आसाराम बापू: जेल में दस साल, चमत्कार का इंतजार, नारायण साई के साथ | Manchh न्यूज़

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कभी पाकिस्तान से शरणार्थी के तौर पर गुजरात आकर आसुमल थाउमल हरपलानी साइकल की दुकान पर काम करता था। साइकल रिपेयरिंग से लेकर चाय की दुकान चलाना। फिर तांगे चलाने से लेकर अचानक गुरु बन जाना... फिर नाम आसुमल से आसाराम बापू हो जाना... और फिर वो आसाराम बन जाना जिसके कभी करोड़ों अनुयायी हुआ करते थे। जिसके एक इशारे पर बड़े-बड़े राजनेता भी नतमस्तक हो जाते थे। आज से करीब दस साल पहले आसाराम बापू को गिरफ्तार किया गया था। एक वो दिन था और आज का दिन, पिछले दस सालों से आसाराम बापू जेल में है। यानी ये कैद का दसवां साल है और फिलहाल, दूर-दूर तक उनकी रिहाई की कोई उम्मीद नज़र नहीं आ रही, तो आइए आपको बताते हैं, आसाराम बापू के जेल में दस साल के बीतने के पीछे छिपी दर्दनाक कहानी। जानिए उनके कैद के दिनों की दस्तान और चमत्कार की बजाय आज उनका क्या हाल है केवल Manchh न्यूज़ पे  विस्तार से ।

31 अगस्त साल 2013

यही वो दिन था, जब आसाराम की गिरफ्तारी हुई थी। तब से जेल के बाहर की खुली हवा बापू को फिर कभी नसीब नहीं हुई। अब आसाराम की उम्र 82 साल है। आसाराम दस साल सलाखों के पीछे गुजार चुका हैं और कई बार आसाराम ने अपनी उम्र को हथियार बनाते हुए भी अदालतों से जमानत, रिहाई और पेरोल की मांग की है। मगर, अदालतों ने उस पर कोई रहम नहीं दिखाया। 120 महीने यानी करीब दस साल में हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 15 बार से ज़्यादा ज़मानत की अर्ज़ियां लगाई गईं। राम जेठमलानी, सुब्रमण्यम स्वामी और सलमान खुर्शीद जैसे धुरंधर वकील कानून के कोर्ट में उतारे गए, लेकिन फिर भी बाबा के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल का दरवाज़ा नहीं खुला। जिंदगी की उम्मीदें धीरे-धीरे दम तोड़ रही हैं। अब ले-देकर आखिरी उम्मीद गुजरात हाई कोर्ट पर टिकी है, जहां आसाराम ने अपनी सजा की बर्खास्तगी के लिए रिट लगाई है। मगर, इसका फैसला कब आएगा, ये कोई नहीं जानता. आसाराम जोधपुर जेल में इसलिए हैं क्योंकि उन पर इल्ज़ाम है कि उन्होंने अपने आश्रम में एक नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार किया था। इसी मामले में आसाराम और उसका बेटा नारायण साईं उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। नारायण साईं पर पीड़िता की छोटी बहन के साथ बलात्कार का आरोप है।

असल में आसाराम पर एक नहीं बल्कि दो-दो रेप केस हैं और दोनों में वो दोषी पाए गए हैं। अदालत में की गई इसी अपील में आसाराम ने जो बातें लिखी हैं, वो कम अजीबोगरीब नहीं है। आसाराम ने खुद पर दर्ज मुकदमे को ही झूठा करार दिया है और कहा है कि जब ये घटना होने की बात कही जा रही है, तब उनकी उम्र 64 साल की थी और लड़की की 21 साल की। ऐसे में अगर लड़की चाहती, तो वो उन्हें धक्का देकर बच सकती थी। लेकिन ये तो रही गुजरात वाले मुकदमे की बात, राजस्थान के मुकदमे में आसाराम जो सजा भोग रहे हैं, वो अलग है और ये केस आसाराम के गले की सबसे बड़ी हड्डी है। बलात्कार के इल्ज़ाम में गिरफ्तार आसाराम पर 14 कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा चला। भारतीय दंड संहिता की इन 14 सख्त धाराओं को 1012 पन्नों की चार्जशीट में समेट कर 140 गवाहों के सहारे जोधपुर पुलिस ने बाबा के परमानेंट जेल में रहने का अपनी तरफ से पुख्ता इंतजाम किया था। सत्संगी बाबा का चोला ओढ़ कर बलात्कार करने के आरोपी आसाराम किन-किन धाराओं में लपेटे गए हैं। आइए ज़रा उन धाराओं को भी देख और समझ लीजिए। 

 

आईपीसी की धारा 376 (एफ)- यानी किसी लड़की के साथ बलात्कार करना.

