Indian Navy के Marcos Commandos का बड़ा Operation, बीच समंदर 35 सोमालियाई डकैतों का कराया सरेंडर !

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ये नया भारत है… आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है, ये संकल्पों को चरितार्थ करने के लिए जी-जान से जुटा हुआ भारत है. इसलिए ये भारत… न रुकता है, न थकता है, न हांफता है और न ही ये भारत हारता है. ये बात PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से कही थी और नए भारत को परिभाषित किया था. उन्होंने बताया था कि जो भी भारत की ओर आंख उठाकर देखेगा, उसको मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा. हमारी तीनों सेनाएं भी अब ईंट से ईंट बजाने में माहिर है और दुश्मनों को उसी की  भाषा में जवाब भी दे रही है. इसकी ताकत कितनी है अरब सागर में आतंक मचा रहे समुद्री लुटेरे समझ ही गए होंगे क्योंकि इंडियन नेवी ने 12 मार्च को बांग्लादेश के 22 नागरिकों को 11 समुद्री लुटेरों से बचाया है. दरअसल समुद्री लुटेरों की हिमाकत को हाल के एक दो महीनों में इंडियन नेवी ने कड़ी चुनौती दी है. समुद्री लुटेरों से भारत ने ईरान, लाइबेरिया, बांग्लादेश के लोगों को भी बचाया है. रिपोर्ट्स की मानें तो अरब सागर में पिछले कई दिनों से बड़ी मुसीबत बने सोमालियाई समुद्री लुटेरों को आखिरकार घुटने टेकना पड़ा. इंडियन नेवी को 40 घंटे के ऑपरेशन के बाद बड़ी सफलता हाथ लगी. नेवी ने बताया कि 3 महीने पहले अदन की खाड़ी में हाईजैक हुए जहाज MV रुएन को बचाने का ऑपरेशन पूरा कर लिया है. ऑपरेशन भारत के समुद्री तट से 2800 किलोमीटर दूर चलाया गया. इस कार्रवाई के बाद 35 समुद्री लूटेरों ने सरेंडर किया और 17 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला गया. जहाज का क्रू 110 से ज्यादा दिनों से लुटेरों के कब्जे में था. इसे पूरा करने के लिए INS कोलकाता, ज्यादा ऊंचाई तक उड़ने वाले ड्रोन, P8I पैट्रोलिंग एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल हुआ. अब हाईजैक हुआ जहाज MV रुएन पूरी तरह इंडियन नेवी के कब्जे में है.

 

नेवी ने एक वीडियो भी एक्स पर पोस्ट किया है. जिसमें एक समुद्री लुटेरा जहाज के डेक पर चलता हुआ दिखाई दे रहा है और जहाज के ऊपर मंडरा रहे विमान पर अपनी बंदूक से निशाना साधता है और दो बार फायर करता है. समुद्री डाकुओं ने नौसेना के एक जहाज पर भी हमला किया, क्योंकि उसने अपहृत जहाज को रोका था. नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, 'पिछले 40 घंटों में INS कोलकाता ने कड़ी कार्रवाई के माध्यम से सभी 35 समुद्री लुटेरों को सफलतापूर्वक घेर लिया और आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया. मार्कोस कमांडो ने उस जहाज से चालक दल के 17 सदस्यों को बिना कोई चोट आए सुरक्षित बाहर निकाला.' ऐसे में सवाल है कौन है सोमालिया के कुख्यात समुद्री लुटेरे, जिन पर मार्कोस कमांडो ने स्ट्राइक कर भारत का सिर गर्व से पूरी दुनिया में ऊंचा कर दिया है. 

मार्कोस कमांडों के बारे में जानते है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मार्कोस या मरीन कमांडो फोर्स भारत के सबसे खतरनाक और घातक कमांडो होते हैं. हालांकि, ये इंडियन नेवी की स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स यूनिट है, लेकिन इनकी ट्रेनिंग इस तरह से दी जाती है कि ये आसानी से जमीनी स्तर से लेकर आसमान तक दुश्मनों का खात्मा कर सकते हैं. इंडियन नेवी की स्पेशल यूनिट फरवरी, 1987 में बनाई गई थी. इन्हें दुनिया के सभी आधुनिक हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है.

इसको बनाने के पीछे भी दिलचस्प कहानी है. दरअसल 1987 में मार्कोस कमांडो की स्पेशल यूनिट इसलिए बनाई गई थी, क्योंकि उस वक्त आतंकवादी हमले और समुद्री लुटेरों का आतंक काफी तेजी से बढ़ने लगा था. उस पर काबू पाने और सबक सिखाने के लिए एक स्पेशल फोर्स की जरूरत थी. उस दौरान इस यूनिट की स्थापना की गई थी. मार्कोस की ट्रेनिंग अमेरिकी नेवी सील्स की तरह कराई जाती है. फिलहाल, इसमें 1200 कमांडो मौजूद हैं. इनका सेलेक्शन बहुत ही हार्ड ट्रेनिंग के बाद किया जाता है. ट्रेनिंग के दौरान सैनिकों को 24 घंटे में से मात्र 4-5 घंटे तक ही सोने दिया जाता है. तड़के सुबह से शुरू हुई ट्रेनिंग देर शाम या रात तक भी चलती रहती है. हर परिस्थिति में सैनिक को अपनी ट्रेनिंग पूरी करनी होती है. मार्कोस के लिए सैनिकों की ट्रेनिंग सिर्फ समुद्र में नहीं होती, बल्कि इन्हें अलग-अलग जगह पर ट्रेंड किया जाता है. भारत में राजस्थान, तवांग, सोनमर्ग और मिजोरम जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में इन्हें ट्रेनिंग देकर तैयार किया जाता है, ताकि जगह ऑपरेशन को अंजाम दे सके. साल 1987 में हुए पवन ऑपरेशन को मार्कोस कमांडो ने ही सफलता दिलाई थी. इसके बाद, साल 1988 में कैक्टस ऑपरेशन , 1991 में ताशा ऑपरेशन, साल 1992 में जबरदस्त ऑपरेशन ,1999 में कारगिल वार , 2008 में  ब्लैक टॉरनैडो नाडो ऑपरेशन और 2015 में हुए राहत ऑपरेशन समेत इस स्पेशल कमांडो फोर्स ने कई बड़े ऑपरेशन में शानदार प्रदर्शन किया है.

अब जानते है कौन है सोमालिया के समुद्री लुटेरे ? अमेरिकी मीडिया हाउस न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक सोमालिया के कई समुद्री तटीय इलाकों में सरकार नहीं है. लोग जो चाहते हैं वो करते हैं. इससे समुद्री लुटेरों और स्मगलर्स को बढ़ावा मिलता है. सोमालिया अफ्रीका का एक पूर्वी देश है, ये अदन की खाड़ी तक फैला हुआ है. अरब देश यमन के करीब है. इस पूरे इलाके को हॉर्न ऑफ अफ्रीका भी कहा जाता है, समुद्री लुटेरों का आतंक काफी है इसी के चलते तमाम देश इस पर नजर रखते है. जानकारी के लिए बता दें हाल फिलहाल जो मार्कोस कमांडो ने कार्रवाई की है. उसका पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है. देखा जाए तो इंडियन नेवी ने पिछले कुछ हफ्तों में पश्चिमी हिंद महासागर में कई व्यापारी जहाजों पर हमलों के बाद उनकी सहायता की है. यहां तक की पाकिस्तान, ईरान, लाइबेरिया, माल्टा की मदद की थी.

कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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