Narayan Sakar Hari : ऐसे-ऐसे किस्से जिन्हें पढ़कर चौंक जाएंगे !

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Narayan Sakar Hari : ऐसे-ऐसे किस्से जिन्हें पढ़कर चौंक जाएंगे !
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लगातार सुर्खियों में हाथरस भगदड़ का मामला

हाथरस भगदड़ जिसमें 123 लोगों की जान गई तो पूरा देश हिल गया। ये हादसा बाबा सूरज पाल उर्फ सफेद कपड़े वाले बाबा उर्फ भोले बाबा के सत्संग में हुआ। मुकदमा तो दर्ज हुआ पर उस एफआईआर में बाबा का नाम नहीं है। बाबा को पुलिस ने अभी तक नहीं पकड़ा है। हाथरस भगदड़ का मामला लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में बाबा की कुंडली भी धीरे-धीरे सामने आ रही है। जो बेहद चौंकाने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा ब्लैक मैजिक करता। बाबा, मरने के बाद लोगों को जिंदा करने का दावा करता था। इसके लिए वो 24 साल पहले गिरफ्तार भी हो चुका है।

पहले जादू टोना फिर सत्संग

आगरा के केदार नगर का रहने वाला सूरजपाल पहले पुलिस की नौकरी करता था। फिर नौकरी छोड़कर जादू टोना करने लगा। वक्त गुजरा और बाबा बनने के बाद सत्संग भी करने लेगा। सत्संग के दौरान ये हमेशा ये सफेद पेंट-शर्ट और सफेद ही रंग का कोट पहनता। फिर लाल या सफेद टाई लगाता। शान शौकत ऐसी की श्रद्धालु जमीन पर बैठते  और वो खुद स्टेज पर सिंहासन की कुर्सी पर। इसके बराबर में ही एक और कुर्सी में पत्नी बैठा करती।

कई सारे मुकदमे पहले से ही दर्ज

24 साल पहले साल 2000 में बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आगरा के शाहगंज पुलिस थाने में सूरज पालउसकी पत्नी प्रेमवती समेत सात लोगों के खिलाफ एक मर चुकी लड़की को जिंदा करने के दावा किया थाजिसके बाद इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया। सूरज पाल ने लड़की को फिर से जिंदा करने का दावा करते हुए परिजनों को अंतिम संस्कार करने से भी रोक दिया था। पर पुलिस इस मामले को लेकर सबूत पेश नहीं कर पाई। जिसके चलते कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सबको बरी कर दिया था।

धीरे - धीरे बढ़ रही बाबा की मुश्किलें

ऐसा कहा जाता है कि एक समाज के लोगों ने इस बाबा को अपना भगवान समझा और इसके घर को मंदिर। श्रद्धालुओं में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की होती। बाबा की फैन फॉलोइंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आगरा में अपना घर छोड़े हुए इसे करीब 10 साल से ज्यादा का वक्त हो गया है। लेकिन अब भी हर मंगलवार और शनिवार को दूर-दूर के जिलों से सैकड़ों महिलाएं इसके घर आती हैं। घर में ताला लगा रहता है। लेकिन महिलाएं उस घर की चौखट को बाहर से चूमती हैं। नल से टपकने वाले पानी को प्रसाद और गंगा जल समझ कर अपने साथ ले जाती हैं। एक दौर में लाल बत्ती लगी गाड़ी में चलने वाला ये बाबा अगर किसी भी जिले सत्संग करने जाता तो वो पांच सितारा होटल में ही रुकता। लेकिन हाथरस भगदड़ के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

सुनता सब की हूं लेकिन दिल से लिखता हूं, मेरे विचार व्यक्तिगत हैं।

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