सेना के चीता हेलीकॉप्टर को रिटायरमेंट का इंतजार, लगातार हो रहा है हादसे का शिकार

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इंडियन आर्मी का सबसे पुराना चीता हेलीकॉप्टर लगातार हादसे का शिकार हो रहा है। ये वही चीता हेलीकॉप्टर जिसके बारे  में 2007 में तत्कालीन डिफेन्स मिनिस्टर ए के एंटनी ने यहां तक कह दिया था कि ‘ये पुरानी मशीनें अब सेना की जरूरतों को पूरा नहीं करती हैं, अब इन्हें बदल देना चाहिए।’ लेकिन इसकी ऊंची उड़ा और हल्का होने की वजह से इंडियन आर्मी इसे रिटायर नहीं कर पर रही है।

तारीख 16 मार्च, 2023 अरुणाचल प्रदेश में बोमडिला के पश्चिम में मांडला के पास सेना का सबसे पुराना चीता हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हादसे में लेफ्टिनेंट कर्नल वीवीबी रेड्डी और मेजर जयंत ए  शहीद हो गये।जिसके बाद एक बार फिर सेना के इस चीते की रफ्तार पर सवाल खड़े होने लगे हैं। आज हम बात करेंगे इसी चीता हेलीकॉप्टर के बारे में।

अब चाहे 20 हजार फीट ऊंची सियाचिन की चोटियों पर जवानों को जरूरी सामान पहुंचाना हो या फिर घायलों को लड़ाई के मैदान से अस्पताल से लाना हो। वक्त-वक्त पर चीता ने ये सब करके दिखाया है. ये वही चीता हेलीकॉप्टर है जिसने कारगिल युद्ध में भारतीय जवानों को सुरक्षित पहाड़ों पर उतारा था। उस युद्ध के जीतने में इसका बड़ा योगदान था।जब भी कोई मुश्किल काम होता है। तो इंडिया आर्मी का ये चीता हमेशा अपनी रफ्तार के साथ तैयार रहता है।लेकिन हल्के वजन और तेज रफ्तार वाले इस चीता हेलीकॉप्टर को अब रिटायरमेंट का इंतजार है।क्योंकि अब चीते की रफ्तार और चाल पर सवाल खड़े होने लगे।और सवाल खड़ा होना लाजमी भी है। रिटायरमेंट की एज में कोई भी और कभी भी धोखा दे सकता है।

 दरअसल चीता हेलीकॉप्टर अपने 60 साल पूरे कर चुका है।  17 मार्च 1969 को एरोस्पेटियैल S.A. 315-B लामा ने अपनी पहली उड़ान भरी थी। 21 जून 1972 को इसने 12 हजार 442 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस हेलीकॉप्टर को फ्रांसीसी कंपनी एरोस्पेटियैल ने बनाया है।साल 1970 में भारत सरकार ने 40 हेलीकॉप्टर की डील की।जिसके बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने फ्रेंच कंपनी एरोस्पेटियैल के साथ लाइसेंस सौदे पर साइन किए. इसके बाद HAL, फ्रांस की तकनीक का इस्तेमाल करके खुद ये हेलीकॉप्टर बनाया। जिसके बाद HAL ने इस हेलीकाप्टर नाम  चीता रख दिया. दिसम्बर 1973 से इनकी डिलीवरी होना शुरू हुई और साल 1976-77 में पहला हेलीकॉप्टर सेना को  दिया। जिसके बाद HAL अभी तक 275 से ज्यादा चीता हेलीकॉप्टर भारतीय सेना और अन्य देशों में दे चुका है।

भारत में मिलिट्री यानी तीनों सेनाओं के हेलीकॉप्टर का दुर्घटनाग्रस्त होना मानों कोई बड़ी बात नहीं रह गई है। 2017 से अब तक के बीच देश में 18 हेलीकॉप्टर क्रैश हुए हैं, इन हादसों में 39 लोगों की मौत हो गई है।

 साल 2023 के 16 मार्च को अरुणाचल प्रदेश में क्रैश हुए आर्मी के हेलीकॉप्टर 'चीता' के दोनों पायलटों की मौत हो गई है। इस हेलीकॉप्टर ने बोमडिला के पास से ऑपरेशनल उड़ान भरी थी। वहीं साल 2022 में दो हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ । जिसमें रूद्र और चीता हेलीकॉप्टर शामिल है इन हादसे में 6 जवान शहीद हो गये जबकि साल 2021 में सेना के 5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुए हैं, इनमें से तीन इंडियन आर्मी के हेलीकॉप्टर थे और दो इंडियन एयरफोर्स के इन हादसों में पांचों हेलीकॉप्टर हादसों में 19 लोगों की मौत हुई थी और 2 घायल हुए थे। इन हादसों में 8 दिसंबर 2021 का वो हादसा भी शामिल है जिसमें  तमिलनाडु के कुन्नूर के पास Mi-17V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।  जिसमें चीफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 14 लोग मारे गए थे।

वहीं साल 2020 की 9 मई को भारतीय सेना का एक एएलएच हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पांच लोग घायल हो गए थे। वही साल 2019 में इंडियन आर्मी के दो हेलीकॉप्टर और इंडियन नेवी का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया इन हादसों दो पायलटों की मौत हो गई थी. साल 2018 में इंडियन एयर फोर्स के दो हेलीकॉप्टर चीता और Mi-17V5 दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे, जिससे दो लोग घायल हो गए थे। इसके बाद साल 2017 में तीन इंडियन एयरफोर्स जिसमें 10 लोग मारे गए और 2 घायल हो गए थे।

आखिर चीता हेलीकॉप्टर इतने हादसे का शिकार क्यों हो रहा है ये भी जान लेते है। दरअसल चीता एक इंजन वाला हेलीकॉप्टर है, जिसमें मूविंग मैप डिस्प्ले, ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वार्निंग सिस्टम और वेदर रडार जैसी सुविधाएं नहीं हैं. इसमें ऑटोपायलट सिस्टम भी नहीं है, जो खराब मौसम में पायलट को भटका सकता है. और जिससे ये हादसे का शिकार हो जाता है।

इन सब के बाद भी इंडियन आर्मी अपने इस हेलीकॉप्टर को रिटायर करने का मुड नहीं बना रही क्योंकि ये हेलीकॉप्टर अपने अंदर कई खूबियों को भी समेटे हुए हैं। चीता अपने साथ 4 पैसेंजर या फिर 1135 किलोग्राम पेलोड ले जा सकता हैं। इसकी लंबाई 33.7 फीट है तो वहीं ऊंचाई 10.1 फीट है. चीता हेलीकॉप्टर अधिकतम 192 किमी प्रतिघंटा की गति से 515 KM तक उड़ान भरता है और ये अधिकतम 17,715 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। 

 

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