Loksabha Election 2024: PM Modi के ‘ब्रह्मास्त्र’ की विपक्ष के पास आज भी काट नहीं

Home   >   चुनावपुर   >   Loksabha Election 2024: PM Modi के ‘ब्रह्मास्त्र’ की विपक्ष के पास आज भी काट नहीं

21
views

लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जहां एक तरफ पीएम मोदी NDA गठबंधन के लिए 400 पार का दावा कर रहे हैं, तो वहीं I.N.D.I.A अलायंस के भी जीत के अपने दावे हैं।

लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जहां एक तरफ पीएम मोदी NDA गठबंधन के लिए 400 पार का दावा कर रहे हैं, तो वहीं I.N.D.I.A अलायंस के भी जीत के अपने दावे हैं। आज अगर प्रधानमंत्री मोदी लोकप्रियता के मामले में सबसे आगे हैं तो कल्याणकारी योजनाओं पर बेहतर तरीके से अमल के कारण ही। पीएम मोदी और बीजेपी नेता रैलियों में केंद्र की योजनाओं से जनता को होने वाले फायदे गिनाना नहीं भूलते हैं और यही वजह है कि एनडीए लगातार मोदी मैजिक के पीछे खुद को मजबूत कर रहा है। दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं को हर लाभार्थी तक पहुंचकर प्रधानसेवक का प्रणाम पहुंचाने का टास्क सौंपा। ऐसे में ये समझना काफी दिलचस्प है कि आखिर मोदी सरकार में कौन सी ऐसी प्रमुख योजनाएं हैं, जिससे गांव, गरीब, किसानों, मजदूरों और समाज के शोषित-वंचित तबके को सबसे ज्यादा लाभ पहुंचा। शायद इन योजनाओं की बदौलत ही जातिगत समीकरण भी हवा हो गए। आइए समझते हैं मोदी सरकार की उन प्रमुख योजनाओं के बारे में जिससे उन्हें विकास पुरुष का टैग मिल गया है।  

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी सबसे ज्यादा अगर किसी योजना का प्रचार- प्रसार करती है तो वो है प्रधानमंत्री उज्जवला योजना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में उज्ज्वला योजना की लाभार्थी मीरा के घर अचानक पहुंच गए थे। इस दौरान पीएम मोदी ने मीरा के हाथों की बनी चाय पी और मीरा के परिवार का हाल-चाल जाना था। पीएम मोदी ने 1 मई 2016 को इस योजना को लॉन्च किया था। इस योजना के जरिए महिलाओं को फ्री में गैस कनेक्शन बांटे गए। इससे सबसे बड़ा फायदा उन गरीब माताओं-बहनों को हुआ, जो धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं। सरकारी आंकड़ों की मानें तो अब तक प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत 10 करोड़, 4 लाख, 49 हजार से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना

प्रधानमंत्री जन-धन योजना की घोषणा पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस पर की थी। इसके बाद 28 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना को लॉन्च किया था। ये एक ऐसा मिशन है जिसके जरिए कोई भी जीरो बैलेंस खाता खुलवा कर कई तरह का लाभ प्राप्त कर सकता है। इस स्कीम को खासतौर पर इसलिए लॉन्च किया गया ताकि देश के हर वर्ग को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा जा सके। पीएम जन धन स्कीम के तहत 28 अगस्त 2023 तक कुल 50 करोड़ से अधिक जनधन खाते खुलवाए गए हैं। वहीं इन खातों में कुल 2.03 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।

घर-घर शौचालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। इसका लक्ष्य अगले पांच सालों में यानी 2 अक्टूबर, 2019 तक पूरे देश के हरेक मकान में शौचालय की सुविधा देकर करीब 10 करोड़ शौचालय बनाने की योजना थी। सरकार ने तय वक्त में ये लक्ष्य हासिल करने का दावा किया है। इस योजना से माताओं और बहनों का खुले में शौच के लिए जाना बंद हुआ, जिससे सरकार के प्रति लोगों की बेहतर राय बनी। सरकार गोबरधन योजना के तहत गोबर से खाद और बिजली बनाने का प्लांट भी गांवों में तैयार कर रही है। सरकार का दावा है कि अब तक देशभर के 307 जिलों में 848 जैवगोबर/सीबीजी प्लांट लगाए जा चुके हैं।

नल जल योजना

इसके अलावा मोदी सरकार की ओर से गरीबों को मकान और शौचालय के साथ-साथ नल से जल पहुंचाने का भी इंतजाम किया जा रहा है।  सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नल जल योजना के तहत लाखों गांवों में करोड़ों घरों तक स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जा चुकी है और ये योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। 14 करोड़ घरों में नल से जल जा रहा है। 2 लाख से ज्यादा गांवों के हर घर में पानी पहुंच रहा है। 9 लाख से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में नल से जल मिल रहा। इस योजना का लक्ष्य 2024 के आखिर तक देश के सभी गांवों में नल से जल पहुंचाना है। इस लक्ष्य प्राप्ति के लिए पिछले वर्ष 2023 में हर सेकंड नल जल का एक कनेक्शन दिया गया।

