हिंसा भड़की है.... हालात बेहद तनावपूर्ण हैं... 9,000 से ज्यादा लोगों को हिंसा प्रभावित जगहों से विस्थापित किया गया है.... आग की लपट में सैकड़ों लोग हैं.... राज्य में हिंसा भड़काने वाले लोगों के खिलाफ शूट एट साइट का ऑर्डर जारी हुआ है.... चप्पे-चप्पे पर भारतीय सेना और CRPF के जवान तैनात हैं... अभी राज्य में हिंसा काबू में नहीं आई है...अब आगे क्या कुछ होता है... अमित शाह क्या रणनीति बनाते हैं.. ये देखना होगा..

 
 
कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!