भारत के हाथ लगा किस्मत बदलने वाला खजाना, जम्मू-कश्मीर में हजारों करोड़ का मिला लिथियम और गोल्ड

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मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती, मेरे देश की धरती
ये गाना हमेशा लोगों के जहन में रहता है और इसे कोई भूल नहीं सकता लेकिन ये चंद लाइनें इस खबर पर एकदम फिट बैठती है क्योंकि हिंदुस्तान की जमीन पर लिथियम और सोना का भंडार मिला है. सुनकर चौंकिए नहीं ये सच है कुछ दिन पहले तक जिस लिथियम को लेकर केंद्र सरकार परेशान रहती थी. अब उसका हल मिल गया है. दरअसल जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर सोने के भंडार और लिथियम का पता लगाया है. जिससे देश की इकॉनमी के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री भी ग्रो करेगा यानी नई ऊंचाइयों को छूएगा

मोदी सरकार इन दिनों इलेक्ट्रिक व्हीकल पर काफी फोकस कर रही है. ताकि पेट्रोल और डीजल से निर्भरता कम हो सके क्योंकि ये पलूशन के सबसे बड़े कारण में से एक हैं. अगर गाड़ियां इलेक्ट्रिक से चलेंगी तो इससे होने वाले पलूशन में कमी आएगी. व्हीकल को ईवी से चलने में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है. उसमें लगाई जाने वाली बैटरी और बैटरी बनाने के लिए लिथियम की जरूरत पड़ती है.
भारत में लिथियम की उपलब्धता ज्यादा नहीं है इसके लिए हमें विदेशों से आयात कर रहे है. 2020 से भारत लिथियम आयात करने के मामले में दुनिया में चौथे नंबर पर रहा. भारत अपनी लिथियम-ऑयन बैटरियों का करीब 80% हिस्सा चीन से मंगाता है. भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए अर्जेंटीना, चिली, ऑस्ट्रेलिया और बोलिविया जैसे लिथियम के धनी देशों की खदानों में हिस्सेदारी खरीदने पर काम कर रहा है लेकिन अब इससे राहत मिलेगी क्योंकि लिथियम का बड़ा भंडार अब जम्मू-कश्मीर में  मिल गया है खनन मंत्रालय को रियासी जिले के सलाल-हैमाना इलाके में करीब 59 लाख टन लिथियम का भंडार मिला है. 

Geological Survey of India यानी GSI के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हिमाना इलाके में ये रिजर्व पाया गया है. कुल 51 ब्लॉक मिले हैं. इनमें से 5 ब्लॉक में लिथियम, गोल्ड, पोटाश, मॉलिब्डेनम से जुड़े हुए हैं. 2018-19 से चले इस अभियान में इन ब्लॉक्स को खोजा गया है. इसके अलावा 17 ब्लॉक्स कोयले के रिजर्व से जुड़े हैं. लिथियम के अनेकों फायदे हैं लेकिन इनका बड़े पैमाने पर उपयोग रिचार्ज करने योग्य बैटरियों में किया जाता है.

62वीं CGPB की मीटिंग के दौरान GSI ने लिथियम और गोल्ड समेत 51 खनिज के ब्लॉकों की रिपोर्ट राज्य सरकारों को सौंपी. इन 51 खनिज ब्लॉकों सोने साथ अन्य में ब्लॉक पोटाश, मोलिब्डेनम, बेस मेटल आदि वस्तुओं से संबंधित हैं. 
जो 11 राज्यों जम्मू और कश्मीर, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना में फैले हुए हैं. बता दें GSI ने 12 समुद्री खनिज जांच परियोजनाओं सहित 318 Mineral Exploration projects सहित 966 कार्यक्रमों को शुरू करने की योजना बनाई है. रणनीतिक-महत्वपूर्ण और Fertilizer Minerals की खोज पर विशेष बल दिया गया है.

ऐसा नहीं कि लिथियम का यूज सिर्फ बैटरियों के लिए होगा.
इसका फायदा आम जिंदगी पर भी काफी असर डालेगा. 
मेंटल प्रॉब्लम के ट्रीटमेंट और Frequency को Reduce करने में मदद करता है.
मूड स्विंग, Bipolar Depression का इलाज करने में मदद कर सकता है. 

आसान भाषा में कहें तो जो लोग आत्महत्या के बारे में ज्यादा सोचते हैं. तो लिथियम इन भावनाओं को कम करने में मदद करता है. बरहाल भारत में जो लिथियम को लेकर परेशानी थी. वो अब काफी हद तक दूर हो सकती है...जिसका फायदा भी आगे आने वाले समय में देखने को मिलेगा.
कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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