निर्भय मिसाइल भारत की तीनों सेनाओं का हिस्सा बनेंगी

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इंडियन आर्म्ड फोर्स यानी भारत की तीनों सेनाओं को एक नई ताकत मिलने जा रही है। जिसका नाम है निर्भय मिसाइल।

इंडियन आर्म्ड फोर्स यानी भारत की तीनों सेनाओं को एक नई ताकत मिलने जा रही है। जिसका नाम है निर्भय मिसाइल। ये मिसाइल एक हजार किलोमीटर तक टारगेट को हिट कर सकती है। डिफेंस सोर्सेस का कहना है कि केंद्र सरकार निर्भय मिसाइल को इंडियन आर्मी, इंडियन एयरफोर्स और इंडियन नेवी में शामिल करने पर विचार कर रही है। इसे लेकर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार निर्भय कैटगरी की क्रूज मिसाइलों को शामिल करने पर विचार कर रही है। ये प्रस्ताव अभी आखिरी चरण में है और इसकी मंजूरी मिलने का इंतजार है। अगर ये प्रपोजल पास हो जाता है तो ये सब सोनिक क्रूज मिसाइल को दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने के लिए तैनात किया जाएगा।

चीन, भारत के सामने पश्चिमी थिएटर कमांड में सटीक-हमला करने वाली पारंपरिक मिसाइलें तैनात कर रहा है, जिसमें केडी-63 हवा से जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइल और केडी-10 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल शामिल हैं। सैन्य जानकारों का कहना है कि जिस तरह से पीएलए वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी तैयारियों को तेज करने में जुटा है, ऐसे में भारतीय सेना को भी इसका मुकाबला करने के लिए रणनीतिक उपाय करने की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि एलएसी के पास कम दूरी की प्रलय बैलिस्टिक मिसाइल और निर्भय मिसाइल के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती एक मजबूत रणनीति के रूप में काम करेगी। इसी वजह से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO की ओर से स्वदेशी लंबी दूरी की मिसाइल तैयार की जा रही है। निर्भय एक सब-सोनिक मिसाइल है, यानी इसकी 0.72-0.9 मैक की रफ्तार है। मालूम हो कि एक मैक में 1234 किमी प्रतिघंटे की रफतार होती है। सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों के साथ सबसोनिक निर्भय क्लास क्रूज मिसाइलों का सेनाओं के पास होना एक डेडली कॉम्बिनेशन होगा। ये मिसाइलें उस रॉकेट फोर्स का भी हिस्सा होंगी। जिन्हें, धीरे-धीरे इंडियन डिफेंस फोर्स में शामिल किया जा रहा है। निर्भय क्रूज मिसाइल की ताकत और इसकी खासियतों की बात करें तो ये हर मौसम में काम करने वाली, कम लागत वाली क्रूज मिसाइल है। जो लंबी दूरी तक दुश्मनों पर वार कर सकती है। डीआरडीओ की वेबसाइट पर कहा गया है, निर्भय को वर्तमान में एक मोबाइल-आर्टिकुलेटेड लॉन्चर से लॉन्च किया गया है। मिसाइल को समुद्री और हवाई प्लेटफार्मों से लॉन्च करने के लिए तैयार किया जा रहा है। भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जिनके पास इस श्रेणी की क्रूज मिसाइलों को डिजाइन और विकसित करने की क्षमता है। 

निर्भय जमीन से लॉन्च होने वाली मिसाइल

निर्भय भारत की पहली स्वदेशी क्रूज मिसाइल है। दिखने में ये US टॉमहॉक और रूसी SS-N-27 मिसाइलों की तरह है। निर्भय एक जमीन से लॉन्च होने वाली मिसाइल है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक पनडुब्बियों पर भी इसकी तैनाती हो सकती है। कुछ शुरुआती मुश्किलों के बाद निर्भय मिसाइल अस्तित्व में आई। दो साल पहले मिसाइल का स्वदेशी बूस्टर इंजन के साथ सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। निर्भय क्रूज मिसाइल मिसाइल 6 मीटर लंबी और 0.52 मीटर चौड़ी है और इसका वजन 1500 किलो है। इसके पंखों की कुल लंबाई 2.7 मीटर है। ऐसा माना जा रहा है कि इस मिसाइल में ऐसी तकनीक भी लगाई गई है, जिसके जरिए दुश्मन के टारगेट को खत्म करने से पहले उसकी तस्वीर और वीडियो खींचकर ये कंट्रोल रूम तक भेज देगी। जमीन से 50 मीटर से लेकर 4 किमी तक के बीच की ऊंचाई पर उड़ती है। ऐसे में ये एयर डिफेंस की पकड़ में भी नहीं आती है। इस मिसाइल में स्वदेशी माणिक टर्बाेफैन इंजन का इस्तेमाल किया गया है। 300 किलोग्राम पेलोड ले जाने के दौरान इसकी रेंज 1,000- 1500 किमी है। ये एक भूमि-आधारित मोबाइल लांचर से लैस है और भारी विस्फोटक ले जाता है। 

निर्भय कई टारगेटों के बीच अटैक करने की क्षमता रखती है। अगर दुश्मन को रडार का पता चल जाए तो ये इससे बचते हुए कम ऊंचाई पर भी उड़ान भर सकती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सुपरसोनिक ब्राह्मोस के साथ निर्भय श्रेणी की मिसाइल का कॉम्बिनेशन दुश्मनों के लिए घातक होगा। भारत अपने डिफेंस सिस्टम को और भी मजबूत कर रहा है।  

पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

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