तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों की पिटाई से सियासत गरमाई , CM नीतीश ने भेजी जांच टीम

Home   >   खबरमंच   >   तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों की पिटाई से सियासत गरमाई , CM नीतीश ने भेजी जांच टीम

204
views

बिहार की सियासत में एक नए मुद्दे की एंट्री हुई है। तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों पर हमले की खबरें लगातार वायरल हो रही हैं। हालांकि तमिलनाडु में पुलिस प्रशासन ने इन खबरों को फेक या पुराना बताया है लेकिन बिहार के सदन में ये मुद्दा गरम है जिसे लेकर बीजेपी नीतीश सरकार पर हमलावर है।जिससे बाद बिहार सरकार ने 4 सदस्यों की टीम तमिलनाडु भेजी है।वहीं झारखंड सरकार भी अपने मजदूरों को लेकर चिंतित है।

तमिलनाडु में बिहार के लोगों का पिटाई का मामला सामने आने के बाद बवाल मचा हुआ है। कई लोगों की मौत भी बताई जा रही है। वहीं इस मामले पर अब तमिलनाडु से लेकर बिहार तक सियासी बवाल मचा हुआ। जिसके बाद सीएम नीतीश कुमार से लेकर स्टालिन तक इस मामले पर बयान दे चुके हैं। बिहार विधानसभा में हंगामें के बाद सीएम नीतीश कुमार ने जांच के निर्देश देते हुए 4 सदस्यों की टीम को तमिलनाडु भेजा है। टीम ने चेन्नई के डीएम, तमिलनाडु के लेबर डिपार्टमेंट के कमिश्नर और अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की है। बिहार सरकार ने जिन 4 अधिकारियों को भेजा है, उनमें 2 मूल रूप से तमिलनाडु के ही रहने वाले हैं।

दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों में, तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी श्रमिकों पर हमलों के बारे में व्हाट्सएप पर कई फर्जी संदेश शेयर किए गए थे। इसके अलावा कुछ अखबारों में ऐसे खबरें सामने आई थी। इसको लेकर तमिलनाडु और बिहार सरकार ने चेतावनी जारी की थी। इस मामले को लेकर यूपी बीजेपी के प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने एमके स्टालिन और तेजस्वी यादव की फोटो शेयर करते हुए ट्वीट कर लिखा कि बिहार के 12 प्रवासियों को हिंदी में बोलने के लिए तमिलनाडु में फांसी पर लटका दिया गया था। इसके बावजूद बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने स्टालिन के जन्मदिन समारोह में भाग लिया।

बाद में पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप बीजेपी नेता प्रशांत उमराव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। वहीं, एक अखबार के संपादक और एक स्थानीय दैनिक अखबार के मालिक के खिलाफ भी तमिलनाडु में केस दर्ज किया गया है। साथ ही उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक पुलिस टीम का भी गठन किया गया है।

जिसके बाद बिहार विधानसभा में तमिलनाडु में बिहार के लोगों पर कथित हमले को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। हंगामे के बीच डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने सरकार की ओर से सदन में पक्ष रखा।।।

बिहार विधानसभा में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा था कि तमिलनाडु में बिहारियों पर हमला नहीं हुआ है। बीजेपी झूठा अफवाह फैला रही है। उन्होंने आगे सदन में कहा कि तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक ने एक वीडियो बयान जारी कर इसे निराधार बताया है।।

तो वहीं विवाद के बीच बिहार CM नीतीश कुमार ने ट्वीट में बिहारी मजदूरों को लेकर चिंता जाहिर की तो तमिलनाडु के CM एम के स्टालिन भी मुश्किल में पड़ गए।

जिसके बाद सीएम एम के स्टालिन ने एक बयान में कहा कि प्रवासी श्रमिकों को डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई आपको धमकी देता है, तो हेल्पलाइन पर कॉल करें तमिलनाडु सरकार और लोग हमारे प्रवासी भाइयों की रक्षा के लिए खड़े होंगे

इस बीच अब तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने आग्रह करते हुए कहा कि तमिलनाडु में उत्तर भारतीय श्रमिकों से घबराने एवं असुरक्षित महसूस करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा- तमिलनाडु के लोग बहुत अच्छे एवं मिलनसार हैं तथा राज्य सरकार उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

लेकिन तभी तमिलनाडु से बिहार आ रही ट्रेनों में मजदूरों की वापसी हो रही उन मजदूरों का कहना है कि वो होली और घर में शादी की वजह से वापस आ रहा हैं लेकिन जबतक वहां का माहौल ठीक नहीं हो जाता तब तक वो वापसी नहीं करेंगे।

तमिलनाडु की हिंसक घटना के बाद झारखंड सरकार भी सक्रिय हो गई है। सीएम हेमंत सोरेन ने खुद मामले में संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु में फंसे झारखंड के मजदूरों को तत्काल वापस लाने का आदेश अफसरों को दिया है। तमिलनाडु विवाद के बाद लगता है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने डिप्टी सीएम पर भरोसा नहीं है? और वो तेजस्वी यादव के बयानों से सहमत नहीं दिख रहे थे। तभी तो उन्होंने तुरंत ही जांच टीम को तमिलनाडु भेजने का फैसला किया। नीतीश कुमार के एक फैसले इसी फैसले के बाद JDU और RJD के गठबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।

 

Comment

https://manchh.co/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!