Radha Rani को लेकर Pradeep Mishra पर क्यों भड़का Premanand Maharaj का गुस्सा ?

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भगवान श्रीकृष्ण की 16 हजार रानियों में राधा का नाम नहीं है. राधा के पति में श्रीकृष्ण का नाम नहीं है. राधा जी के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद कुटिला थीं. राधाजी बरसाना नहीं, बल्कि रावल गांव की रहने वाली थीं. बरसाने में राधा जी के पिता जी की कचहरी थी. राधा साल में एक बार कचहरी पर जाती थी. इसलिए उसका नाम बरसाना है कि बरस में एक बार आना. राधारानी पर ये बात पंडित प्रदीप मिश्रा ने एक कथा के दौरान कही. जिसके बाद सोशल मीडिया पर दो संतों में जुबानी जंग देखने को मिली है. पंडित प्रदीप मिश्रा की इस टिप्पणी के बाद स्वामी प्रेमानंद महाराज इतना नाराज हो गए उन्होंने ये तक कह दिया कि अगर ऐसे भागवताचार्य से भागवत सुनेंगे तो आपके पुरखे स्वर्ग नहीं नरक में जाएंगे. स्वामी प्रेमानंद यहीं नहीं रुके इसके आगे उन्होंने कहा कि तुम किस राधा की बात करता है. अभी राधा को तुम जानते कहा हो, अगर जान जाओगे तो आंसुओं से वार्ता होती है। प्रेमानंद जी ने कहा कि वो प्रकट हुईं और सदा प्रकट हैं. वो प्रदीप मिश्रा को कहते हैं कि बरसाने कभी गए हो, कभी देखे हो। प्रेमानंद महाराज जी तल्ख लहजे में पूछते हैं कि तुम क्या जानते हो. 

7 दिन के अंदर माफी मांगने की चेतावनी

इतना ही नहीं कथावाचक की टिप्पणी पर कई और भी संतों ने आक्रोश जताया है और 7 दिन के अंदर माफी मांगने की चेतावनी दे डाली है. बता दें कि पंडित प्रदीप मिश्रा एक प्रसिद्ध कथावाचक गायक और आध्यात्मिक गुरु हैं. पंडित मिश्रा की कथाओं को देश-दुनिया के लोग सुनते हैं. प्रदीप मिश्रा के ज्यादातर प्रवचन कथा शिव पुराण से संबंधित होती हैं और पंडित मिश्रा ने कथा वाचन भी शिव पुराण से ही शुरू किया था.

 

सीहोर में है प्रदीप मिश्रा का भव्य आश्रम

मीडिया रिपोर्टस की मानें तो एमपी की राजधानी भोपाल के पास स्थित शहर सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा का आश्रम है. उन्होंने यहां 52 एकड़ में फैले कुबेरेश्‍वर धाम की स्थापना की. एक साधारण परिवार से आने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा तकरीबन 10 साल पहले तक एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे. पिछले कुछ सालों में उन्होंने अपनी कथा और धार्मिक उपायों से काफी लोकप्रियता पाई है. यूट्यूब पर उनके करीब 60 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं. ऐसा दावा किया जाता है कि पंडित प्रदीप मिश्रा के धार्मिक आयोजन में करीब खर्च 1 से डेढ़ करोड़ रुपये तक का खर्च आता है. इसमें उनकी फीस और अन्‍य मद जैसे टेंट-पंडाल, माइक, भंडारा आदि के खर्च शामिल हैं. पंडित प्रदीप मिश्रा और उनके कथावाचन की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी कथा के आयोजन के लिए एडवांस बुकिंग करानी पड़ती है.

स्वामी प्रेमानांद का कानपुर से है गहरा नाता

वहीं, राधारानी के परम भक्त और वृंदावन वाले प्रेमानंद जी महाराज को भला कौन नहीं जानता है. वे आज के समय के प्रसिद्ध संत हैं. यही कारण है कि उनके भजन और सत्संग में दूर-दूर से लोग आते हैं. प्रेमांनद जी महाराज की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है. कहा जाता है कि भोलेनाथ ने स्वयं प्रेमानंद जी महाराज को दर्शन दिए. इसके बाद वे घर का त्याग कर वृंदावन आ गए. प्रेमानंद जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ. प्रेमानंद जी के बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है. इनके पिता का नाम शंभू पांडे और माता का नाम रामा देवी है. सबसे पहले प्रेमानंद जी के दादाजी ने संन्यास ग्रहण किया. साथ ही इनके पिताजी भी भगवान की भक्ति करते थे और इनके बड़े भाई भी प्रतिदिन भगवत का पाठ किया करते थे. प्रेमानंद जी के परिवार में भक्तिभाव का माहौल था और इसी का प्रभाव उनके जीवन पर भी पड़ा. प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि, जब वे 5वीं कक्षा में थे, तभी से गीता का पाठ शुरू कर दिया और इस तरह से धीरे-धीरे उनकी रुचि आध्यात्म की ओर बढ़ने लगी. साथ ही उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान की जानकारी भी होने लगी. जब वे 13 साल के हुए तो उन्होंने ब्रह्मचारी बनने का फैसला किया और इसके बाद वे घर का त्याग कर संन्यासी बन गए. लेकिन इन दिनों प्रेमानंद महाराज ने जो पंडित प्रदीप मिश्रा पर तल्ख तेवर दिखाए है. उसने सबको हैरान करके रख दिया है. सोशल मीडिया पर तो महाराज जी के वीडियोस पर तमाम यूजर्स कमेंट्स कर रहे है. 

 

कानपुर का हूं, 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं, पॉलिटिक्स एनालिसिस पर ज्यादा फोकस करता हूं, बेहतर कल की उम्मीद में खुद की तलाश करता हूं.

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