पीएम मोदी कर्नाटक के तुमकुरू हेलीकॉप्टर प्लांट का कर रहे शिलान्यास, 6 हजार को रोजगार और 20 साल में 1000 चॉपर का है लक्ष्य

Home   >   खबरमंच   >   पीएम मोदी कर्नाटक के तुमकुरू हेलीकॉप्टर प्लांट का कर रहे शिलान्यास, 6 हजार को रोजगार और 20 साल में 1000 चॉपर का है लक्ष्य

226
views

साल 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश के डिफेंस सेक्टर को लगातार मजबूत किया जा रहा है। अपने कई भाषणों में पीएम मोदी कह चुके हैं कि देश डिफेंस सेक्टर में आयातक नहीं निर्यातक की ओर बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत की सोंच को ध्यान में रख कर पिछले 8 साल में केंद्र की मोदी सरकार हर साल अपने रक्षा बजट को लगातार बढ़ाती रही है। मेक इन इंडिया की कड़ी में आगे बढ़ते हुए अब पीएम मोदी कर्नाटक में एशिया के सबसे बड़े हेलीकॉप्टर कारखाने को देश को समर्पित कर रहे हैं।

पीएम मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए रिसर्च, डिजाइन और डेवलपमेंट से लेकर मैन्युफेक्चरिंग तक एक वाइब्रेंट इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। कर्नाटक के तुमकुरू में बन कर तैयार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की हेलीकॉप्टर फैक्ट्री इसका उदाहरण है। 615 एकड़ जमीन में फैली इस ग्रीनफील्ड हेलिकॉप्टर फैक्ट्री की योजना देश के सभी हेलीकॉप्टर जरूरतों को पूरा करने के लिए वन-स्टॉप फैक्ट्री बनने के नजरिये से बनाई गई है।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, HAL ने इस प्लांट के जरिए अगले 20 सालों में 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के टोटल कारोबार के साथ 3 से 15 टन की सीमा वाले 1,000 से ज्यादा हेलीकाप्टरों को बनाने का लक्ष्य रखा है। LCH में प्रचंड, रूद्र और ध्रुव जैसे हेलीकॉप्टर आते हैं। शुरू में इस प्लांट में सालाना 30 हेलीकॉप्टरों का उत्पादन होगा, इसके बाद ये संख्या 60 और फिर 90 तक बढ़ाई जाएगी। वहीं इस प्लांट के जरिए करीब 6 हजार के लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

ऐसा कहा जा रहा है कि इस प्लांट के तैयार होने से पहले ही HAL के साथ 15 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों (LCH) को बनाने का करार किया जा चुका है। इनमें से दस भारतीय वायु सेना के पास जाएंगे और पांच सेना रखेगी। इस करार के बाद भी सेना और वायु सेना को ऐसे 160 LCH हेलीकॉप्टरों की जरूरत है, इसलिए कंपनी को फॉलो-ऑन ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।

वहीं तुमकुरू प्लांट में इंडियन मल्टीरोल हेलीकॉप्टरों (IMRH) की भी मैन्युफेक्चरिंग होगी। इन हेलाकॉप्टरों को रूस के Mi-17 का टक्कर माना जा रहा है। क्योंकि भारत के साथ-साथ दुनियाभर क 40 वायु सेनाएं Mi-17 प्रकार के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करती हैं।

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!