Indian Companies में तेजी से बढ़ी है महिलाओं की संख्‍या

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देश में इंडस्ट्री हो या राजनीति महिलाओं की भागीदारी अब भी काफी कम है। लेकिन, संसद में महिला आरक्षण बिल पारित (Women Reservation Bill) हो जाने से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, देश के वर्कफोर्स यानी कामगार में महिलाओं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया (Great Place to Work India) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कॉर्पोरेट कंपनियों (Indian Companies) में काम करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है। इस साल अब तक भारतीय कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़कर 26 प्रतिशत हो गई है। जबकि, साल 2021 में ये 21 प्रतिशत था।  

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब आठ प्रतिशत भारतीय सीईओ महिलाएं हैं। जबकि, कुल महिला कर्मचारियों में से 32 प्रतिशत महिला कर्मचारी लीडरशिप की भूमिका में हैं,हालांकि टॉप लेवल पर संख्या कम होने की वजह से महिला कर्मचारी इस लेवल पर अपनी सहयोगियों की कमी महसूस करती हैं। ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया की सीईओ यशस्विनी रामास्वामी ने कहा है कि 2023 में भारतीय कंपनियों में फीमेल वर्कफोर्स में 5 प्रतिशत की ग्रोथ होने की उम्मीद है, इसका नतीजा है कि 89 प्रतिशत महिला कर्मचारी अपनी भूमिका में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। उनका कहना है कि ये 2021 में 21 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में प्रभावशाली 26 प्रतिशत हो गई है, जिसमें बेहतर संस्थान 17 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं को रोजगार देकर आगे बढ़ रहे हैं। इस रिपोर्ट में अलग-अलग कैटेगिरी में कंपनियों को चुना गया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में महिलाओं के लिए काम करने के मामले में भारत में सबसे अच्छा ठिकाना इम्पेटस कंपनी है।

महिला कर्मचारियों का रीप्रेजेंटेशन कम 

रिपोर्ट में कहा गया है कि  एजुकेशन, ट्रेनिंग, नॉन प्रॉफिट और चैरिटी आर्गेनाइजेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी 45 से 47 प्रतिशत है। ये महिला प्रतिनिधित्व के साथ बढ़े हुए विश्वास को दर्शाता है। वहीं, ट्रांसपोर्टेशन, मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों का रीप्रेजेंटेशन कम है। रिपोर्ट में पाया गया कि सभी के लिए अनुभव को प्रायोरिटी देने वाले ऑर्गेनाइजेशन में प्रोफेशनल और लीडरशिप डेवलपमेंट के साथ-साथ फैसले लेने में कर्मचारियों की भागीदारी 14 प्रतिशत बढ़ी है। एसएंडपी ग्लोबल इंडिया को 2023 में ग्रेट प्लेस टू वर्क की ओर से महिलाओं के लिए भारत के टॉप 10 बेस्ट वर्कप्लेस में से एक के रूप में स्थान दिया गया है। इसे विविधता, समानता, समावेशन और जुड़ाव के मामले में भारत के बेस्ट वर्कप्लेस में भी मान्यता मिली। ये मान्यताएं एसएंडपी ग्लोबल के मिशन और भारत में अधिक समावेशी वर्क एनवायरनमेंट बनाने के लिए इसकी रणनीतिक पहल और पीपल-फर्स्ट पॉलिसी का हिस्सा हैं। एसएंडपी ग्लोबल का पीपल फर्स्ट फिलॉसोफी अपने लोगों, ग्राहकों और समुदायों की प्रोग्रेस में तेजी लाने के लिए अपनी दूरदर्शी नीतियों और फायदों के साथ एक इंक्लूसिव कल्चर बनाने में निवेश करता है। 

पिछले 12 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

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