स्टार्टअप इंडिया

वहीं, स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत मोदी सरकार ने जनवरी 2016 में की थी। स्टार्टअप इंडिया को लॉन्च करने का मकसद देश में इनोवेशन और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम बनाना है, जिससे आर्थिक विकास हो और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार का मकसद इनोवेशन और डिजाइन के जरिए स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।

स्टैंडअप इंडिया योजना

जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टैंडअप इंडिया योजना 5 अप्रैल 2016 में शुरू की गई थी। स्टैंड-अप इंडिया का मकसद महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को स्टार्टअप से जोड़ना है, ताकि उन्हें मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, व्यापार क्षेत्र और कृषि से जुड़ी गतिविधियों में बढ़ावा मिल सके। इस योजना के जरिए विनिर्माण, सेवा या व्यापार क्षेत्र और कृषि से जुड़ी गतिविधियों से संबंधित ग्रीनफील्ड उद्यमों के लिए लोन देना है। इस योजना में 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है। ये योजना सरकार की सबसे सफल योजनाओं में से एक है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

इसके अलावा साल 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसान अपनी फसलों का इंश्योरेंस करवा सकते हैं। अगर किसी कारण उनकी फसल खराब हो जाती है तब सरकार की ओरसे आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के जरिए किसानों को बीमा प्रीमियम का केवल 50 प्रतिशत हिस्सा देना होता है। वहीं, 50 फीसदी भाग केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से सब्सिडी के रूप में दिया जाता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए किसानों को खड़ी फसलों के नुकसान का बीमा कवर दिया जाता है। योजना के जरिए रबी फसलों के लिए बीमा कवर का प्रीमियम 1.5 फीसद है। जबकि सरकार 50 फीसदी सब्सिडी देती है यानी किसानों को बस 0.75 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होता है। सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 4 करोड़ किसानों की सहायता हुई है। इससे गरीबों के लिए सोचने वाली सरकार के तौर पर उसकी छवि बनी।

लखपति दीदी योजना

इतना ही नहीं महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए मोदी सरकार ने लखपति दीदी स्कीम की शुरुआत की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2023 को लाल किले से अपने भाषण के दौरान इस योजना का जिक्र किया था। लखपति दीदी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी उन महिलाओं को कहा जाता है, जिनकी प्रति परिवार सालाना आमदनी 1 लाख रुपये या इससे ज्यादा पर पहुंच गई है। इस योजना के जरिए महिलाओं को टेक्निकल ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे सालाना एक लाख रुपये से ज्यादा कमा सकें. इस योजना का लक्ष्य आर्थिक रूप से वंचित बैकग्राउंड से आने वाली महिलाओं को आगे लाना है। इसके तहत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्हें इसके संचालन और मरम्मत की ट्रेनिंग भी जाती है।

पीएम-किसान योजना

पीएम-किसान योजना छोटे किसानों के लिए वरदान की तरह है। इसे केंद्र सरकार की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा सकता है। इस योजना में हर साल 6000 रुपये का वित्तीय लाभ दिया जाता है। ये योजना 24 फरवरी 2019 को शुरू की गई थी। पात्र किसानों को हर चार महीने में दो-दो हजार रुपये मिलते हैं। इस योजना का लाभ देश भर के छोटे किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर मोड के जरिए मिलता है। आंकड़ों के मुताबिक, पीएम-किसान योजना के तहत देश भर के 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।

अटल पेंशन योजना

अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। अटल पेंशन योजना के तहत 60 साल का होने पर हर महीने 1,000 से लेकर 5,000 रुपए की पेंशन मिलती है। इसके लिए व्यक्ति की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा उसके पास डाकघर या बचत बैंक में बचत बैंक खाता होना चाहिए। ऐसे में इस योजना के जरिए आप अपने बुढ़ापे को आर्थिक सुरक्षा दे सकते हैं। इस योजना में अब तक 5 करोड़ से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

