अतीक के जनाज़े को कौन देगा कंधा, परिवार के सदस्य या तो जेल में या तो फरार

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13 अप्रैल अतीक के बेटे असद का पुलिस ने झांसी में एनकाउंटर कर दिया। 15 अप्रैल खुद अतीक और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में तीन हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी गई। 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या की गई और उसके एक दिन बाद 25 फरवरी को विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था माफिया को मिट्टी में मिला देंगे। शायद तभी से अतीक की उल्टी गिनती शुरू हो गई थी। अब अतीक का अंत हो गया है। उसका शव तक कोई लेने वाला नहीं बचा है क्योंकि उसके परिवार के लोग या तो जेल में या फिर फरार हैं।

10 अगस्त 1962 को यूपी के इलाहाबाद में हाजी फिरोज अहमद के घर अतीक का जन्म हुआ। पिता तांगा चलाते थे। जो अतीक को पढ़ाना चाहते थे लेकिन वो 10वीं में फेल हो गया। फिर बदमाशों की संगत में आया। और रातो रात अमीर बनने की ख्वाहिश जागी तो चोरीलूटअपहरण और रंगदारी वसूलने लगा। साल 1979 में अतीक अहमद पर पहला हत्या का मामला दर्ज हुआ। फिर राजनीति में एंट्री ली। पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहा। प्रयागराज में उसका सिक्का चलता थानाम सुनते ही लोग कांप उठते थे। आज उसी गैंगस्टर के घर में मातम छाया है। आलम ये कि उसके लिए कोई रोने वाला नहीं बचा। पूरा का पूरा परिवार तबाह हो गया।

साल 1996 में अतीक ने शाइस्ता परवीन से शादी की। अतीक और शाइस्ता के पांच बेटे हुए। जिनमें मोहम्मद उमरमोहम्मद अलीअसद अहमद, अहजान और अबान हैं।

अतीक साल 2005 में विधायक राजू पाल की हत्या करवाता है। इस मामले में अतीक जेल में बंद था। और जेल से ही उसने हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या साजिश रची। और पिता के कहने पर 24 फरवरी को अतीक के तीसरे नंबर का बेटा असद अहमद उमेश पाल को दिनदहाड़े गोली मारकर उसकी हत्या कर देता है। जिसके बाद वो फरार हो जाता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। फिर 13 अप्रैल को असद का झांसी में एनकाउंटर कर एसटीएफ उसे मार गिराती है।

अतीक के सबसे बड़ा बेटा मोहम्मद उमर पर अपहरण और मारपीट के दो मामले दर्ज हैं। सीबीआई ने उसपर दो लाख का इनाम रखा था जिसके बाद उसने कोर्ट में सरेंडर किया। अब वो लखनऊ की जेल में बंद है।

अतीक के दूसरे नंबर का बेटा मोहम्मद अली पर भी रंगदारी समेत छह मामले दर्ज हैं। 50 हजार का इनामी अली ने भी सरेंडर कर दिया है जिसके बाद अब वो प्रयागराज की नैनी जेल में बंद हैं।

वहीं झांसी में यूपी एसटीएफ ने अतीक के जिस बेटे का एनकाउंटर किया है वो तीसरे नंबर का बेटा था। असद ने 12वीं की परीक्षा पास की थी और वो पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहता थालेकिन फैमिली क्रिमिनल रिकॉर्ड होने के कारण पासपोर्ट क्लियर नहीं हो सका था।

अतीक के चौथे और पांचवें नंबर के बेटे नाबालिग है। वे बाल सुधार गृह में अपने आपको सुधारने में लगे हुए।

उमेश पाल हत्याकांड को लेकर अतीक की पत्नी शाइस्ता को भी आरोपी बनाया गया है। उस पर चार मामले दर्ज हैं। 50 हजार का इनाम शाइस्ता फरार है।

अतीक की बहन आयशा और उसकी दो भांजी है। आयशा फरार है। वहीं आयशा की बेटी उनाजिला पर आरोप है कि उसने असद और गुड्डू मुस्लिम को पनाह दी और उनकी आर्थिक मदद की। मामले में आयशा के पति अखलाक को गिरफ्तार किया गया है।

वहीं अतीक अहमद का भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की पत्नी जैनब भी उमेश पाल की हत्या में आरोपी है। और वो भी फरार है। 

15 अप्रैल को प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था। तब तीन हमलावरों ने दोनों भाइयों को गोली मार दी। अतीक का अंत तो हो ही गया लेकिन उसका पूरा परिवार भी बिखरा गया।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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