क्या BJP और RSS के बीच कोई मतभेद चल रहा है ?

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केंद्र में भले ही NDA सरकार तीसरी बार सत्ता पर काबिज हो चुकी है लेकिन BJP और RSS के बीच चल रही खटपट ने दोनों के बीच खाई को और गहरा कर दिया है. चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक इंटरव्यू में दिए गए बयान से शुरू हुआ बवाल अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब जब नतीजे आ चुके है और बीजेपी को बहुमत नहीं मिला है ऐसे में संघ के सबसे वरिष्ठ पदाधिकारी और संघ के मुख पत्र में जो बोला और लिखा जा रहा है वो इस अंतर्कलह को बढ़ाने वाला है.2024 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने है ऐसे में ये मनमुटाव लंबा चला तो बीजेपी को इसका नुकसान भी हो सकता है गौर करने वाली बात ये भी है कि ये मनमुटाव चुनाव के दौरान ही सामने आया हो ऐसा भी नहीं है. इस बात का अंदेशा काफी समय से था और इसकी पुष्टि तब हुई जब चुनाव प्रचार के दौरान संघ ने 25 दिन का प्रशिक्षण शिविर नागपुर में शुरू किया था. जिसमें संघ के तमाम छोटे बड़े पदाधिकारी चुनाव से दूर रहकर इस शिविर में शामिल थे. ऐसा हमेशा से माना गया है कि बीजेपी को संघ का जहां जहां भी प्रभाव रहा है वहां पर बीजेपी को मदद मिलती आई है. ऐसे में इस मनमुटाव की क्रोनोलॉजी को समझना बेहद जरूरी है कि कब क्या-क्या बोला गया और कैसे बात बिगड़ गई.


दरअसल चुनावी समर में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का एक इंटरव्यू द इंडियन एक्स्प्रेस में पब्लिश हुआ 19 मई, 2024 जिसमें उन्होंने बेबाकी से हर सवालों का जवाब दिया. एक सवाल जब उनसे पूछा गया कि क्या अटल बिहारी वाजपेयी के युग की तुलना में पार्टी के भीतर आरएसएस की उपस्थिति बदल गई है.इस पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि अब बीजेपी बड़ी पार्टी हो गई है. सबको अपना-अपना काम मिल गया है. RSS एक वैचारिक संगठन है और हम एक राजनीतिक संगठन हैं. शुरू में हम कमजोर थे, तब हमें RSS की जरूरत पड़ती थी. आज हम बढ़ गए हैं. सक्षम हैं, तो बीजेपी अपने आपको चलाती है. यही अंतर है. संघ की पृष्ठभूमि से बीजेपी में आए कार्यकर्ताओं के लिए ये बयान काफी कंफ्यूजन पैदा करने वाला था. जेपी नड्डा को इस तरह के बयान देने की जरूरत क्यों पड़ी, ये बीजेपी के किसी भी नेता ने नहीं बताया, हालांकि चुनाव में बीजेपी को झटका कहें या फिर कम सीटें मिलने के बाद RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बीजेपी पर सवाल जरूर उठा दिएए. जो बीजेपी और संघ के बीच तल्खी का इजहार करता है. भागवत ने साफ-साफ मंच से पूछा था कि मणिपुर एक साल से जल रहा है, उस पर ध्यान कौन देगा ? इसके सथ ही भागवत ने नसीहत भी दी है कि जो मर्यादा का पालन करे और अहंकार न करे, वही सही सेवक है.

भागवत के बयान से ये तो साफ हो गया है कि BJP और RSS में कोई न कोई खटपट अभी भी चल रही है. जिसको अब इंद्रेश कुमार ने भी हवा दे दी है. दरअसल RSS के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार का कहना है कि बीजेपी को लोकसभा चुनाव में जो कम सीटें मिलीं उसका कारण पार्टी का अहंकार है. इतना ही नहीं इंद्रेश कुमार ने I.N.D.I.A. ब्लॉक को लेकर तंज कसा क्या कुछ कहा इस वीडियो में पूरी बात को सुनिए
सुना आपने, कैसे अब RSS के नेता बीजेपी पर तंज कसते हुए नजर आ रहे है. हालांकि अभी तक BJP की ओर से कोई भी कद्दावर नेता ने RSS नेता के बयानों पर कोई भी टिप्पणी नहीं की है. जिसके बात तमाम तरह के सवाल सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों में गूंज रहे है जिसने भीषण गर्मी में सियासी तपीश को बढ़ाया हुआ है. 

 
 
कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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