दुबई बन रहा है अमीर भारतीयों का नया ठिकाना, 40 फीसदी लोगों ने खरीदी प्रॉपर्टी

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ऊंची इमारतें, बेशुमार दौलत और लग्जरी लाइफस्टाइल वाली दुबई अब भारतीय अमीरों को लुभा रही है। दुबई में 40 फीसदी घर खरीदने वालों में केवल भारतीय शामिल है। जो कि ज्यादातर लोग दिल्‍ली-NCR, अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद और पंजाब के रहने वाले हैं।

दुबई को अगर सपनों का शहर कहें तो गलत नहीं होगा, क्योंकि यहां की खूबसूरती किसी का भी मन मोह लेती है। शायद यही वजह है कि भारत के अमीर लोगों अपने सपनों का महल दुबई में ही खरीद रहे हैं। क्योंकि दुबई में इतनी सारी गगनचुंबी इमारतें हैं, जितनी शायद ही किसी और शहर में देखने को मिलें।

दरअसल पिछले कुछ समय से लगातार ये बात सामने आ रही है कि भारत में कई लोग जैसे ही अरबपति बनते हैं। वो दुबई में अपना आशियाना बना लेते हैं. क्योंकि भारतीय लोगों को दुबई का वर्ल्‍ड क्‍लास सोशल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर काफी पंसद आ रहा है। यहां कई इंटरनेशनल स्‍कूल, वीजा पॉलिसी में छूट जैसी सुविधाएं तो है ही..टूरिज्म हब के रूप में मशहूर डाउनटाउन दुबई में कई मॉल , बुर्ज खलीफा और स्‍काईस्‍क्रैपर्स भी हैं। 

भारत के कुबेर कहे जाने वाले मुकेश अंबानी ने 1,354 करोड़ रुपये में पाम जुमेराह में हवेली खरीदी है। वहीं ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन, शाहरुख खान, शिल्पा शेट्टी ने भी अपने सपनों का आशियाना खरीदा है। ये रही देश के अमीरों की बात  तो वहीं कई ऐसे भारतीय भी है जिन्होंने 1.6 मिलियन दिरहम से 1.7 मिलियन दिरहम (3.6 करोड़ रुपये से 3.8 करोड़ रुपये) कीमत के मकान खरीदें हैं। इन प्रॉपर्टीज का मंथली किराया 3 लाख रुपये से लेकर 3.5 लाख रुपये तक जाता है।

स्‍थानीय रिएल्‍टर्स के मुताबिक, दुबई में प्रॉपर्टीज के किराए से होने वाला मुनाफा 4% से 5% के बीच रहता है। यहां प्रॉपर्टी खरीदने वाले बाहरी देशों के नागरिकों की संख्या में भारत पहले नंबर पर हैं। तो वहीं ब्रिटेन दूसरे और रूस तीसरे नंबर पर आता है। इसके पीछे भी एक खास वजह है,यहां प्रॉपर्टी खरीदने वाला 10 साल तक बिना वीजा के भी रह सकता है। कोरोनाकाल के बाद 2022 में दुबई में प्रॉपर्टी की डिमांड तेजी से बढ़ी। दुबई में लगातार विला की डिमांड हो रही है. 2023 और 2025 तक प्राइम रेसिडेंशियल एरिया में 8 नए विला अभी ड्यू हैं। डेवलपर्स ने अभी तक नई परियोजनाओं को बाजार में नहीं उतार रहे हैं। शॉर्ट से मीडियम टर्म में उम्मीद है कि साल के अंत तक कीमतें 5% से 7% तक बढ़ेंगी, जो 2022 तक पिछले साल की तुलना में लगभग 60% से 80% अधिक होगी।

संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के अनुसार अभी यूएई में करीब 35 लाख भारतीय रहते हैं, जो वहां की कुल आबादी का करीब 30 फीसदी है। इनमें से करीब 15 फीसदी लोग तो आबू धाबी में है, जबकि बाकी के 15 फीसदी दुबई समेत अन्य जगहों पर रहते हैं। इनमें से अधिकतर लोग भारत के केरल से हैं। इसके अलावा तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से भी यहां पर लोग हैं। आबादी के नजरिए से एक बात तो साफ है कि यूएई में हर तीसरा शख्स भारतीय है।

 

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