Lok Sabha Elections 2024: बीजेपी के झटके से कांग्रेस में रायबरेली और अमेठी की सीटों पर कैसे पड़ेगा असर?

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2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राज्यसभा की 15 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने बड़ा खेल कर दिया। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश और हिमाचल में क्रॉस वोटिंग कराकर विपक्षी पार्टियों को कराकर बड़ा संदेश भी दे दिया है। इसका सीधा खामियाजा यूपी में सपा और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को भुगतना पड़ा है। बीजेपी ने कांग्रेस के एकलौत गढ़ रायबरेली में भी सेंधमारी कर दी है, जिसके बड़े सियासी मायने हैं। आइए समझते हैं कि कैसे बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के जरिए लोकसभा के लिए निशाना साधा है।

 उत्तर प्रदेश की 10, कर्नाटक की 4 और हिमाचल प्रदेश की 1 राज्यसभा सीट के लिए हुई वोटिंग में यूपी में समाजवादी पार्टी और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। जिस वजह से कुल 15 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने 10 सीटें जीतीं। इनमें यूपी की 8, कर्नाटक और हिमाचल की 1-1 सीट शामिल है। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के ’सियासी ड्रामे’ ने पूरे देश का ध्यान खींचा। यूपी में वोटिंग शुरू होने के कुछ देर बाद ही सपा के मुख्य सचेतक और विधायक मनोज कुमार पांडे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। दोपहर बाद खबर आई कि यूपी में 7 सपा विधायकों ने एनडीए को वोट दिया है। इन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग करके बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ को जीता दिया। सपा उम्मीदवार की बजाय बीजेपी कैंडिडेट के लिए क्रॉस वोटिंग करने वाले राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की गौरीगंज सीट से विधायक हैं तो वहीं पार्टी के चीफ व्हिप रहे मनोज पांडेय रायबरेली जिले की ऊंचाहार सीट से विधायक हैं। कुम्हार बिरादरी से आने वाली अमेठी की महाराजी देवी, अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति की पत्नी हैं। ओबीसी वर्ग के मतदाताओं के बीच गायत्री की पकड़ मजबूत मानी जाती है। अब इन सबका सपा की लाइन से अलग जाकर क्रॉस वोटिंग करना कांग्रेस को इसलिए टेंशन में डालने वाला है क्योंकि तीनों का ही नाता गांधी परिवार का गढ़ रहे रायबरेली और अमेठी से है।

राहुल और प्रियंका को दिया झटका ! 

सपा के साथ हुई सीट शेयरिंग में यह सीटें कांग्रेस के हिस्से आई हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग से सपा को मिले झटके का सीधा असर लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पर पड़ेगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तरफ से ये बार-बार मांग की जा रही है कि राहुल अमेठी से चुनाव लड़ें। दूसरी तरफ सोनिया गांधी ने रायबरेली सीट खाली की और राजस्थान से राज्यसभा पहुंची हैं। रायबरेली और अमेठी दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों के बारे में अटकलें लगाई गई हैं। अब सपा से इन विधायकों की बगावत ने जहां अखिलेश यादव की चिंता बढ़ा दी है वहीं, राहुल गांधी और प्रियंका को भी रायबरेली और अमेठी की सीटों पर फिर से मंथन करने पर मजबूर कर दिया है।

हिमाचल में कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी

अब भला कौन सोच सकता था कि 40 सदस्यीय कांग्रेस पार्टी के कैंडिडेट को वहां हार का सामना करना होगा। कैंडिडेट भी भारी भरकम। देश के दिग्गज वकील अभिषेक मनु सिंघवी। बीजेपी ने बहुमत के बावजूद सिंघवी को राज्यसभा चुनाव में पटखनी देकर एक तीर से कई शिकार किए हैं। जहां लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में असंतोष देखने को मिल रहा है। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस से नाराज चल रहे विधायकों को साधा और 3 अन्य निर्दलीय विधायकों को साधकर आंकड़े को अपने पक्ष में कर लिया। बीजेपी की इस कमेस्ट्री के सामने कांग्रेस का अंकगणित फेल हो गया। लोकसभा चुनाव से पहले राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग होना इंडिया अलायंस के लिए खतरे की घंटी है। जहां कांग्रेस पहले से ही दबाव में है। वहीं अब पार्टी के लिए दूसरे राज्यों में सीट शेयरिंग समझौते पर बातचीत करना और भी मुश्किल हो गया।

बिखरता जा रहा 'इंडिया' कुनबा

हालांकि, देर से ही सही फिलहाल इंडिया अलायंस के घटक दलों के बीच अलग-अलग राज्यों में सीटों के बंटवारे पर बातचीत होने लगी है। यूपी, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़, गोवा समेत कुछ राज्यों में कांग्रेस की बात बन भी गई। महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की पार्टी के साथ कांग्रेस की डील लगभग फाइनल हो गई थी। बंगाल में भी कांग्रेस ममता बनर्जी की TMC के संपर्क में है। इसी बीच राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग ने I.N.D.I.A अलायंस और कांग्रेस के कॉन्फिडेंस को हिलाकर रख दिया है। उधर, बिहार में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के तीन विधायक NDA में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस विधायक मुरारी गौतम और सिद्धार्थ सौरव ने NDA जॉइन किया है। वहीं राजद खेमे से संगीता देवी ने पाला बदलकर NDA में शामिल हो गई हैं। इस तरह NDA का कुनबा बढ़ता और I.N.D.I.A अलायंस का कुनबा सिकुड़ता जा रहा है।

पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

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