इमरान खान शादी से पहले बने थे पिता, जानिए पाकिस्तानी पीएम की तीन पत्नियों और एक गर्लफ्रेंड की कहानी

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के संस्थापक इमरान खान की बुशरा बीबी से शादी को अवैध करार दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'गैर-इस्लामिक निकाह' के मामले में दोनों को 7-7 साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा इमरान खान पर दर्ज कई मामलों पर कोर्ट में सुनवाई लगातार जारी है। उनमें से कुछ केसेज़ में भी उन्हें सजा हो सकती है।
ये पहली बार नहीं है, जब इमरान खान अपनी शादी के चलते चर्चा में हैं, ये कहानी शुरू हुई थी। साल 1987-88 से जब इमरान खान पाकिस्तान के स्टार क्रिकेटर हुआ करते थे। मैच के सिलसिले में इमरान इंग्लैंड गए थे। यहां लंदन के एक स्ट्रीट नाइट क्लब में उनकी मुलाकात सीता व्हाइट से हुई। सीता इटली की रहने वाली थीं और शादीशुदा थीं। दोनों के बीच प्यार हो गया और कुछ समय तक अफेयर चला, लेकिन फिर अलग हो गए। आखिरी बार साल 1991 में दोनों को एकसाथ देखा गया था। कहा जाता है कि सीता ने इस मुलाकात में इमरान को बताया कि वो मां बनने वाली हैं। इमरान बेटा चाहते थे, इसलिए उन्होंने सीता की जांच करवाई। जांच रिपोर्ट आने पर इमरान की उम्मीदों को झटका लगा। रिपोर्ट में मालूम चला कि सीता के पेट में बेटी है। इमरान ने अबॉर्शन करवाने को कहा, लेकिन सीता नहीं मानी। इस पर इमरान उन्हें छोड़कर चले गए। कुछ महीनों बाद सीता ने बेटी को जन्म दिया। नाम रखा टायरियन खान व्हाइट। बेटी को इमरान ने स्वीकार नहीं किया। सीता ने कानूनी लड़ाई लड़ी और कैलिफोर्निया की एक अदालत ने इमरान को टायरियन खान व्हाइट का पिता घोषित कर दिया। हालांकि, अभी भी इमरान टायरियन को अपनी बेटी नहीं मानते हैं।
हालांकि, गर्ल फ्रेंड सीता और बेटी टायरियन को छोड़कर इमरान ने साल 1995 में 42 की उम्र में ब्रिटेन के अरबपति जेम्स गोल्डस्मिथ की बेटी जेमिमा से पहली शादी की। पेशे से पत्रकार जेमिमा साल 2004 तक इमरान के साथ रहीं। इसके बाद दोनों का तलाक हो गया। शादी के वक्त जेमिमा की उम्र 21 साल थी। खान के साथ रहने के दौरान जेमिमा को सुलेमान और कासिम नाम के दो बच्चे भी हुए। वो 30 साल की उम्र में ब्रिटेन वापस लौट आईं। एक इंटरव्यू में जेमिमा ने पाकिस्तान में बिताए अपने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि मेरी उम्र अब 47 साल की हो गई है, इस दौरान मैंने अपनी सीवी में कई बेहतरीन चीजें जोड़ी हैं, जिस पर मुझे गर्व है। हालांकि इसमें कई कमियां भी हैं, खासतौर पर इमरान खान की पत्नी के रूप में बिताए गए वक्त भी शामिल है।
इमरान का दूसरा निकाह 6 जनवरी साल 2015 को रेहम खान हुई। दोनों के बीच का ये रिश्ता ज्यादा दिन तक नहीं चला। रेहम खान एक पत्रकार हैं और उनकी भी ये दूसरी शादी थी। इसके पहले वो एजाज रेहम से 19 साल की उम्र में शादी कर चुकी थीं। दोनों के तीन बच्चे भी हैं। खैर, इमरान और रेहम ने शादी के नौ महीने बाद यानी 30 अक्टूबर साल 2015 को ही तलाक ले लिया। रेहम ने ब्रिटेन से समाजशास्त्र में स्नातक किया है। बाद में पत्रकारिता की पढ़ाई की। वो यूके में न्यूज प्रजेंटेटर के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। रेहम साल 2013 में पाकिस्तान लौंटी और यहां एक न्यूज चैनल जॉइन कर लिया। इसी दौरान उनकी मुलाकात इमरान खान से हुई।
इसके बाद इमरान खान ने पंजाब के राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने वाली बुशरा बीबी से साल 2018 में तीसरा निकाह किया। बुशरा की भी ये दूसरा निकाह था। पाकिस्तान की सियासत में बुशरा की एक अनोखी बात पर खूब चर्चा भी हुई थी। आरोप लगा था कि पति इमरान की कुर्सी बचाने के लिए प्रधानमंत्री आवास में बुशरा जिंदा मुर्गा जला रहीं हैं। जादू-टोना कर रहीं हैं। बुशरा और इमरान की मुलाकात 2015 में पहली बार हुई थी। इसके बाद से दोनों एक-दूसरे को डेट करने लगे थे। इधर, सियासत में इमरान का कद बढ़ता रहा। बुशरा बीबी का जन्म 16 