समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत, भारतीय नौसेना ने नए फाइटर जेट अपडेट का रखा प्रस्ताव

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देश में इंडियन नेवी के लिए एक ऐसा फाइटर जेट को बनाने को लेकर काम शुरू हुआ है। जिसके आने से एयरक्राफ्ट करियर्स की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। दरअसल, इंडियन नेवी के साथ मिलकर एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ट्वीन इंजन फाइटर जेट पर काम कर रही है।

इजरायल-हमास में युद्ध हो रहा है। दुनिया तनाव में जी रही है। ऐसे में भारतीय नौसेना की तैयारी भी कम नहीं है। Indian Navy लगातार खुद को अपडेट कर रही है। देश में इंडियन नेवी के लिए एक ऐसा फाइटर जेट को बनाने को लेकर काम शुरू हुआ है। जिसके आने से एयरक्राफ्ट करियर्स की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। दरअसल, इंडियन नेवी के साथ मिलकर एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ट्वीन इंजन फाइटर जेट पर काम कर रही है। जिसे भविष्य में मिग 29K फाइटर जेट को रिप्लेस किया जाएगा। इससे निगरानी, सर्विलांस और घातक हमला करना आसान हो जाएगा। इसे HAL यानी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बनाएगा। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के पास ऐसे 100 फाइटर जेट बनाने का प्रपोजल है।  

इस फाइटर जेट के प्रोग्राम का नाम ट्विन इंजन डेक बेस्ड फाइटर है, हालांकि इसके बनने के बाद इसे कोई शानदार नाम दिया जाएगा। ये मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट होगा और इसकी डिजाइन बनाने का काम ADA यानी एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी कर रही है। इसे INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत पर तैनात किया जा सकता है। इस प्रोग्राम की आधिकारिक घोषणा 2020 में की गई थी। उम्मीद है कि इसकी पहली उड़ान साल 2026 में होगी और साल 2031 में इसे इंडियन नेवी में शामिल किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि HAL हर साल 8 नए लड़ाकू विमान तैयार करेगी। इसके तैयार होने तक नेवी INS विक्रांत के लिए फ़्रांस के राफेल M फाइटर जेट को खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ा चुकी है। पिछले दिनों गोवा के डाबोलिम में INS हंसा पर आयोजित समारोह में नेवी चीफ आर हरि कुमार ने कहा कि 4 से 5 साल में इसका पहला प्रोटो टाइप तैयार हो जाएगा।

TEDBF शॉर्ट टेक ऑफ बैरियर अरेस्टेड रिकवरी टेक्नोलॉजी पर काम करेगा। यानी इसके पीछे निचले हिस्से में एक हुक होगा जो एयरक्राफ्ट कैरियर पर लगे तार में फंस जाएगा और फाइटर जेट को रोक देगा। TEDBF 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट होगा, जिसमें राफेल M और F-18 सुपर हॉर्नेट जैसे नेबल फाइटर जेट जैसी खूबियां होंगी। इस फाइटर जेट में जनरल इलेक्ट्रिक F 414 इंजन लगाया जा सकता है। जो इसे 58.5 किलोन्यूटन की ताकत देगा। बाद में ये बढ़कर 98 किलोन्यूटन हो जाएगा। जिससे बेहद छोटे रनवे पर आसानी से टेक ऑफ कर सकेगा। जब भारत का दूसरा स्वदेशी एयरक्राफट करियर INS विशाल तैयार होगा। तो इसके डेक के लिए इसे स्टोबार टेक्नोलॉजी को बदलकर काटोबार यानी कैटापॉल्ट असिस्टेड टेक-ऑफ बरियर अरेस्टेड रिकवरी टेक्नोलॉजी में बदल दिया जाएगा।

फाइटर जेट की खासियतें

इस फाइटर जेट को सिर्फ एक पायलट ही उड़ाएगा। इसकी लंबाई 53.6 फीट होगी। विंगस्पैन 36.9 फीट होगी। जब विंग्स को फोल्ड कर दिया जाएगा तब विंगस्पैन 24.11 फीट होगी। इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 26 हजार किलोग्राम होने की उम्मीद है। इसमें बाद में बदलाव भी हो सकता है। ये अधिकतम 1975 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ेगा। लेकिन, फ्लाइट के दौरान आफटर बर्नर के इस्तेमाल से ये मैक 2 की स्पीड भी पा सकेगा। इस फाइटर जेट की सर्विस सिलिंग 60 हजार फीट तक हो सकती है।

किस तरह के लगाए जाएंगे हथियार 

तो इस फाइटर जेट में 11 हार्ड प्वाइंट्स होंगे यानी इस फाइटर जेट में एयर टू एयर मार करने वाली एनजी-सीसीएम, अस्त्र-मार्क 1 और अस्त्र मार्क 2 मिसाइलें लगाई जाएंगी। साथ ही एंटी-शिप और एंटी सबमरिन मिसाइलें लगाई जाएंगी। इसके अलावा लेजर गाइडेड बम भी लगाए जा सकते हैं। ये NASM -MR या हापून हो सकती हैं। इसके अलावा रुद्रम-1 एंटी-रेडिएशन मिसाइल लगाई जाएगी।

ये फाइटर जेट नेवी के लिए क्यों हैं जरूरी ?

मौजूदा समय में इंडियन नेवी अपने वाहक पर मिग-29K का इस्तेमाल करती है। इसके इंजन में फ्यूल की समस्या और अत्यधिक तेल की खपत की समस्या भी सामने आई है। TEDBF दो इंजन वाला कारनालट डेल्टा-विंग लड़ाकू विमान होगा। एक मल्टी मिशन जेट के रूप में ये आसमान में भारत की श्रेष्ठता स्थापित करेगा और थिएटर रक्षा के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध को अंजाम देगा। उम्मीद है कि TEDBF  INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत पर मिग-29K की जगह लेगा।

 किस मिशन में किया जाएगा इस्तेमाल ?

दरअसल, TEDBF फाइटर जेट का इस्तेमाल कॉम्बैट एयर पेट्रोल, डेक लॉन्च इंटरसेप्शन, एयर टू एयर कॉम्बैट, एंटी-शिप स्ट्राइक, मैरीटाइम स्ट्राइक, लैंट अटैक स्ट्राइक, एस्कॉर्ट जैमिंग और बड़ी रिफ्यूलिंग जैसे मिशन या ऑपरेशन के लिए किया जा सकता है। HAL ने तेजस के तीन नेवल वेरिएंट बनाए हैं। जिसकी INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य पर टेकऑफ और लैंडिंग भी कराई गई है। क्योंकि सिंगल इंजन के फाइटर जेट हैं और डेक से उड़ान भरने के दौरान इसके मैक्सिमम पावर को लेकर नेवी ने चिंता जाहिर की है और एयर क्राफट करियर के लिए ट्विन इंजन के फाइटर जेट को ही प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में TEDBF को सरकार से मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।

पिछले 12 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

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