द केरल स्टोरी के ट्रेलर रिलीज के बाद उठ रही बैन की मांग

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तकरीबन 5 महीने पहले द केरल स्टोरी का एक टीजर सामने आया था, जिसमें अदा शर्मा हिजाब पहने महिला के रोल में थीं। वो महिला खुद को पहले शालिनी बताती है फिर कहती लेकिन आज मैं फातिमा हूं। अब इसी फिल्म का पौने तीन मिनट का ट्रेलर रिलीज किया गया है। जिसे रिलीज के सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही 5 मिलियन से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं। इस ट्रेलर में शालिनी को फातिमा बनाने के लिए क्या-क्या मैनिपुलेशन किया जाता है, ये दिखाया गया है। साथ ही कथित तौर पर केरल से लापता हुई 32000 लड़कियों, जिनकी उम्र 18 से 35 साल के बीच थी, उसपर भी ध्यान खीचने की कोशिश की गई है।  

सबसे पहले फिल्म के ट्रेलर के बारे में बात कर लेते हैं, मुख्य भूमिका में अदा शर्मा है। जिन्होंने शालिनी का रोल निभाया है, जो कन्वर्ट होकर फातिमा बन जाती हैं। ये स्टोरी उनके ऊपर बेस्ज्ड दिखाई गई है, लेकिन असल में ये हजारों लड़कियों की कहानी है। टीजर आने के बाद से ही इसे सही और गलत के पैमाने पर नापा जा रहा था। जहां कई मत हैं कि ये कहानी प्रोपेगेंडा है, तो वहीं कई रिपोर्ट्स ऐसी भी हैं जो कहती हैं कि ये स्टोरी सच्ची कहानियों पर आधारित है।

जैसे ट्रेलर में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के एक कथित बयान को भी शामिल किया गया है, जिसमें कहा गया कि अगले 20 वर्षों में केरल इस्लामिक स्टेट बन जाएगा। 

स्टोरी को लगभग ट्रेलर में दिखा दिया गया है, लेकिन ये मुद्दा संजीदा क्यों है?  कैसे ये महिला पकड़ी जाती है? और सबसे जरुरी बात कि इस सब को फिल्मी पर्दे पर सही से उतारा जाएं। हालांकि दायरे में रहते हुए ट्रेलर में सारी चीजों को बैलेंस और बेहेतरीन रखा गया है।

ये फिल्म केरल राज्य में कथित रूप से लापता हुई 32 हजार महिलाओं के पीछे की घटनाओं का खुलासा करती है। फिल्म को सनशाइन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनाया गया है। इसे सुदीप्तो शाह शेन बना रहे हैं। वहीं, फिल्म के प्रोड्यूसर और क्रिएटिव डायरेक्टर विपुल अमृतलाल शाह हैं।

जिन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि ये फिल्म सालों की रिसर्च और रियल कहानियों का मेल है। जिसे पहले कभी बताने की हिम्मत नहीं की गई। ये फिल्म सत्य को उजागर करेगी, ये हमारे देश की महिलाओं के लिए कट्टरवाद के खतरनाक खतरे को उजागर करेगा और भारत के खिलाफ रची जा रही इस साजिश के बारे में जागरूकता पैदा करेगा

साथ ही उन्होंने कहा कि फिल्म को हजारों महिलाओं की आवाज बनना है, जिन्हें आतंकवाद और दूसरे अपराधों के लिए प्रेरित किया गया और उनका शोषण किया गया। फिल्म के राइटर सूर्यपाल सिंह, अमृतलाल शाह और सुदीप्तो सेन हैं। फिल्म 5 मई को थियेटर्स में रिलीज होगी। 

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