Summer Olympics 2036 की तैयारियों में जुटा भारत, गुजरात के अहमदाबाद में तैयारियां तेज

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अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ-साथ अमित शाह की नजरें 13 साल बाद 2036 में होने वाले ओलंपिक गेम्स पर भी हैं। ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत भी बिडिंग लगाने के लिए तैयार है। क्योंकि भारत ने साल 2036 में पहली बार ओलंपिक खेलों का सपना संजोया है।

ओलंपिक गेम्स 2036 की मेजबानी को लेकर गुजरात सरकार ने बिडिंग लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। ओलंपिक गेम्स की मेजबानी को लेकर हो रही पूरी एक्सरसाइज पर खुद गृह मंत्री अमित शाह नजर बनाये हुए हैं। क्योंकि साल 2025 में ओलंपिक गेम्स की  तैयारियों का जायजा लेने के लिए इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी यानी आईवोसी भारत का दौरा भी करने वाली हैं।

क्योंकि इसी साल मुंबई में इंटरनेशनल ओलंपिक सेशन का आयोजन होने वाला है। इस सेशन में ओलंपिक करवाने को लेकर चर्चा और वोटिंग हो सकती है। 75 सालों में दूसरी बार ये बैठक भारत में होगी। इससे पहले साल 1983 में इस बैठक का आयोजन भारत में हुआ था। ऐसे में 40 साल बाद मुंबई में होने वाली ये बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दरअसल 2024, 2028, 2032 के लिए बोली पहले ही लग चुकी है। जो पेरिस, लॉस एंजेलिस और ब्रिस्ब्रेन में खेले जाने हैं। इसके बाद 2036, 2040 और 2044 ओलंपिक के लिए बिडिंग होगी। जिसमें भारत भी अपनी किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहा है। वहीं ओलंपिक के आयोजन का अधिकार कैसे मिलता है। इससे जुड़ी दिलचस्प जानकारी अब आपको बताते हैं।  

ओलंपिक के लिए सदस्य देश बिड यानी बोली लगा सकते हैं लेकिन यहां आपको ये जानना चाहिए कि जब कोई देश अपने यहां आयोजन करवाना चाहता है तो उस देश का एक शहर बोली लगाता है। जैसे अगर भारत में आयोजन होगा है तो ये बोली अहमदाबाद लगाएगा। वहीं बोली लगाने वाले देश को वोटिंग का अधिकार नहीं होता है। बाकी ओलंपिक से जुड़े देशों के पास वोट का अधिकार होता है और ये वोटिंग सीक्रेट होती है। वहीं जो शहर बोली लगाता है, उसे बोली जीतने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होती हैं। 

जैसे शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा है, वहां खेल का आयोजन हो सकता है कि नहीं। स्टेडियम कितने और कितने बड़े हैं. शहर में आयोजन के दौरान बाहर से आने वाले लोगों के रहने और दूसरी सुविधाएं कितनी ज्यादा हैं।

इसी प्रोसेस को देखते हुए अहमदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने ओलंपिक गेम्स को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा की। दरअसल 2022 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में ओलंपिक गेम्स गुजरात में करवाने का वादा किया था। बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में कहा कि गुजरात में ओलंपिक मिशन लॉन्च करेंगे और राज्य में विश्व स्तरीय खेल का बुनियादी ढांचा तैयार करेंगे।

इसी को लेकर अहमदाबाद में इंटरनेशनल स्तर के स्टेडियम तैयार किये जा रहे हैं। वहीं विश्व का सबसे बड़ा स्टेडियम नरेंद्र मोदी स्टेडियम भी यहीं मौजूद, जोकि सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोटर्स कॉम्लेक्स में है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक लाख पंद्रह हज़ार दर्शक बैठ सकते हैं। वहीं स्टेडियम की टोटल कैपिसिटी एक लाख 32 हज़ार है। ओलंपिक गेम्स के लिहाज से ये पूरा कॉम्प्लेक्स बेहद आधुनिक और सुविधाओं से लैस है। 

वहीं अहमदाबाद के नारनपुरा में 2036 ओलिंपिक की तैयारी के लिए स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है। जिसकी लागत करीब 500 करोड़ रुपये है। इन्हीं दोनों कॉम्पलेक्स में ओलंपिक के अधिकत्तर खेल होने की संभावना है।

अगर भारत इस बोली में कामयाब होता है, तो भारत खेल जगत में कई नई ऊंचाई को छु लेगा । जैसे अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत एक बड़ी शक्ति के तौर पर उभर रहा है। वैसे ही 2036 में ओलंपिक का आयोजन करके भारत दुनिया में खेल की एक महाशक्ति के तौर पर भी उभरेगा।

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