'आत्म निर्भरता' से सुपर पावर बनाने का प्रयास, AMCA को ग्रीन सिग्नल IAF को मिलेगा Stealth Fighter

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किसी भी देश की वायु सेना में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं Fighter Jets... उनकी स्पीड, फायर पॉवर, रडार में न पकड़ आने की काबिलियत और वॉर फेयर एबीलिटी से उस वायु सेना या देश की ताकत का अंदाजा लगता है. इसी कड़ी में आत्मनिर्भर भारत भी अपने सैन्य ताकत को मजबूत करने के लिए 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट बनाने का काम अब शुरू हो चुका है, फाइटर जेट के फ्रेम को बनाने के लिए मेटल कटिंग का काम भी शुरु हो चुका है. केंद्र सरकार की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने 15 हजार करोड़ रुपए लागत के AMCA प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. जिस पर HAL, DRDO, ADA मिलकर काम करेंगे साथ ही इसमें मदद के लिए कई इंडियन और फॉरेन डिफेंस पार्टनर भी साथ आएंगे. शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट में पांच प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे. इन्हें भविष्य में 200 की संख्या में एयर फोर्स में शामिल किया जा सकता है. साथ ही एएमसीए के तहत बनने वाले स्टील्थ फाइटर जेट को भारत तेजस की तरह ही एक्सपोर्ट के लिए भी उपलब्ध कराएगा. भारत के स्वदेशी रक्षा प्रोग्राम में न्यूक्लियर सबमरीन, एयर क्राफ्ट कैरियर बनाने के बाद ये देश का सबसे अहम रक्षा प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जो भारत को विश्व के चुनिंदा देशों के ग्रुप में शामिल कर देगा, जिसमें फिलहाल सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन शामिल हैं. जिनके पास अपने बनाए 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट हैं.

रूस-यूक्रेन युद्ध से सबसे बड़ा सबक जो मिलता है, वो ये है कि, युद्ध के दौरान आपकी मदद करने वाला कोई नहीं है..और अगर आपके पास ताकत है, तभी आप इस दुनिया में सिर उठाकर रह सकते हैं... भारत के पड़ोस में दो-दो दुश्मन हैं और सामरिक लिहाज से पाकिस्तान भी किसी से कम नहीं है और चीन हमसे काफी ज्यादा ताकतवर है. उसके पास अब 5वी पीढ़ी के फाइटर जेट हैं जबकि भारत के पास अभी सबसे एडवांस फाइटर जेट राफेल है जोकि 4++ जनरेशन का ही है. इंडियन एयर फोर्स के पास फाइटर जेट की स्क्वाडर्न लगातार कम हो रही हैं.

इस लिहाज, मोदी सरकार रक्षा के क्षेत्र में भारत को और मजबूत करने का काम कर रही है DRDO और एयरोनॉटिकल डिफेंस एजेंसी यानी ADA ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान स्टेल्थ फाइटर जेट डेवलपमेंट की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है...इस 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के प्रोग्राम का नाम AMCA यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है....

भारत ने एयरो इंडिया 2013 में 5वीं पीढ़ी के फाइटर प्लेन बनाने के लिए रूस के साथ साझेदारी की थी.... साल 2017 में इसका एक स्टेज पूरा हो गया था... इस दौरान रूस ने SU-57 स्टील्थ फाइटर जेट बना डाला। लेकिन अब भारत इस फाइटर जेट को अंतिम रूप देने की कोशिश में है...ये ट्विन इंजन वाला फाइटर जेट है. और ये बेहद अत्याधुनिक और खतरनाक है... DRDO और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी इस फाइटर प्लेन पर मिलकर काम कर रहे हैं। इस फाइटर प्लेन को बीवीआर मिसाइल के साथ क्लोज कॉम्बेट फाइट की क्षमता से भी लैस किया जाएगा.... इसमें हथियारों को कैरी करने के लिए एक इंटरनल बे होगी, जैसा कि अमेरिकी एफ 35 और एफ22 में होती है. चीनी स्टील्थ फाइटर जे20 में भी मिसाइलों को कैरी करने के लिए इंटरनल बे होती है। भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट में रडार को चक्मा देने में सक्षम मैटेरियल से एयर फ्रेम को बनाया जाएगा, साथ ही नेटसेंटरिक वारफेयर, सेंसर डेटा फ्यूजन और एडवांस इंटीग्रेटेड सेंसर से भी लैस किया जाएगा... ऐसा माना जा रहा है, कि भारत इस स्टील्थ फाइटर जेट में अमेरिकी कंपनी GE के F-414 जेट इंजन के लेटेस्ट वर्जन का प्रयोग करेगा. भारत ने जीई के साथ पहले ही तेजस फाइटर जेट के लिए इन्ही ताकतवर इंजनों की डील कर ली है.

भारत, AMCA का निर्माण करते ही अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन जाएगा.... जिसके पास ये फाइटर जेट होंगे. हालांकि कई और देश भी स्टील्थ फाइटर जेट बनाने के लिए काम कर रहे हैं कुछ दिन पहले ही तुर्की के स्टील्थ फाइटर के पहले प्रोटोटाइप ने उड़ान भरी थी. 

स्टील्थ फाइटर जेट होते क्या हैं? 

स्टील्थ फाइटर जेट वे फाइटर जेट होते हैं जो रेडार की पकड़ में नहीं आते... इनकी बॉडी खास तरह के मटीरियल और हाईटेक तरीके की डिजाइन से तैयार की जाती है... जिसकी वजह से ये दुश्मन के रडार की तरंगों को सोख लेता है.... यानी रडार की तरंगे वापस नहीं जा पातीं जिससे ये दुश्मन की नजर में नहीं आ पाते...

अभी तक अमेरिकी बॉम्बर B-2, फाइटर जेट F-22 रेप्टर और F-35 और रुसी SU-57 फाइटर जेट ही वॉर जोन में अपनी काबिलियत दिखा चुके हैं. जबकि चीन के J-20  जेट का इस्तेमाल किसी जंग में नहीं हुआ है. ऐसे में उसकी काबिलियत पर भी अभी सवाल हैं. भारत को 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए रूस ने कुछ समय पहले अपने सु57 को ऑफर किया था, इसके अलावा रूस अमेरिकी एफ35 की तरह एक सिंगल इंजन का स्टील्थ फाइटर सु75 चेकमेट भी बना रहा है. इसके ज्वांइट प्रोडक्शन को लेकर भी रूस ने ऑफर किया था, लेकिन भारत ने आत्मनिर्भरता को तरजीह देते हुए, एएमसीए पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. 

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