बेहद खौफनाक ! Porn Film देख करता था Crime, महज 25 साल की उम्र में बन गया सीरियल किलर

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7 साल, 30 बच्चे
क्रूरता का कबूलनामा
पुलिसकर्मी भी रो पड़े
ये कहानी है 1991 में जन्मे एक 'नरपिशाच' यानी शैतानी दरिंदे की जिसे जानकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे...
साल था 2008 तकरीबन उम्र थी 18 साल
कासगंज का रहने वाला एक युवक जिसका नाम रविंद्र कुमार है... वो काम की तलाश में दिल्ली जाता है.. यहां वो मजदूरी करने लगता है... पिता प्लंबर का काम करते और मां लोगों के घरों में काम करती थी...इसी बीच रविंद्र को नशे की लत लग जाती है... और फिर वो पॉर्न फिल्म देखने लगता है.....नशे की हालत में बच्चों का शिकार करने लगता है.. जब रात में सब सो रहे होते वो शैतान बनकर बच्चियों का शिकार करता...2008 से 7 साल तक यानी 2015 तक उसने 30 बच्चों को अपना शिकार बनाया... इस कहानी को जान एक बार से निठारी कांड की याद भी ताजा हो जाएंगीं

राजधानी दिल्ली में 30 बच्चों के गुनहगार साइको किलर रविंद्र कुमार को रोहिणी कोर्ट ने दोषी करार दिया है...इस सनकी रेपिस्ट के कारनामे जान पुलिसकर्मी भी दंग रह गए...रविंद्र को दोषी ठहराए जाने के बाद अब अगले दो हफ्तों में उसकी सजा का ऐलान किया जाएगा... रविंद्र की वारदातों और बच्चों के खिलाफ उसकी क्रूरता के कबूलनामे ने पुलिसकर्मियों तक को रुला दिया....रविंद्र कुमार को 2015 में बाहरी दिल्ली इलाके से गिरफ्तार करने वाली पुलिस ने ज्यादा से ज्यादा सजा की मांग की है...

दरिंदे रविंद्र का 'अपराधनामा'  
2008 में सबसे पहले दिल्ली के कराला इलाके से लड़की का अपहरण किया
इसके बाद दुष्कर्म की और फिर उसकी हत्या कर दी
जैसे-जैसे पुलिस को चकमा देता रहा, हौसला बढ़ता गया और इसे एक पैटर्न बना दिया
ज्यादातर मासूम को इस डर से मार डाला कि वो उसकी पहचान कर सकते है
पकड़े जाने के डर से वो एक ही जगह दो बार अपने कामों को नहीं दोहराता था

पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक
नोट और चॉकलेट का लालच देकर सुनसान जगह पर ले जाता था
सबसे कम उम्र की पीड़िता 6 साल और सबसे बड़ी 12 साल की थी
6 साल की बच्ची के अपहरण, हत्या और शारीरिक शोषण का आरोप लगा
2014 में दिल्ली पुलिस ने रविंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया
आरोप है कि बच्ची के अपहरण के बाद हत्या कर सेप्टिक टैंक में फेंक दिया था

साल 2012 में उसका परिवार बेगमपुर शिफ्ट हुआ....2008 से 2012 तक लगतातर क्राइम करता जा रहा था.... लेकिन किसी को भनक तक नहीं लग रही थी... कि इसके पीछे कौन है और वो ऐसा क्यों कर रहा है?......एक और मामला दिल्ली के बेगमपुर में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का मामला.... 14 जुलाई 2015 को सामने आया.... जिसकी जांच दिल्ली पुलिस से एसीपी पद से रिटायर हुए जगमिंदर सिंह दहिया कर रहे थे... उन्होंने बताया की अंग्रेजी हारर मूवी देखकर रवींद्र हैवान बना. फिल्म देखने के बाद उसने पहली वारदात को अंजाम दिया. रविंद्र ने सुबह बच्ची को खेतों की ओर जाते देखा. उसने बच्ची को दस रुपये दिए और खंडहर इमारत की दूसरी मंजिल पर लेकर गया. बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाकर शव पहली मंजिल की शिफ्ट में फेंक दिया था.

तब पुलिस की टीम ने रविंद्र को रोहिणी के सुखबीर नगर बस स्टैंड के पास से पकड़ा था... रविंद्र तक पहुंचने से पहले पुलिस ने दर्जनों सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की थी...अपने तमाम मुखबिरों से पूछताछ की थी तब जाकर पुलिस आरोपी  तक पहुंच पाई थी....मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच में एक और बात सामने निकलकर आई है कि आरोपी रवींद्र 40 किलोमीटर तक बच्चों की तलाश में पैदल चलता था.... बच्चों की तलाश में वो ज्यादातर कंस्ट्रक्शन साइट्स के आसपास, झुग्गी बस्ती के पास घूमता और इस दौरान अगर कोई बच्चा मिल जाता तो उसे बहलाता और फुसलाता और सुनसान जगह ले जाता था...बता दें कासगंज के रहने वाले रविंद्र के खिलाफ 28 मामले चल रहे हैं...अब कोर्ट का फैसला क्या आता है.. ये देखने वाली बात होगी... 

 

 
कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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