चंद्रबोस ने 20 गाने लिखे तब कहीं 'नाटू-नाटू' हुआ फाइनल

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एसएस राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ का 'नाटू-नाटूगाना जब रिलीज हुआ तब इस गाने पर सभी झूम कर नाचे। अब पूरी दुनिया फिर से थिरक रही है। 'नाटू नाटू' सॉन्ग ने 95वें एकेडमी अवॉर्ड्स में इतिहास रच दिया। 'नाटू नाटू' ने 'बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग' कैटिगरी में पॉप स्टार रिहाना से लेकर लेडी गागा तक के गाने को मात देकर ऑस्कर जीत लिया। ये 'बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग' कैटिगरी में ऑस्कर जीतने वाला पहला भारतीय और एशियन सॉन्ग बन गया है। लेकिन क्या आपको पता है इस गाने को बनाने में मेकर्स को 19 महीने लगे। आज कहानी 'नाटू-नाटूगाने की। आखिर इस गाने को क्यों और कैसे तैयार किया गया।

साल 2022 में आई एस. एस. राजामौली की फिल्म आरआरआर बनाते वक्त उनके दिमाग में एक बात आ रही थी कि एनटीआर जूनियर और राम चरण दोनों ही शानदार डांसर हैं। अगर दोनों को किसी गाने में साथ में डांस करते हुए दिखाया जाए तो ये लोगों को अच्छा लगेगा। एक वेबसाइट की खबर के मुताबिक राजामौली ने ये आइडिया फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर एम.एम करीम को बताया। कहा कि वो फिल्म में ऐसा गाना चाहते हैं जिसमें दोनों एक्टर एक-दूसरे से पछाड़ते हुए डांस करें। राजामौली की बात सुनकर एम.एम करीम ने लिरिक्स राइटर चंद्र बोस को ये आइडिया बताया। कहा कि ऐसा गाना लिखो जिसे सुनकर और जिसके डांस को देखकर दर्शकों के बीच एक जोश पैदा हो जाए। चैलेन्ज ये भी था कि फिल्म साल 1920 की घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। इसलिए उन्हीं शब्दों का इस्तेमाल हो जो उस दौर के लगे। इसके बाद चंद्र बोस ने गाने पर काम करना शुरू कर दिया। एक दिन चंद्र बोस कार से जुबिली हिल्स जा रहे थे। ड्राइविंग करते वक्त उनके दिमाग में गाने की हुक लाइन ‘नाटु-नाटु’ आई। लेकिन अभी इस गाने की कोई धुन नहीं बनी थी। चंद्र बोस गाने के 2-3 मुखड़े तैयार कर एम.एम करीम से मिले। 'नाटू-नाटूऐसा गाना हैजिसमें दोनों हीरो अपने डांस के हुनर को दिखाते हैं। गाने के मुखड़ों को एम.एम करीम ने भी पसंद किया और इस तरह ये गाना फाइनल हुआ। दो दिन में गाना करीब 90 फीसद तैयार हो गया। हालांकि इसका 10 फीसदी  बचा हुआ भाग पूरा करने में 19 महीने लगे थे। गाने में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 1920 के दशक की भाषाओं के शब्दों को इस्तेमाल किए गया है। चंद्रबोस ने फिल्म के लिए 20 गाने लिखे थे, लेकिन उन 20 में से नाटू-नाटू को फाइनल किया गया है।  इस गाने को तेलुगु में काल भैरव और राहुल सिप्लिगुंज ने अपनी आवाज से सजाया है। और हिन्दी वर्जन में इस गाने को रिया मुखर्जी ने लिखा है और गाने में आवाज सिंगर विशाल मिश्रा ने दी है गाने को शूट करने में भी काफी वक्त लगा था। इसे यूक्रेन के राष्ट्रपति भवन के बैकग्राउंड में फिल्माया गया है। ये गाना न सिर्फ एनटीआर और रामचरण के शानदार डांस को दिखाता है बल्कि फिल्म में भीम और राम की दोस्ती के कई पहलुओं को भी दर्शाता है। इस गाने को कोरियोग्राफ प्रेम रक्षित ने किया है। फिल्म 'आरआरआर' 1920 के दशक के समय पर बेस्ड है जब भारत पर ब्रिटिश की हुकूमत थी। फिल्म में आलिया भट्ट और अजय देवगन ने काम किया है। आखिरी बार 2008 में फिल्म 'स्लमडॉग मिलेनियर' के गाने 'जय हो' के लिए एआर रहमान को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का ऑस्कर मिला था। इसके 15 साल बाद भारत को ये अवॉर्ड मिला है। 'जय हो' गाने को ऑस्कर तो मिला, लेकिन ये ब्रिटिश फिल्म थी। ऐसे में 'नाटू- नाटू' ऑस्कर जाने वाला पहला ऐसा भारतीय गाना है। गाने के कंपोजर एमएम करीम को पीएम नरेंद्र मोदी ने बधाई देकर कहा कि इंडिया को इस जीत पर गर्व है।

 

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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