अब किस जुर्म में कौन सी लगेगी धारा?

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पिछले दिनों गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक पेश किए। ये IPC , CRPC और इंडियन एविडेंस ऐक्ट की जगह लेंगे।

जब भी कोई किसी को धोखा देता है या ठगी करता है तो उसे 420 कहा जाता है। दशकों से 420 नंबर को एक मुहावरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, आम बोलचाल में भी बोल देते हैं फलां इंसान बहुत बड़ा 420 है या वो बहुत चार सौ बीसी करता है, तमाम भाषणों में भी इस शब्द का इस्तेमाल होता आ रहा है और तो और राज कपूर (Raj Kapoor) की फिल्म श्री 420 भी इसी शब्द पर आई थी, लेकिन अब धोखेबाज को 420 नहीं कहा जाएगा, तो अब आपको अपनी आदत बदलनी होगी। क्योंकि मोदी सरकार तीन नए बिल लेकर आई है जिससे 163 साल से चले आ रहे पुराने कानूनों को नए रूप में नए नंबर के साथ जगह दी गई।

पिछले दिनों गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में भारतीय न्याय संहिता (Indian Judicial Code), भारतीय नागरिक संहिता (Indian Civil Code) और भारतीय साक्ष्य विधेयक (Indian Evidence Bill) पेश किए। ये IPC , CRPC और इंडियन एविडेंस ऐक्ट की जगह लेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि पुराने कानूनों में सुधार के लिए लाए गए प्रस्तावित विधेयक आपराधिक न्याय प्रणाली को बदल देंगे। दंड के बजाय न्याय पर जोर रहेगा। ये बिल सिर्फ धोखाधड़ी के लिए धारा 420 तक ही सीमित नहीं है, बल्कि IPC की धारा 302 यानी मर्डर के केस में भी बदलाव होगा। अब धारा 101 के तहत हत्या के मामलों की सुनवाई को प्रस्तावित किया गया है और IPC की धारा 144 को बदलकर 187 किया जाएगा। जैसे कि धरना प्रदर्शन या फिर जो दंगा-फसाद का मामला है उसमें 147, 148, 149 लगता है। उसी तरीके से फॉर्जरी के लिए 468, 471 सेक्शन हैं, जो सबको पता हैं। वो पूरी की पूरी जो धारा है, उसका सीक्वेंस बदल गया है। अब अगर हम भारतीय न्याय संहिता की बात करें तो उसमें अगर पुरानी धारा में ढूंढेंगे तो यहां कुछ और मिलेगा। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में जो बिल प्रस्तावित किया है। अगर वो आने वाले समय में पास होता है तो भारत में क्रिमिनल जस्टिज के प्रोसेस में अमूलचूल परिवर्तन हो जाएगा।

नए कानून में 124A कानून हो रहा खत्म 

राजद्रोह कानून जिसे IPC की धारा 124A के नाम से जाना जाता है। नए कानून में 124A कानून खत्म हो रहा है और अब सरकार के खिलाफ नफरत, विरोध पर सजा नहीं होगी लेकिन देश के खिलाफ कुछ भी करने पर दंड मिलेगा। प्रस्तावित कानून के सेक्शन 150 में अब भी देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के खिलाफ काम करने वाले अलगाववादियों, सशस्त्र विद्रोह और विध्वंसक गतिविधियों के लिए सख्त दंड का प्रावधान किया गया है। प्रस्ताव में सरकार की आलोचना और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का देश के खिलाफ विध्वंसक, अलगाववादी और सशस्त्र विद्रोह वाली गतिविधियों से अंतर स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।

किस कानून में कितनी धाराएं

भारतीय न्याय संहिता IPC को रिप्लेस करेगी। इसमें पहले की 511 धाराओं की जगह अब 356 धाराएं होंगी। 175 धाराओं में बदलाव किया गया है, 8 नई धाराएं जोड़ी गई हैं और 22 धाराओं को निरस्त किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता CRPC को रिप्लेस करेगी। इसमें अब 533 धाराएं रहेंगी। 160 धाराओं को बदल दिया गया है, 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं और 9 धाराओं को निरस्त किया गया है। भारतीय साक्ष्य विधेयक को रिप्लेस करेगा। इसमें पहले की 167 की जगह पर अब 170 धाराएं होंगी, 23 धाराओं में बदलाव किया गया है, 1 नई धारा जोड़ी गई है और 5 धाराएं निरस्त की गई हैं।

तीनों पुराने कानून गुलामी की निशानियों से भरे : अमित शाह

कानून प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये तीनों पुराने कानून गुलामी की निशानियों से भरे हुए थे, इन्हें ब्रिटेन की संसद ने पारित किया था, कुल 475 जगह ग़ुलामी की इन निशानियों को खत्म करके हम नए कानून लेकर आए हैं। कानून में दस्तावेज़ों की परिभाषा का विस्तार कर इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड्स, ई-मेल, सर्वर लॉग्स, कम्प्यूटर, स्मार्ट फोन, लैपटॉप्स, एसएमएस, वेबसाइट, लोकेशनल साक्ष्य, डिवाइस पर उपलब्ध मेल, मैसेजेस को कानूनी वैधता दी गई है। एफआईआर से केस डायरी, केस डायरी से चार्जशीट और चार्जशीट से जजमेंट तक की सारी प्रक्रिया को डिजिटलाइज़ करने का प्रावधान इस कानून में किया गया है।

किस जुर्म में कौन सी धारा

अपराध                                       पहले                                अब

हत्या                                           धारा-302                           101

धोखाधड़ी                                    धारा-420                            धारा-316

भीड़भाड़-हंगामा                           धारा-144                           धारा-187

देश के खिलाफ षडयंत्र                  धारा-121                           धारा-145

देश के खिलाफ गतिविधियां             धारा-121A                        धारा-146

मानहानि                                      धारा- 499                          धारा-354

रेप                                              धारा- 376                          धारा- 63 में रेप, 64 में सजा

                                                                                          गैंगरेप 70 में

मानहानि                                      सेक्शन 499 और 500          धारा- 354

धरना-प्रदर्शन या दंगा-फसाद          147,148,149                     नया सेक्शन

निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर                सेक्शन 188                        नया सेक्शन

राजद्रोह कानून                             धारा- 124 A                        धारा-150

 

कुछ विशेष कानूनों पर भी किया गया फोकस 

भारतीय न्याय संहिता में पिक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे संबंधित नियमों को समझने में मदद मिलेगी। इससे ये पता चलेगा कि मानहानि जैसे अपराध से जुड़े प्रावधानों का इस्तेमाल किस तरह किया जाना चाहिए। सरकार ने हाल ही में लागू डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल में भी इसी मॉडल का पालन किया था। इसके अलावा नियमों को दोबारा अपडेट किया गया है। नई न्याय संहिता में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध जैसे कुछ विशेष कानूनों पर भी फोकस किया गया है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता ने टेक्नोलॉजी के माध्यम से नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की कोशिश की गई है। इलेक्ट्रॉनिक एफआईआर दर्ज करने से लेकर जीरो FIR तक को डिजिटल किया जा सकेगा। चाहे अपराध उस थाना क्षेत्र के अंदर हुआ हो या बाहर, लोग डिजिटल FIR दर्ज करा सकेंगे। 

पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

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