जिसकी सज़ा- दस साल से लेकर उम्र कैद

आईपीसी की धारा 375 (सी)- यानी किसी लड़की के अंगों से शारीरिक तौर पर छेड़छाड़ करना.

जिसकी सज़ा- दस साल से लेकर उम्र कैद

आईपीसी की धारा 509/34- यानी किसी भी स्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रसंग करना 

जिसकी सज़ा- तीन साल कैद

आईपीसी की धारा 506- जान से मारने की धमकी देना.

जिसकी सज़ा- सात साल तक की कैद

आईपीसी की धारा 354ए- यौन उत्पीड़न.

सज़ा- तीन साल तक की कैद

आईपीसी की धारा 370ए- यानी बाल तस्करी.

सज़ा- आजीवन कारावास

आईपीसी की धारा 120बी- साज़िश रचना.

जिसमें मुख्य गुनाहगार के बराबर सज़ा का प्रावधान है।

आईपीसी की धारा 109- किसी को गुनाह के लिए उकसाना या मजबूर करना.

इसमें भी मुख्य गुनाहगार के बराबर सज़ा का प्रावधान है।

पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एफ, 6, 7, 8 और 17- यानी किसी शैक्षिक संस्थान में बाल यौन उत्पीड़न.

जिसकी सज़ा भी दस साल से लेकर उम्र क़ैद तक है।

 

जाहिर है इनमें से कई संगीन धाराओं में आसाराम को पहले ही दोषी करार दिया जा चुका है। और फिलहाल जो हालात हैं, उन्हें देख कर तो यही लगता है कि आसाराम को अपनी आने वाली पूरी उम्र की जेल की सलाखों के पीछे ही गुजारनी होगी।

वो खुद को भगवान समझने वाली अदा, वो बात-बात पर नाचने लगना, वो रौब, वो तेवर... अब चेहरे की झुर्रियों... चिड़चिड़े अंदाज़... सहारा लेकर चलने के साथ ही नाउम्मीदी की खीज में तब्दील हो गए हैं। जेल के दस सालों ने आसाराम को बहुत कुछ दिखा दिया... पिछले करीब पांच साल से तो आसाराम जेल की बैरक नंबर पांच में बंद है। रोजाना पांच बजे सुबह उठना होता है। पैर में दर्द की वजह से अब तो व्हील चेयर पर चलना पड़ता है। जेल प्रशासन के मुताबिक, आसाराम रात का खाना नहीं खाता है। आलम ये है कि रात में वो कई बार घबराकर उठ जाता है। बताया जाता है कि रेपसिस्ट बाबा को कई तरह की दिक्कतें भी बनीं रहती हैं। इनमें साइटिका, स्लीप डिस्क, नींद न आना, भूख न लगना, दांत दर्द, घुटनों में दर्द और कमज़ोरी भी बहुत ज़्यादा हो गई है। 

अब आपके मन में सवाल होगा कि बाबा की जो हेकड़ी थी, वो तो जेल के बाहर थी, मगर जेल में बाबा की जिंदगी कैसे कट रही है? कौन उसे व्हील चेहर पर बैठाता और घुमाता है? कौन उसे टहलाता है? तो ये भी जान लीजिए कि बाबा की बैरक में जो 5 लोग हैं, उनमें दो तो उसके ही चेले हैं। जो इस मामले में उसके साथ आरोपी हैं। और यही वो लोग हैं जो जेल में बाबा की खिदमत में जुटे रहते हैं। मतलब यहां भी बाबा को चेले मिले हुए हैं।

जेल में आसाराम को वही सुविधाएं दी जा रही हैं, जो दूसरे बुजुर्ग कैदियों को दी जाती हैं। गंभीर बीमारी के अलावा नॉर्मल बीमारी पर उसे जेल का ही डॉक्टर देखता है। बताया जाता है कि आसाराम ज़्यादातर आयुर्वेदिक दवाओं का ही इस्तेमाल करता है। जेल सूत्रों के मुताबिक, जेल से बाहर न निकल पाने की कसमसाहट की वजह से वो रोज़ नई बीमारियों से घिरता जा रहा है। ज़मानत मिलने की आस जब टूटने लगी, तो बाबा ने कोर्ट से गुज़ारिश की है कि उसकी बीमारी की वजह से ही उसे ज़मानत दे दी जाए। मगर, अब बात जमानत से आगे फैसले तक पहुंच गई है. देखिए बाबा का इंतजार कब खत्म होता है?

 

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