आयुष्मान भारत योजना

देश के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए मोदी सरकार ने 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना लॉन्च की थी। इस स्कीम में आयुष्मान कार्ड धारक 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त में सूचीबद्ध अस्पतालों में करवा सकते हैं। माना जा रहा है कि चुनाव में ये स्कीम गेमचेंजर साबित हुई। इससे सीधे तौर पर गरीबों को लाभ हो रहा है। अब तक 30 करोड़ से ज्यादा लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से 1 जून, 2020 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) को लॉन्च किया गया था। इस योजना के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स को अपनी आजीविका शुरू करने के लिए सस्ते ब्याज दरों पर लोन देना है। इस योजना का लाभ कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से प्रभावित लोगों को मिलता है। सीसीईए ने मार्च 2022 से दिसंबर 2024 तक पीएम स्वनिधि के तहत लोन जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस योजना से देश भर में 50 लाख से ज्यादा रेहड़ी-पटरीवालों को लोन दिया जा चुका है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु सूक्ष्म उद्यमों को 50 हजार से 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता है।  व्यापारियों को सस्ते इंटरेस्ट रेट पर ये लोन दिया जाता है, ऐसे में तमाम कारोबारी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। इस योजना के तहत अब तक 43 करोड़ लोन मंजूर किए गए हैं। कुल 22.5 लाख करोड़ का लोन दिया गया है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना साल 2015 में मोदी सरकार की ओर से शुरू की गई दो योजनाएं हैं, जिनका मकसद लोगों को किफायती बीमा और सुरक्षा प्रदान करना है। पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई लोगों को कम प्रीमियम पर हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस देता है। पीएमजेजेबीवाई एक साल की जीवन बीमा योजना है। अगर किसी वजह से व्यक्ति की मौत हो जाती है तो परिवार वालों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। ये स्कीम 18 से 50 साल तक के लोगों के लिए उपलब्ध है। प्रीमियम का भुगतान करने पर 55 साल की उम्र तक इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के जरिए आंशिक तौर पर अपंग होने की स्थिति में 1 लाख रुपये और मौत होने पर 2 लाख रुपये का कवर मिलता है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को मोदी सरकार ने मार्च 2020 में शुरू किया था। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को कोरोनाकाल मार्च 2020 में शुरू किया गया था। इसका मकसद लॉकडाउन के दौरान इस स्कीम को शुरू करके लोगों को मुफ्त अन्न दिलाना था। हालांकि सरकार इस योजना को कई बार बढ़ा चुकी है। फिलहाल इस स्कीम का फायदा साल 2029 तक लिया जा सकेगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत देश की करीब 80 करोड़ जनता को मुफ्त अनाज दिया जाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना एक ऐसी योजना है, जिससे लाखों लोगों को अपना घर बनाने में काफी मदद मिली है। इस योजना के तहत जरूरतमंदों को घर बनाने के लिए लोन पर सब्सिडी दी जाती है यानी 3 लाख से कम कमाने वाला कोई भी व्यक्ति, जिसके पास कोई भी आवास न हो, वो इसका लाभ उठा सकता है। इस स्कीम में सरकार की तरफ से 2.50 लाख की मदद दी जाती है। हालांकि इसमें इनकम के आधार पर कई कैटेगरी हैं और उन कैटेगरी के आधार पर ही लोन अमाउंट डिसाइड किया जाता है। शुरुआत में पीएमएवाई में होम लोन की रकम 3 से 6 लाख रुपए तक थी और उसी पर सब्सिडी मिलती थी, लेकिन इसे 18 लाख रुपए तक कर दिया गया है।

इन योजनाओं ने भी विपक्ष को किया कमजोर  

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, आत्मनिर्भर भारत, सुकन्या समृद्धि योजना, मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट से जनता को सीधा लाभ हुआ है। इन योजनाओं ने जनता पर जबरदस्त छाप छोड़ी है, जिससे लोगों का मोदी सरकार पर भरोसा बढ़ रहा है।

इनकी काट ढूंढ ले विपक्ष की राह होगी आसान

मोदी सरकार की ये योजनाएं बेहद लोकप्रिय हैं। उज्ज्वला और पीएम किसान योजना ने आम जनता को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। विपक्षी गठबंधन इंडिया सांप्रदायिकता, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर निशाना साधता है, जबकि केंद्र सरकार इन उपलब्धियों को जनता के सामने रखती है। केंद्र सरकार जहां अपने विकास के एजेंडे पर जोर देती है, तो वहीं विपक्ष इन योजनाओं में हो रही अनियमितताओं के बजाय दूसरे मुद्दों पर फोकस कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये योजनाएं नरेंद्र मोदी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाती हैं और जनता विपक्ष के प्रचार को एक सिरे से खारिज कर देती है। अगर विपक्ष इन योजनाओं का समाधान ढूंढ ले और बिढ़िया काउंटर प्लान तैयार कर ले तो उसे जीत मिल सकती है, वरना अभी तो जीत की राह आसान नहीं है।

पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। वैश्विक और राजनीतिक के साथ-साथ ऐसी खबरें लिखने का शौक है जो व्यक्ति के जीवन पर सीधा असर डाल सकती हैं। वहीं लोगों को ‘ज्ञान’ देने से बचता हूं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!