अगस्त 1974 को पाकिस्तान के पाकपट्टन शहर में हुआ था। वो पाकिस्तान के पंजाब में एक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माने जाने वाले वट्टू खानदान से आती हैं। इमरान खान से शादी से पहले बुशरा बीबी ने खावर मनेका से शादी की थी। मनेका पाकिस्तान का एक रसूखदार जमींदार परिवार है। खावर मनेका सीनियर कस्टम अधिकारी थे, जो बेनजीर भुट्टो सरकार में मंत्री रहे गुलाम मोहम्मद मनेका के बेटे हैं। बुशरा शुरू में आधुनिक विचारों की थीं, लेकिन बाद में अध्यात्म की ओर मुड़ गईं। पहली शादी से बुशरा को पांच बच्चे हुए-तीन बेटियां और दो बेटे। उनके बेटे मूसा और इब्राहिम मनेका साल 2013 में लाहौर के एचिसन कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद हायर स्टडीज़ के लिए फॉरेन चले गए हैं। उनकी बड़ी बेटी मेहरू मनेका राजनीतिज्ञ मियां अता मोहम्मद मनेका की बहू हैं। उनकी दो और बेटियां भी शादीशुदा हैं। बुशरा बीबी ने पहले पति खावर मनेका से साल 2017 में तलाक ले लिया था।
और अब पाकिस्‍तान की एक अदालत ने इमरान खान और बुशरा बीबी की शादी को अवैध ठहरा दिया है। स्‍थानीय अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इमरान खान ने बुशरा के इद्दत के समय पर शादी की थी। ये गैर इस्‍लामिक है और इसी वजह से इसे अवैध ठहराया जाता है। स्‍थानीय अदालत का ये फैसला पीटीआई नेता के लिए बड़ी मुसीबत‍ लेकर आया है। इससे पहले इमरान खान ने बिना नाम लिए आरोप लगाया था कि आर्मी चीफ ने उन्‍हें ऑफर दिया है कि मैं 3 साल के लिए राजनीति से दूर चला जाऊं तो उनकी ये शादी बच सकती है। इमरान खान ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। वहीं, सुनवाई के दौरान बुशरा बीबी के पूर्व पति से उनकी काफी बहस तक हो गई थी।
पाकिस्‍तान की एक अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इमरान खान ने बुशरा बीबी से इद्दत के समय शादी की थी जो गैर इस्‍लामिक है। इमरान खान और बुशरा बीबी को 7 साल जेल की सजा सुनाई गई है। इससे पहले दो अन्‍य मामलों तोशाखाना और साइफर में भी इमरान खान को कुल 24 साल जेल की सजा हो चुकी है। बुशरा बीबी को भी अदालत ने तोशाखाना मामले में जेल की सजा सुनाई है। इमरान खान के घर बनीगाला को ही जेल बना दिया गया है और वहीं पर ही बुशरा बीबी अपनी सजा काट रही हैं। फिलहाल इमरान खान पर पूरे पाकिस्तान में तोशखाना और गोपनीयता उल्लंघन समेत करीब 170 मुकदमें दर्ज हैं। सैन्य संस्थान पर हमले के भी आरोप हैं। इससे ये तो साफ है कि आने वाले समय में इमरान खान का कोर्ट के चक्कर काटते ही नज़र आने वाले हैं।
कोर्ट पहले ही इमरान खान के चुनाव चिंह 'बल्ला' को भी जब्त कर चुका है और उसके बदले उनकी पार्टी को अब 'बोतल' चुनाव चिंह अलॉट किया गया है।  जिससे शराबी के रूप में उनकी पहचान को धूमिल किया जा रहा है।
साल 2018 में जब इमरान खान प्रधानमंत्री बने, तब ये चर्चा जोरो पर थी, कि उनकी ताजपोशी में सेना का बड़ा रोल रहा। ये सच भी है कि पाकिस्तान में सत्ता हस्तांतरण से लेकर प्रधानमंत्री बनाने तक सेना का बड़ा योगदान रहा, इमरान खान को एक समय सेना का ब्लू ब्वॉय कहा जाता था, लेकिन कालांतर में उन्हें बिग बियर कहा जाने लगा। ये कडवाहट तब आई, जब खान ने आरोप लगाया कि आईएसआई के अफसरों ने उन्हें जान से मारने का षडयंत्र रचा था। इसके बाद साल 2022 में उनकी कुर्सी चली गई। तब भी इमरान खान ने यही आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री पद से हटाने में सेना की भूमिका रही।
हालांकि, ये इमरान खान के राजनीतिक करियर के लिए फिलहाल अनिश्चित लगता है, लेकिन पाकिस्तान की राजनीति में 1992 जैसी खान की पॉलिटिकल पिच पर वापसी से इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि नवाज़ शरीफ़ सबसे बड़े एक्जाम्पल हैं, जिनकी आश्चर्यजनक वापसी हुई है। इसीलिए कहा जाता है कि पाकिस्तानी क्रिकेट और राजनीति में कोई तब तक बाहर नहीं होता जब तक उसकी मौत न हो जाए।

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