INDIAN NAVY की ताकत और होगी मजबूत, INS विक्रांत के बाद जल्द आ रहा है IAC-2

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केंद्र की मोदी सरकार डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया के तहत कई बड़ी सफलता हासिल कर चुकी है. जल्द ही विमानवाहक पोत INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य सहित सबसे बड़े युद्धपोतों पर स्वदेशी अग्निशमन बॉट तैनात करने जा रही है. इस बीच एक और खबर सामने आई है कि जैसे ही INS विक्रमादित्य डॉकयार्ड से बाहर जाने को तैयार होता है. वैसे ही Indian Navy कुछ फेरबदल कर INS विक्रांत के आकार का स्वदेशी विमान वाहक IAC-2 को तैनात करेगी. जिसको लेकर योजना बनाई जा रही और इसे अंतिम रूप भी दे दिया गया है. लंबी समयसीमा पूरा करने के बाद जब INS विक्रादित्य रिटायर होता है तो उसकी जगह स्वदेशी विमान वाहक IAC-2 को तैनात किया जाएगा.
नौसेना चीफ एडमिरल आर. हरि कुमार पिछले हफ्ते एयरो इंडिया शो में बोलते हुए कहा था कि ऑपरेशनल रूप से, नई टेक्नोलॉजी और ड्रोन आ रहे हैं.. जिन्हें लॉन्च किया जा सकता है और वाहकों की Recovery हो सकती है.ताकि operational capabilities बढ़ सकें इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा है कि अगर हमें एक नया वाहक डिजाइन करना है, तो इसमें समय लगेगा और हमें नई Technologies को लाने की जरूरत है. जो अभी के एयरक्राफ्ट कैरियर के स्की जंप को चेंज कर रहा है.  यानी आगे आने वाले समय में Catapult System को इसमें शामिल किया जाएगा. ये सिस्टम अभी फिलहाल अमेरिका के पास है .इसमें पूरी तरह से नए डिजाइन का इस्तेमाल होगा और जहाज निर्माण सुविधाओं को भी अपग्रेड रखेगा. इसलिए हमने सोचा, अगर हम INS विक्रांत के दोबारा ऑर्डर के लिए दें तो काम बहुत जल्द शुरू हो जाएगा. इसमें लागत भी थोड़ी कम होगी और हम कुछ सुधार कर सकते हैं.

इसकी संभावित खासियतों की बात करें तो
GFX-IN
समंदर के सूरमे की खासियतें
डिजाइनर- वॉरशिप डिजाइन ब्यूटो (WDB)
मैन्युफैक्चरर- कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL)
लंबाई-284 मीटर, चौड़ाई-60 मीटर, ऊंचाई-60 मीटर
वजन करीब 65 हजार टन, क्रू 2300
मैक्सिमम स्पीड:55 किमी/घंटे
मैक्सिमम रेंज:14 हजार किमी
फाइटर प्लेन हो 55 सकते हैं तैनात
लागत: करीब 55 हजार करोड़ रुपए

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब हिंदुस्तान की जमीन पर दुनिया के सबसे ताकतवर फाइटर जेट में से एक राफेल ने लैंडिंग की थी तो कंगाल पाकिस्तान में खलबली मच गई थी. उसने चीन से फाइटर जेट मांगने शुरु कर दिए है. अब जब हिंद महासागर में हिंद का बादशाह उतर रहा हो तो दोनों पड़ोसी देशों की धुकधुकी बढ़ना लाजिमी है. समंदर के इस हिस्से पर चीन की नजर रहती है और चीन को रोकने के लिए भारत का ये सिकंदर काफी असरदार साबित होने वाला है. इसके साथ ही एडमिरल कुमार का कहना है... INS विक्रमादित्य, जो दिसंबर 2020 से रिफिट के दौर से गुजर रहा है जुलाई 2022 में ऑनबोर्ड में आग लग गई थी. जिससे रूस से आपूर्ति में देरी के अलावा सक्रिय सेवा में इसकी वापसी में देरी हुई.

 
कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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