Irfan Solanki का कैसे हुआ Azam Khan जैसा हाल, 7 November 2022 को क्या हुआ, क्यों गई विधायकी?

Home   >   खबरमंच   >   Irfan Solanki का कैसे हुआ Azam Khan जैसा हाल, 7 November 2022 को क्या हुआ, क्यों गई विधायकी?

16
views

7 नवंबर 2022 रात का वक्त था करीब 8 बज रहे होंगे, तभी यूपी के कानपुर में एक इलाका है जाजमऊ, जहां डिफेंस कॉलोनी के एक घर में आग की खबर सामने आती है. अफरा-तफरी का माहौल हो जाता है. परिवार शादी में गया होता है, घर का सारा सामान भी जलकर जाता है, पीड़ित परिवार टूटकर बिखर जाता है. आरोप लगता है कि कानपुर के सीसामऊ से तीन टाइम के विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई समेत कई लोगों ने मिलकर साजिश के तहत घर में आग लगाई है. अगले दिन 8 नवंबर 2022 को पीड़ित महिला नजीर फातिमा जाजमऊ थाने में केस दर्ज कराती है.

दरअसल ये पीड़ित महिला इरफान सोलंकी के घर के पास रहती थी, जहां प्लाट बना था वो अस्थाई था, इसको लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था लेकिन 7 तारीख को जब परिवार शादी में गया तो घर में आग लगा दी गई. ऐसा पुलिस रिपोर्ट में बताया गया था. जिसके बाद इरफान सोलंकी पर पुलिस का शिकंजा कसना शुरु होता है. जाजमऊ पुलिस की जांच आगे बढ़ाती है जैसे-जैसे जांच चलती है ये साफ हो जाता है कि इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी, शौकत पहलवान, मो. शरीफ और इजराइल आटे वाला जो कि एक हिस्ट्रीशटर रह चुका है इन सबने मिलकर आग लगाई है. कोर्ट में तारीखें मिलती है. इसी बीच गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद विधायक और उनके गैंग की करीब 30 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली जाती है. हाल ही में विधायक समेत 5 ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी. जिसमें संपत्तियों और कैश ट्रेल की लंबी फेहरिस्त मिली है. इस दौरान अखिलेश यादव भी एक बार कानपुर जेल में बंद इरफान से मिलने आए. इसके बाद उन्हें महाराजगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया.

जहां से वो लगातार कानपुर कोर्ट सुनवाई में आते रहे, लेकिन तारीखें मिलती रही क्योंकि 2024 लोकसभा चुनाव का वक्त आ चुका था. हालांकि 4 जून को रिजल्ट आने के ठीक एक दिन पहले 3 जून को कानपुर की MP/MLA कोर्ट ने जाजमऊ आगजनी केस में सपा विधायक इरफान सोलंकी समेत 5 आरोपियों को दोषी करार दिया. सभी को धारा 147, 436, 427, 504, 506, 323 में दोषी ठहराया गया. हालांकि धारा 386, 120B से सभी दोष मुक्त भी कर दिए गए. केस में सबसे गंभीर धारा आईपीसी की धारा 436 है. जिसमें कम से कम 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है.

 

