जानें कैसे Police Custody से फरार हुआ था Gangster Badan Singh Baddo |

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तारीख थी 28 मार्च और साल 2019, गाजियाबाद में पीएम नरेंद्र मोदी एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। पीएम की रैली होने के कारण गाजियाबाद-मेरठ और उसके आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट था। जगह–जगह पुलिस की नाकेबंदी थी। इतने कड़े सुरक्षा-व्यवस्था के बीच एक कुख्यात बदमाश पुलिस कर्मियों को शराब पिलाकर फरार हो गया और पूरा पुलिस महकमा हाथ मलता रह गया। उसके बाद से ये बदमाश दुनिया के किस कोने में छिपा हैं किसी को नहीं पता। पुलिस उसके सोशल मीडिया एकाउंट की निगरानी करती रहती है। लेकिन उसका अबतक पकड़ नहीं पाई है। हाल ही में उसने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर पूर्व डीजीपी और बीजेपी के मौजूदा राज्यसभा सांसद बृजलाल की किताब के 10 पन्ने एडिट करके शेयर किए हैं। आज कहानी महंगी बंदूकेंविदेशी नस्ल के कुत्तेमहंगे ब्रांड के जूते और कपड़े पहनने का शौक रखने वाले शातिर गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो की।

कहानी साल 1970 से शुरू होती है। छोटी उम्र में ही बदन सिंह बद्दो को लेकर उसके पिता पंजाब से मेरठ आते है। इसके बाद वे यहीं पर ट्रक चलाने का काम करने लगे। कुछ समय गुजरा तो ट्रांसपोर्ट का बिजनेस शुरू कर दिया। इधरबदन सिंह बद्दो भी बड़ा होने लगा। बद्दो अपने सात भाइयों में सबसे छोटा है। जब होश संभाला तब उसने सबसे पहले ट्रक चलाने का काम किया। यहीं से उसके अपराध की दुनिया का सफर शुरू होता है। ट्रक चलाने के दौरान ही वो कई बदमाशों के संपर्क में आया। बदमाशों के संपर्क में आने के बाद वो शराब के कारोबार में उतरा। जल्द ही उसने शराब की तस्करी में धीरे-धीरे पश्चिमी यूपी के बॉर्डर के इलाकों में पैठ बना ली।

साल 1988 मेरठ के कोतवाली बाजार में राजकुमार नाम के एक व्यक्ति की जमीन के विवाद में हत्या हो जाती है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक इस हत्या के पीछे बदन सिंह बद्दो का ही नाम आता है। यही पहली घटना थी जब बदन सिंह पर पहला आपराधिक मामला दर्ज होता है। पुलिस उसको एक राइफल और कुछ कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लेती है। लेकिन कुछ दिनों में जेल में रहने के बाद वो छूट गया।

साल 1994 में प्रकाश नाम के युवक की हत्या में फिर से बदन सिंह बद्दो का ही नाम आता है। उसके बाद वो साल 1996 में राजेंद्र पाल नाम के वकील की भी हत्या करता है।

मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक इस हत्या का कारण था कि बदन सिंह बद्दो ने उस वकील की पत्नी पर कुछ अभद्र टिप्पणी की थी। इस बात से गुस्साए वकील ने बदन सिंह को जोरदार तमाचा जड़ दिया। ये बात बदन सिंह को बेहद अपमानजनक लगी और उसने वकील की हत्या दी। इसके बाद बदन सिंह बद्दो पर साल 2011 में मेरठ जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर और साल 2012 में एक केबल नेटवर्क के मालिक की हत्या का भी मामला दर्ज है। बद्दो के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में हत्यावसूलीलूटडकैती के 40 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

बदन सिंह बद्दो का रहन–सहन देखकर कोई नहीं मानेगा कि ये एक मोस्ट वांटेड अपराधी है। महल जैसा घरमहंगी बुलेटप्रूफ गाड़ियों का जत्थाविदेशी नस्ल के कुत्ते और हथियारब्रांडेड कपड़े और जूते का शौकीन बद्दो का अंदाज दूसरे अपराधियों से अलग रखता है। हॉलीवुड एक्टर जैसा दिखने वाला ये कुख्यात गैंगस्टर जिसके फरार होने की कहानी फिल्म सरीखी है।

28 मार्च 2019 को फतेहगढ़ जेल में बंद बद्दो को पेशी के लिए पुलिस गाजियाबाद कोर्ट ले गई। पेशी के बाद पुलिस उसको फिर से जेल ले जाने लगी तो बद्दों ने अपनी बातों में पुलिस वालों को बहका लिया। बद्दो प्लान के मुताबिक पुलिस वालों को मेरठ ले गया। जहां होटल मुकुट महल में सबको रुकवाया और वहां पुलिस कर्मियों को जमकर शराब पिलाई। जब सभी नशे में धुत हो गए तभी बद्दो मौका पाकर फरार हो गया। इस घटना से पुलिस महकमे हड़कंप मच गया। मामले की जांच हुई तो सभी पुलिस वालों पर एक्शन हुआ।

बदन सिंह बद्दो की फरारी के बाद उस पर पुलिस ने शिकंजा कसने के लिए उसके 15 करोड़ रुपये का आलीशान मकान पर कुर्की की कार्रवाई की। बदन सिंह के सहयोगियों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। बद्दो पर ढाई लाख और उसके बेटे सिकंदर पर 50 हजार रुपये इनाम घोषित है। दोनों पर रेड कार्नर नोटिस भी जारी हो चुका है। फिल्मी अंदाज में पुलिस की कस्टडी से फरार हुए दो साल से ज्यादा का समय हो चुका हैलेकिन ये अपराधी कहां है किसी को नहीं पता। आखिरी बार अगस्त 2022 में उसकी लोकेशन फ्रांस में मिली। रिपोर्ट के मुताबिक ये सुपारी किलिंग का भी काम करता है। पुलिस ने उसको पकड़ने के लिए इंटरपोल से मदद मांगी है।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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