Indian Navy की बढेगी ताकत, 5000 किमी तक मार करने वाली मिसाइल से लैस होगी न्यूक्लियर सबमरीन

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भारत अपनी न्यूक्लियर डिटरेंस के लिए समुद्र में बढा रहा अपनी ताकत, नई न्यूक्लियर सबमरीन के साथ ज्यादा दूरी तक मार करने वाली न्यूक्लियर स्ट्राइक करने में सक्षम मिसाइल से होगी लैस ये सबमरीन

भारत के दो पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान हमेशा ही भारत को परेशान करने के लिए कुछ न कुछ साजिशें रचते रहते हैं। ऐसे में भारत जमीन, आसमान से लेकर समुद्र में अपनी शक्ति को बढाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। भारत की नेवी चीन के मुकाबले अब पहले से ज्यादा बेहतर स्थिति में नजर आती है। बीते कुछ सालों में इंडियन नेवी ने कुछ ऐसी क्षमताएं हासिल की हैं जिसकी वजह से भारत विश्व की महा शक्तियों में शुमार हो गया है। हालांकि परमाणु हथियारों को लेकर भारत की नीति हमेशा से ही नो फर्स्ट यूज वाली रही है,लेकिन भारत ने समय के साथ अपनी सेकेंड स्ट्राइक कैपेबिलिटीज को और भी बेहतर किया हैं। भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल है। जिनके पास सबमरीन से न्यूक्लियर मिसाइल लांच करने की क्षमता है। भारत एक के बाद एक न्यूक्लियर सबमरीन का निर्माण भी कर रहा है। वहीं अब भारत सबमरीन से लांच की जाने वाली इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को भी टेस्ट कर सकता है। जिसकी रेंज 5000 KM तक है। इस मिसाइल को लांच करने की क्षमता वाली सबमरीन का निर्माण भी दिसंबर 2021 में शुरू हो चुका है। ऐसे में जानेंगे कि भारत की सेकेंड स्ट्राइक कैपेबिलिटीज क्या हैं। इंडियन नेवी के आर्सेनल में कितनी ताकतवर मिसाइलें है।

 न्यूक्लियर सबमरीन के लिए नई मिसाइल

दरअसल यहां हम जिस मिसाइल की बात कर रहे हैं उसका नाम है K-5 ये एक सबमरीन लांच बैलिस्टिक मिसाइल है जिसमें अग्नि-5 की तरह की ICBM की कैपेबिलिटी रखती है। क्योंकि इसकी रेंज 5000 KM तक है। यानी इसकी जद में पूरा चीन आता है। खासकर सबमरीन से लांच किए जाने की वजह से ये और भी खतरनाक हो जाती है। रक्षा मामलों के जानकार मानते हैं कि DRDO इस मिसाइल में MIRV तकनीक यानी Multiple Independently-targetable Re-entry Vehicle का भी प्रयोग कर रहा है। जिसकी वजह से इसमें एक साथ कई पेलोड लगाए जा सकते हैं और उनसे बेहद प्रिसाइस तरीके से स्ट्राइक की जा सकती है। ये K-4 और K-15 से साइज में बड़ी मिसाइल है। इसलिए इसको लांच करने के लिए भारत अरिहंत क्लास की S-4 न्यूक्लियर सबमरीन का निर्माण कर रहा है। जिसे दिसंबर 2021 में विशाखापत्तनम में लांच भी किया जा चुका है। S-4 INS अरिहंत और अरिघात से साइज और क्षमताओं में भी बड़ी न्यूक्लियर सबमरीन है। इसकी खासियतों की बात करें तो

 S-4 SSBN की मुख्य खूबियां

- 7000 टन क्षमता की सबमरीन

- ज्यादा मिसाइलें ले जाने की क्षमता

-INS अरिहंत का एक्सटेंडेंट वर्जन

- अरिहंत क्लास की ही थर्ड जेनरेशन सबमरीन

- समुद्र में ज्यादा गहराई में जाने की क्षमता

 इंडियन नेवी इससे पहले सबमरीन से लांच की जाने वाली दो मिसाइलों के टेस्ट कर चुकी है। जोकि इंडिया की सेकेंड स्ट्राइक कैपेबिलिटीज के लिए बेहद अहम हैं। जिसमें से

सेकेंड स्ट्राइक कैपेबिलिटीज के लिए ये मिसाइलें अहम-

बैलिस्टिक मिसाइल - रेंज- पहला टेस्ट  

K-15 - 750 KM - फरवरी 2008

K-4  - 3500 KM - जनवरी 2020

K-5  - 5000 KM - अब होगा

ये बात तो हुई सबमरीन से लांच की जाने वाली मिसाइलों की,लेकिन अब आपको ये भी बताते हैं कि इंडियन नेवी के आर्सेनल में अभी कौन कौन सी मिसाइलें हैं। जिन्हें शिप या सबमरीन से लांच किया जा सकता है।

इंडियन नेवी  के पास कौन कौन सी मिसाइलें

 मिसाइल- रेंज

ब्रम्होस मिसाइल- 250-400KM 

(4 वर्जन)

धनुष मिसाइल- 350 KM 

K-15 मिसाइल- 750 KM 

K-4 मिसाइल- 3500 KM 

मोक्षित मिसाइल- 120 KM 

 चीन-पाकिस्तान की जुगलबंदी को मिलेगी मात

 जिस तरह से  चीन की नेवी अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है इंडियन नेवी के मुकाबले उनके पास शिप और सबमरीन की संख्या भी ज्यादा है साथ ही चीन अपनी तकनीक को पाकिस्तान को भी मुहैया करा रहा है। 2017 में पाकिस्तान ने सबमरीन से लांच की जाने वाली 450 किमी रेंज वाली मिसाइल का परीक्षण भी किया था। ऐसे में  भारत को समुद्र में भी दो तरह से खतरा हैं हालांकि मौजूदा स्थिति में भारत को हिंद महासागर से लेकर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चुनौती देने वाला कोई नजर नहीं आता। इंडियन नेवी इस रीजन में सबसे ताकतवर नजर आती है। जल्द ही भारत अपनी दूसरी स्वदेशी न्यूक्लियर सबमरीन INS अरिघात को शामिल करेगा। वहीं नेवी के लिए S-4 सबमरीन का निर्माण चल ही रहा है। ऐसे में भविष्य में भारत की समुद्र में न्यूक्लियर डिटरेंस को किसी तरह की चुनौती देने से पहले चीन हो या पाकिस्तान दोनों को 100 बार सोचना होगा।

आपको एक जानकारी और देते चले कि भारत सिर्फ सबमरीन से लांच की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्माण में ही तेजी नहीं लाए है बल्कि सबमरीन लांच्ड क्रूज मिसाइल का भी जल्द परीक्षण करेगा। इनकी रेंज 400 से 500 किलोमीटर तक हो सकती है।  

 

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