बजट 2023 में मिडिल क्लास को मिली बड़ी राहत, 7 लाख तक की आय टैक्स फ्री

Home   >   धनतंत्र   >   बजट 2023 में मिडिल क्लास को मिली बड़ी राहत, 7 लाख तक की आय टैक्स फ्री

280
views

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया। इस बजट में नौकरी पेशा लोगों के साथ हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की गई है। 2024 में लोकसभा चुनाव है, लेकिन बजट में इनकम टैक्स में छूट देकर अभी से मोदी सरकार ने मिडिल क्लास को साधने का दांव चल दिया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स में 8 साल बाद बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स को राहत तो दी, लेकिन उनको, जो फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में नया इनकम टैक्स सिस्टम चुनेंगे। पुराना टैक्स सिस्टम लेने वाले टैक्स पेयर्स पहले जैसे ही टैक्स देते रहेंगे। नया टैक्स सिस्टम चुनने वालों के लिए रिबेट की लिमिट 7 लाख रुपए कर दी गई। पहले ये 5 लाख रुपए थी। बजट में सैलरीड क्लास को एक और राहत दी है। नए टैक्स सिस्टम में 50 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल कर लिया गया है यानी 7.5 लाख रुपए तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

लेकिन आप नौकरी की बजाय बिजनेस से कमाई कर रहे हैं तो स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नहीं मिलेगा। यानी आपकी इनकम 7 लाख रुपए से एक रुपया भी ज्यादा हुई तो टैक्स चुकाना होगा।नए टैक्स सिस्टम के लिए वित्त मंत्री ने नए स्लैब्स का भी ऐलान कर दिया है।

उनके लिए अब 3 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री होगी। 3 से 6 लाख रुपये तक के इनकम पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा। 6 से 9 लाख रुपये तक के आय पर 10 फीसदी, 9 से 12 लाख रुपये तक के आय पर 15 फीसदी, 12 से 15 लाख रुपये तक के आय पर 20 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा आय पर 30 फीसदी इनकम टैक्स देना होगा।

अब नये इनकम टैक्स के फायदे के बारे में समझ लेते हैं। अब 7 लाख रुपये की कमाई करने वाले को कोई टैक्स नहीं देना होगा यानी टैक्स पेयर्स को 44 हजार 200 रुपये का फायदा मिलेगा, वहीं 8 लाख रूपये की कमाई करने वाले को पहले 65 हजार रुपये टैक्स देना होता था लेकिन नई स्लैब के मुताबिक अब टैक्सपेयर्स को 35 हजार रुपये ही देने होंगे यानी उसे सीधे तौर 30 हजार रुपये का फायदा मिलेगा तो वहीं 9 लाख रुपये की सालाना कमाई करने वालों की बात करें। तो पहले उनको 85 हजार 800 रुपये टैक्स देना होता था। लेकिन अब उनको 45 हजार रुपये टैक्स देना होगा यानी सीधे तौर पर 40 हजार 800 रुपये का फायदा मिलेगा। इसी तरह 10 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्ति को अब 1 लाख 6 हजार 600 टैक्स की बजाये 60 हजार रुपये ही टैक्स देना होगा यानी 46 हजार 600 रुपये का फायदा टैक्सपेयर्स को मिलेगा।  इसी तरह 12 लाख सालाना कमाने वाले को 73 हजार 800 रुपये का टैक्स में फायदा मिलेगा, वहीं 15 लाख कमाने वाले व्यक्ति को अब 1 लाख 50 हजार रुपये का ही टैक्स देना होगा यानी टेक्सपेयर्स को 1 लाख 7 हजार 400 रुपये का फायदा मिलेगा। वहीं 20 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्ति को जहां पुरानी टैक्स स्लैब में 4 लाख 13 हजार 400 रुपये टैक्स जमा करने पड़ते थे। तो अब टैक्सपेयर्स को नये टैक्स स्लैब में 3 लाख रुपये का ही टैक्स जमा करना पड़ेगा यानी उसे 1 लाख 13 हजार 400 रुपये का फायदा मिलेगा।

सबसे पहले नये इनकम टैक्स की स्कीम का फायदा किस तरह से मिलेगा ये समझ लेते हैं। इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने के 2 ऑप्शन मिलते हैं। 1 अप्रैल 2020 को नया ऑप्शन दिया गया था। सरकार ने नई टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट ऑप्शन कर दिया है। यानी बजट में इनकम टैक्स से दी गई राहत सिर्फ इसी पर लागू होगी। अगर आप पुराना टैक्स रिजीम चुनते हैं तो आपको ये राहत नहीं मिलेगी। साथ ही आपको अपने निवेश के लिए सारे डॉक्युमेंट देने होंगे और पुराना टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।

ओल्ड टैक्स रेजिम या पुराने टैक्स स्लैब में इनकम टैक्स रेट आपकी इनकम और इनकम स्लैब पर निर्भर करता है। नया टैक्स स्लैब इससे अलग है इसमें टैक्स रेट कम होता है और जैसे-जैसे आपका इनकम टैक्स स्लैब बढ़ता है, वैसे-वैसे टैक्स की देनदारी बढ़ती है। इसमें एक्जेम्पशन और डिडक्शन का लाभ नहीं ले सकते हैं जबकि ओल्ड टैक्स रेजीम में छूट ले सकते हैं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!