बता दें अभियोजन की तरफ से कुल 18 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष ने 3 गवाह पेश किए थे. हालांकि जब इरफान को दोषी करार दिया तो परिवार के लोगों ने कोर्ट परिसर में हंगामा काट दिया था. पुलिस ने कड़ी मशक्कत से सभी परिवार के लोगों को संभाला और कोर्ट परिसर से बाहर किया था. रिपोर्ट्स की मानें तो इरफान पर कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं. जाजमऊ स्थित प्लॉट पर आगजनी के आरोपों में 7 नवंबर-2022 को इरफान समेत अन्य पर FIR हुई थी. ये वो तारीख है जिसे ताउम्र इरफान सोलंकी कभी भूल नहीं पाएंगे क्योंकि ये तारीख ने सोलंकी को पूरी तरह तबाह कर दिया. 17 साल बाद अब उनका सियास किला भी ढहता दिख रहा है क्योंकि कोर्ट ने उन्हें 7 साल की सजा के साथ 30 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया है. इस मामले पर डीजीसी क्राइम दिलीप अवस्थी ने कहा कि दो साल से ज्यादा केस चला. जिसके चलते अब विधायकी जाना तय है और इसके लिए वो जिलाधिकारी को पत्र लिखेंगे. ताकि वो आगे विधानसभा स्पीकर को सूचित कर सकें. नियमों के मुताबिक भी अगर किसी विधायक को 2 साल की सजा होती है तो विधायकी चली जाती है. हालांकि अभी भी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने के विकल्प खुले हुए हैं. इस बारे में इरफान के भाई ने कहा भी है वो हाईकोर्ट का अब रुख करेंगे.

बता दें कानपुर में सपा का मजबूत गढ़ सीसामऊ माना जाता रहा है. लेकिन अब इस सीट पर बीजेपी सेंध लगा सकती है. ये वो सीट है जहां मोदी लहर और बीजेपी के गढ़ कानपुर में 2017 के चुनाव में भी इस सीट को भेद नहीं सकी थी. इरफान सोलंकी लगातार तीसरी बार विधायक बने थे. इसके बाद वो चर्चा में आए थे कि मोदी लहर में भी लगातार तीसरी बार इरफान सोलंकी विधायक बने और फिर 2022 में चौथी बार भी चुनाव जीते, बीजेपी की कड़ी मशक्कत और मेहनत का नतीजा यह रहा था कि जीत का अंतर कम हो गया था. करीब 12 हजार वोट से इरफान ने जीत हासिल की थी. विधायक इरफान सोलंकी पर पुलिस का शिकंजा कसा तो शहर में ये भी चर्चा है कि भाजपा सपा की इस सीट पर इरफान के जीत का तिलिस्म को तोड़ना चाहती है. इसके चलते बगैर जांच-पड़ताल के विधायक और उनके भाई पर मुकदमा दर्ज कर दिया.

 

रिपोर्ट्स की मानें तो राजनीति इरफान को विरासत में मिली है. उनके पिता हाजी मुश्ताक सोलंकी मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी रहे हैं अपने पिता की राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए सोलंकी ने पहली बार साल 2007 में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में आर्यनगर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा. वो इस चुनाव में सपा को जीत दिलाने में सफल रहे. इसके बाद साल 2012 में और 2017 की मोदी लहर में भी सोलंकी को कोई हरा नहीं पाया. दोनों ही चुनाव में वो सपा के टिकट पर सीसामऊ सीट से चुनाव लड़े थे. साल 2023 में भी सोलंकी को इसी सीट पर जीत मिली थी. इरफान सोलंकी की साल 2003 में नसीम सोलंकी के साथ शादी हुई थी, जिससे उन्हें एक बेटा और दो बेटियां हैं. पेशे से कारोबारी इरफान सोलंकी का अपना लेदर का कारखाना है.

हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है जिसमें इरफान फंसे है इसके साथ ही उन पर और भी कई मामले जा रहे है. इससे पहले भी चर्चा में आ चुके है जब उन्होंने अपने लेटर-हेड पर 6 बांग्लादेशी जासूसों का आधार कार्ड बनवाकर उन्हें भारतीय नागरिक बनवाया और 7 साल कानपुर में छुपा के रखा था. ये मामला भी काफी लाइमलाइट में रहा था इसके साथ ही यूपी में सपा सरकार के वक्त भी कानपुर के मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट का आरोप इरफान सोलंकी पर लगा था इस मामले की गूंज पूरे देश में सुनाई दी थी. फिलहाल अब इरफान को सजा मिल गई है. अब आगे वो कौन सी राह अपनाते है ये देखने वाली बात होगी. 

 

कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!