फिर बढ़ी लालू यादव की मुसीबत, Land For Job Scam में होगी CBI जांच, गृहमंत्रालय ने दी मंजूरी

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पूर्व रेलवे मंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। लालू प्रसाद यादव एक और घोटाले में फंस गए हैं। ये घोटाला उस वक्त का जब लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे। आरोप है कि उन्होंने बिना विज्ञापन के ही 3 दिन  के अंदर 12 लोगों को जमीन के बदले रेलवे में नौकरी दे दी

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अब रेलवे मे नौकरी के लिए जमीन देने वाले घोटाले में फंस गए हैं। उस घोटाले में सीबीआई को जांच करने की इजाजत मिल गई है। ये मामला 15 साल पुराना है, जब UPA सरकार में लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री हुआ करते थे। आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने पटना के 12 लोगों को ग्रुप डी में चुपके से नौकरी दी और उनसे अपने परिवार के लोगों के नाम पटना में जमीनें लिखवा लीं। 18 मई 2022 को दर्ज की गई एफआईआर में सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव समेत उन 12 लोगों के नाम दर्ज किये हैं जिन्हें नौकरी दी गई थी। उधर रेलवे में जिन पदों पर भर्ती हुई, उसका न तो विज्ञापन निकाला गया और न ही सेंट्रल रेलवे को सूचना दी गई। आवेदन देने के 3 दिन के अंदर सभी को नौकरी दे दी गई थी।

सीबीआई ने अपनी एफआईआर में सात ऐसी डील का जिक्र किया है। जिसमें उम्मीदवारों को जमीन के बदले रेलवे में नौकरी दी गई। 

पहली डील 6 फरवरी 2008 को हुई इसमें किशुन देव राय और उनकी पत्नी सोनमतिया देवी ने अपने बेटे राजकुमार, मिथिलेश कुमार और अजय कुमार को नौकरी देने के नाम पर महुआबाग की 3375 वर्गफुट जमीन राबड़ी देवी के नाम ट्रांसफर करा दी। जमीन की कीमत 3.75 लाख दिखाई गई है। इसके बदले में तीनों को सेंट्रल रेलवे, मुबंई में नौकरी मिली।

दूसरी डील में भी 3375 वर्गफुट जमीन के बदल 3 लोगों को नौकरी दी गई, ये डील भी 6 फरवरी 2008 को हुई...जिसमें संजय राय, धर्मेद्र राय, रवींद्र राय ने अपने पिता कामेश्वर राय की 3375 वर्गफुट जमीन राबड़ी देवी के नाम पर रजिस्ट्री की। इसके बदले उन्हें सेंट्रल रेलवे, मुंबई में ग्रुप-डी में नौकरी मिली...ये भी जमीन महुआबाग में ही स्थित है। 

तीसरी डील 28 फरवरी 2007 को हुई। जिसमें किरण देवी नाम की महिला ने बिहटा की अपनी 80 हजार 905 वर्गफुट जमीन लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती के नाम कर दी। इस जमीन के बदले किरण देवी को 3.70 लाख रुपए और उनके बेटे अभिषेक कुमार को सेंट्रल रेलवे मुंबई में नौकरी दी गई।

चौथी डील में हजारी राय ने महुआबाग की अपनी 9 हजार 527 वर्गफुट जमीन 10.83 लाख रुपए लेकर मेसर्स एके इंफोसिस के नाम लिख दी। इसके बदले में हजारी राय के दो भांजों दिलचंद कुमार, प्रेमचंद कुमार रेलवे में नौकरी दी गई। जांच में पाया गया कि 2014 के बाद इस कंपनी की सारी संपत्ति के पूरे अधिकार लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और पत्नी को ट्रांसफर किए गए।

पांचवीं डील 23 मई 2015 को हुई, जिसमें लाल बाबू राय ने महुआबाग की अपनी 1360 वर्गफुट जमीन राबड़ी देवी के नाम ट्रांसफर की, जिसके बदले में लाल बाबू को 13 लाख रुपए मिले। इसके पहले ही उनके बेटे लालचंद कुमार को साल 2006 में उत्तर-पश्चिम रेलवे, जयपुर में नौकरी लग गई थी।

छठवीं डील 29 मार्च 2008 को हुई। जिसमें ब्रजनंदन राय ने महुआबाग की अपनी 3375 वर्गफुट जमीन गोपालगंज के हृदयानंद चौधरी को ट्रांसफर की। जिसके बदले उन्हे 4.21 लाख मिले।  फिर बाद में ये जमीन हृदयानंद चौधरी ने लालू प्रसाद की बेटी हेमा यादव को गिफ्ट में दे दी। जब तोहफे में दी गई उस वक्त सर्किल रेट 62.10 लाख रुपये था। इसके बदले हृदयानंद चौधरी को पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर में साल 2005 में ही नौकरी मिल गई थी। 

सातवीं डील 29 मार्च 2008 को हुई। जिसमें विशुन देव राय ने महुआबाग की अपनी 3375 वर्गफुट जमीन सीवान के रहनेवाले ललन चौधरी के नाम ट्रांसफर की। ललन चौधरी ने ये जमीन हेमा यादव को 28 फरवरी 2014 को तोहफे में दे दी। इस तोहफे के बदले में विशुन देव राय के पोते पिंटू कुमार को पश्चिम रेलवे, मुंबई में नौकरी दी गई।

घोटाले में सीबीआई की एफआईआर में किसको कितनी जमीन दी गई है इसका पूरा जिक्र किया है... सीबीआई ने अपनी एफआईआर में लालू परिवार के चार लोगों के साथ जमीन देकर नौकरी लेनेवाले 12 लोगों का भी पूरा ब्योरा दिया है। ये सारी जमीन पटना में ही हैं। इनका कुल रकबा 1 लाख 5 हजार 292 वर्गफुट है। सर्किल रेट के मुताबिक अभी इस जमीन की कीमत 4 करोड़ 39 लाख 80 हजार 650 रुपए है।

बिहार में इस वक्त जेडीयू और आरजेडी की सरकार है। चारा घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट से बेल मिलने के बाद से लालू यादव बाहर है और सिंगापुर में उन्होंने किड़नी ट्रांसप्लांट कराया है। अब देखने ये होगा कि  जमीन के बदले नौकरी देने का ये मामला लालू यादव की कितनी और मुश्किलें बढ़ा सकता है। 

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